{"_id":"877c90172b11ae02ce8d62c03e0732e6","slug":"artificial-rocket-launching-for-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृत्रिम राकेट से प्रमाणित किए न्यूटन के नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृत्रिम राकेट से प्रमाणित किए न्यूटन के नियम
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sat, 08 Feb 2014 02:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द गुरुकुल पंचकूला में एयरस्पेस एंड साइंस डिस्कवरी कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान नासा से संबंधित कंपनी एटलांटिस के ट्रेनर सैम गिब्स ने छात्र-छात्राओं को विज्ञान से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी और बच्चों के साथ मिलकर कुछ प्रयोग भी पेश किए। स्कूल परिसर से एक कृत्रिम रॉकेट भी बनाकर प्रक्षेपित किया गया, जिसके जरिए स्टूडेंट्स के सामने न्यूटन के गति के नियमों को प्रमाणित किया गया।
स्कूल के डायरेक्टर संजय थरेजा के मुताबिक, स्टूडेंट्स को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े पहलुओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इससे उनमें अंतरिक्ष विज्ञान की कई अहम जानकारियां मिली, जो उनके बेहतर भविष्य बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। दुनिया के कई देशों में विज्ञान के बारे में बच्चों को रूबरू करा चुके ऑस्ट्रेलियाई साइंस एजुकेटर सैम गिब्स ने स्पेशल हाई डेफिनेशन और इंटरेक्टिव प्रेजेंटेशन के जरिये सोलर सिस्टम की जानकारियां दी और बच्चों ने वर्चुअल सोलर सिस्टम की सैर की।
विज्ञापन
इस दौरान गिब्स ने बच्चों के सिर पर ग्लास रखकर ध्वनि तरंगों के सीधे रेखा में गमन करने और गर्म हवा से भरे गुब्बारे को हवा छोड़कर दिखाया कि कैसे मौसम में होने वाले बदलाव का आकलन किया जा सकता है। गिब्स ने बच्चों को इलेक्ट्रोमैगभनेटिक स्पेक्ट्रम के बारे में भी बताया।
स्कूल की प्रिंसिपल हरसिमरन कौर ने कहा कि हरेक बच्चे के लिए नासा की यात्रा करना मुश्किल है, लेकिन विज्ञान के प्रयोगों के जरिये बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारियों से रूबरू होने का मौका मिला। यह बच्चों के कैरियर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
विज्ञापन
स्कूल के डायरेक्टर संजय थरेजा के मुताबिक, स्टूडेंट्स को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े पहलुओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
इससे उनमें अंतरिक्ष विज्ञान की कई अहम जानकारियां मिली, जो उनके बेहतर भविष्य बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। दुनिया के कई देशों में विज्ञान के बारे में बच्चों को रूबरू करा चुके ऑस्ट्रेलियाई साइंस एजुकेटर सैम गिब्स ने स्पेशल हाई डेफिनेशन और इंटरेक्टिव प्रेजेंटेशन के जरिये सोलर सिस्टम की जानकारियां दी और बच्चों ने वर्चुअल सोलर सिस्टम की सैर की।
विज्ञापन
इस दौरान गिब्स ने बच्चों के सिर पर ग्लास रखकर ध्वनि तरंगों के सीधे रेखा में गमन करने और गर्म हवा से भरे गुब्बारे को हवा छोड़कर दिखाया कि कैसे मौसम में होने वाले बदलाव का आकलन किया जा सकता है। गिब्स ने बच्चों को इलेक्ट्रोमैगभनेटिक स्पेक्ट्रम के बारे में भी बताया।
स्कूल की प्रिंसिपल हरसिमरन कौर ने कहा कि हरेक बच्चे के लिए नासा की यात्रा करना मुश्किल है, लेकिन विज्ञान के प्रयोगों के जरिये बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारियों से रूबरू होने का मौका मिला। यह बच्चों के कैरियर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।