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550वां प्रकाश पर्वः करतारपुर साहिब में रुकने की अनुमति नहीं होगी, कुछ ऐसी होंगी व्यवस्थाएं
Tue, 29 Oct 2019 11:56 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Oct 2019 11:56 AM IST
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यहां से पाकिस्तान में प्रवेश करेगी संगत
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550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को दरबार साहिब में रुकने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा भी कई नियम होंगे। जैसे पाकिस्तान सरकार ने श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए हर रोज आने वाले पांच हजार तीर्थयात्रियों की सुविधा और तीव्र निकासी के लिए करतारपुर कॉरिडोर के मुख्य टर्मिनल भवन में 80 इमीग्रेशन (आप्रवासन) काउंटर स्थापित किए हैं।
इन काउंटर में तैनात अधिकारियों पर यात्रियों के पासपोर्ट की जांच के साथ-साथ उन्हें गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए एक यात्रा कार्ड जारी करने की भी जिम्मेदारी होगी। पाक की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) इसी काउंटर से भारत सरकार द्वारा भेजी गई यात्रियों की सूची की जांच करेगी। वहीं एफआईए दस दिन पहले भारतीय सीमा सुरक्षा बल को भारतीय तीर्थयात्रियों की निकासी की सूची भेजेगी।
पाकिस्तान ने मुख्य टर्मिनल में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए हैं। तीर्थयात्रियों के पास उनके आगमन पर स्कैन किए गए पासपोर्ट होंगे। यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान रेंजर्स के दस्ते के साथ विशेष बसों में गुरुद्वारा दरबार साहिब ले जाया जाएगा। तीर्थयात्री गुरुद्वारा दरबार साहिब में प्रवेश करने से पहले बायोमीट्रिक स्क्रीनिंग से गुजरेंगे। साथ ही यात्री उसी गेट से बाहर निकल पाएंगे जिस गेट से उनके दस्तावेज की जांच की गई थी।
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पाकिस्तान सरकार ने जिस तीर्थयात्री का पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट में रखा होगा, उसे दर्शन करने की आज्ञा नहीं होगी। श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम 5 बजे वापसी करनी होगी। किसी भी तीर्थयात्री को दरबार साहिब में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए श्री दरबार साहिब से चार किलोमीटर दूर जीरो प्वाइंट पर एक इमिग्रेशन हाल (आव्रजन हॉल) बनाया गया है।
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इन काउंटर में तैनात अधिकारियों पर यात्रियों के पासपोर्ट की जांच के साथ-साथ उन्हें गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए एक यात्रा कार्ड जारी करने की भी जिम्मेदारी होगी। पाक की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) इसी काउंटर से भारत सरकार द्वारा भेजी गई यात्रियों की सूची की जांच करेगी। वहीं एफआईए दस दिन पहले भारतीय सीमा सुरक्षा बल को भारतीय तीर्थयात्रियों की निकासी की सूची भेजेगी।
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पाकिस्तान ने मुख्य टर्मिनल में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए हैं। तीर्थयात्रियों के पास उनके आगमन पर स्कैन किए गए पासपोर्ट होंगे। यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान रेंजर्स के दस्ते के साथ विशेष बसों में गुरुद्वारा दरबार साहिब ले जाया जाएगा। तीर्थयात्री गुरुद्वारा दरबार साहिब में प्रवेश करने से पहले बायोमीट्रिक स्क्रीनिंग से गुजरेंगे। साथ ही यात्री उसी गेट से बाहर निकल पाएंगे जिस गेट से उनके दस्तावेज की जांच की गई थी।
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पाकिस्तान सरकार ने जिस तीर्थयात्री का पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट में रखा होगा, उसे दर्शन करने की आज्ञा नहीं होगी। श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम 5 बजे वापसी करनी होगी। किसी भी तीर्थयात्री को दरबार साहिब में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए श्री दरबार साहिब से चार किलोमीटर दूर जीरो प्वाइंट पर एक इमिग्रेशन हाल (आव्रजन हॉल) बनाया गया है।
यात्रियों से 20 डॉलर लेने की जिम्मेदारी पाक रेंजर पर
मुख्य टर्मिनल में स्थापित किए गए अलग-अलग विभागों के काउंटर के लिए पाकिस्तान सरकार ने 169 निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों, कांस्टेबलों और महिला कांस्टेबल के अलावा दो सहायक निदेशक और एक उप निदेशक की नियुक्ति की है। पाकिस्तान रेंजर्स के अधिकारी जीरो प्वाइंट पर प्रत्येक तीर्थयात्री से 20 डॉलर लेंगे। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए, श्री दरबार साहिब से चार किलोमीटर दूर जीरो प्वाइंट पर एक इमिग्रेशन हाल (आव्रजन हॉल) बनाया गया है।
अधिकतम 5 हजार तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी और उन्हें उसी दिन शाम 5 बजे वापसी करनी होगी। किसी भी तीर्थयात्री को दरबार साहिब में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरने के बाद तीर्थयात्रियों को फिर से प्रवेश के लिए किसी भी प्रतिबंध के अधीन नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तानी सिखों के लिए भी बायोमैट्रिक सिस्टम
फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के आव्रजन कर्मचारी प्रवेश और निकास टिकटों के साथ तीर्थयात्रियों के पासपोर्ट को चिन्ह्ति करेंगे। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले पाकिस्तानी सिखों के लिए एक अलग गेट भी बनाया गया है। पाकिस्तानी सिख भी सुरक्षा प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में बायोमैट्रिक सत्यापन से भी गुजरेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 9 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर गलियारे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
अधिकतम 5 हजार तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी और उन्हें उसी दिन शाम 5 बजे वापसी करनी होगी। किसी भी तीर्थयात्री को दरबार साहिब में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरने के बाद तीर्थयात्रियों को फिर से प्रवेश के लिए किसी भी प्रतिबंध के अधीन नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तानी सिखों के लिए भी बायोमैट्रिक सिस्टम
फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के आव्रजन कर्मचारी प्रवेश और निकास टिकटों के साथ तीर्थयात्रियों के पासपोर्ट को चिन्ह्ति करेंगे। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले पाकिस्तानी सिखों के लिए एक अलग गेट भी बनाया गया है। पाकिस्तानी सिख भी सुरक्षा प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में बायोमैट्रिक सत्यापन से भी गुजरेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 9 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर गलियारे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।