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Chandigarh News: छुट्टी के दिन तोड़फोड़ से भड़के आढ़ती, आज बंद रहेगी सेक्टर-26 की मंडी
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चंडीगढ़। सेक्टर-26 की मंडी में सोमवार को छुट्टी के दिन एस्टेट ऑफिस के तोड़फोड़ से आढ़तियों में नाराजगी बढ़ गई है। आरोप है कि इंफोर्समेंट विंग ने आठ शोरूम के आगे और पीछे लगे शेड को जेसीबी से तोड़ दिया। दुकानदारों को कोई नोटिस दिए बिना तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। कारण पूछने पर मौके के अधिकारियों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल दी। आढ़तियों ने इसके विरोध में मंगलवार को मंडी बंद रखने की घोषणा की है। कहा है कि जिस अधिकारी ने ऐसा किया है, उसके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा। सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बृजमोहन ने बताया कि सोमवार को सुबह 11:00 बजे एस्टेट ऑफिस की इंफोर्समेंट की टीम पहुंची तो उन्होंने मौके पर अधिकारियों से बात की और उन्हें स्थिति के बारे में बताया। इसके बाद टीम आगे चली गई और मंडी के अंदर अवैध रूप से बनी झुग्गियों पर कार्रवाई की। शाम को अचानक 3:30 बजे उनके पास फोन आया कि टीम ने शोरूमों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है और जेसीबी की मदद से शोरूम के आगे और पीछे बने अस्थायी शेड को तोड़ा जा रहा है। बृजमोहन ने बताया कि यह शेड आढ़तियों ने अपने पैसे से सामान को ढकने के लिए बनाए थे। इसकी मंजूरी कई बैठकों में प्रशासन के अधिकारियों ने ही दी थी। अधिकारियों ने ही कई बार कहा था कि वह एक जैसे शेड बना सकते हैं। कहा कि छुट्टी के दिन की गई इस तोड़फोड़ से कई किसानों का सामान शेड के नीचे दब गया। काफी फल भी खराब हो गए। लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आढ़ती मार्केट फीस देते हैं। अन्य कई तरह के टैक्स भरते हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर उनके साथ तानाशाहीपूर्ण रवैया किया जा रहा है। बृजमोहन ने कहा कि आढ़तियों में प्रशासन की इस कार्रवाई से काफी नाराजगी है। सभी ने फैसला किया है कि मंगलवार को मंडी पूरी तरह से बंद रखेंगे। वह हर्जाना की मांग करेंगे और जिसकी गलती से इतना भारी नुकसान हुआ है, उस पर केस भी दर्ज कराएंगे।
दुकानदारों ने मंडी में हुई तोड़फोड़ पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले 30-40 सालों में शहर की जनसंख्या बढ़ने के बावजूद मंडी का विस्तार नहीं हुआ, जिससे जगह की कमी और अव्यवस्थाएं बढ़ गई हैं। दुकानदारों का आरोप है कि यह प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता है, जो समय रहते मंडी के विस्तार और आवश्यक सुधारों पर ध्यान नहीं दे पाए। कहा कि कई वर्षों से सेक्टर-39 में मंडी को शिफ्ट करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इन्हीं से तंग आकर पहले सेब मंडी पिंजौर जा चुकी है। प्रशासन को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। यही हाल रहा तो बाकी भी धीरे-धीरे शहर से चले जाएंगे।
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दुकानदारों ने मंडी में हुई तोड़फोड़ पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले 30-40 सालों में शहर की जनसंख्या बढ़ने के बावजूद मंडी का विस्तार नहीं हुआ, जिससे जगह की कमी और अव्यवस्थाएं बढ़ गई हैं। दुकानदारों का आरोप है कि यह प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता है, जो समय रहते मंडी के विस्तार और आवश्यक सुधारों पर ध्यान नहीं दे पाए। कहा कि कई वर्षों से सेक्टर-39 में मंडी को शिफ्ट करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इन्हीं से तंग आकर पहले सेब मंडी पिंजौर जा चुकी है। प्रशासन को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। यही हाल रहा तो बाकी भी धीरे-धीरे शहर से चले जाएंगे।
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