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सबकी लाडली अनामिका बनेगी एनआरआई
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Thu, 20 Feb 2014 01:24 PM IST
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कालका रेलवे क्वार्टर के पास 26 जनवरी को मिली अनामिका एनआरआई बनेगी। सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल के निकू वार्ड मे उपचाराधीन अनामिका से मिलने पिछले सोमवार को एक ज्योतिष पहुंचे और उन्होंने यह दावा किया।
अब अस्पताल के स्टाफ के बीच यह चर्चा आम हो गई और उन्हें इस बात की खुशी है कि जिस लावारिस बच्ची को उन्होंने अपनों की तरह पाला, उसे अच्छी जिंदगी मिलेगी।
अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति बीते सोमवार को अस्पताल पहुंचे और अनामिका से मिलने की इच्छा जताई।
उससे मिलने के बाद वह दो मिनट तक उसकी ललाट देखते रहे और बाद में दावा किया कि वह एनआरआई बनेगी।
जब नर्सों ने उनका परिचय पूछा तो वह पहचान बताने से इनकार कर गए और जाते समय बच्ची को शगुन के तौर परपांच सौ रुपये भी देने लगे, लेकिन स्टाफ ने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए वार्ड से चले गए।
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भरने लगा है बच्ची के पांव का जख्म
अब अनामिका के दाहिने पैर का जख्म भरने लगा है। उसकी रोजाना ड्रेसिंग की जा रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. रोहित ने बताया कि प्लेटलेट्स और शुगर लेवल लगातार नार्मल आने की वजह से खुराक के साथ-साथ उसका वजन भी बढ़ने लगा है। दाहिने पांव का जख्म बड़ा है, लेकिन वह भी धीरे-धीरे भर रहा है।
इसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों बाद एंटीबायटिक भी बंद कर दी जाएगी।
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अब अस्पताल के स्टाफ के बीच यह चर्चा आम हो गई और उन्हें इस बात की खुशी है कि जिस लावारिस बच्ची को उन्होंने अपनों की तरह पाला, उसे अच्छी जिंदगी मिलेगी।
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अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति बीते सोमवार को अस्पताल पहुंचे और अनामिका से मिलने की इच्छा जताई।
उससे मिलने के बाद वह दो मिनट तक उसकी ललाट देखते रहे और बाद में दावा किया कि वह एनआरआई बनेगी।
जब नर्सों ने उनका परिचय पूछा तो वह पहचान बताने से इनकार कर गए और जाते समय बच्ची को शगुन के तौर परपांच सौ रुपये भी देने लगे, लेकिन स्टाफ ने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए वार्ड से चले गए।
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भरने लगा है बच्ची के पांव का जख्म
अब अनामिका के दाहिने पैर का जख्म भरने लगा है। उसकी रोजाना ड्रेसिंग की जा रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. रोहित ने बताया कि प्लेटलेट्स और शुगर लेवल लगातार नार्मल आने की वजह से खुराक के साथ-साथ उसका वजन भी बढ़ने लगा है। दाहिने पांव का जख्म बड़ा है, लेकिन वह भी धीरे-धीरे भर रहा है।
इसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों बाद एंटीबायटिक भी बंद कर दी जाएगी।