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अमृतसर ब्लास्टः सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- हमलावर जल्दी पकड़े जाएंगे और कड़ी सजा दी जाएगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 19 Nov 2018 04:30 PM IST
कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के अमृतसर जिले में राजासांसी स्थित निरंकारी भवन पर आतंकी हमला करने वाले सीसीटीवी मैं कैद हो गए, उनकी तस्वीरें सामने आई हैं। यहां पढ़ें हमले से जुड़े हर अपडेट...

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अमृतसर ब्लास्टः घटनास्थल का दौरा करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे। उनके साथ मंत्री नवजोत सिद्धू भी नजर आए। घटनास्थल का दौरा करने और पीड़ितों से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जांच चल रही है। पुलिस के हाथ कुछ सुराग लगे हैं, जिन्हें आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है। हमलावर जल्दी ही पुलिस की गिरफ्तार में होंगे। सभी घायल खतरे से बाहर हैं। बिल्कुल साफ है कि यह एक आतंकी घटना है और हमारी सरकार व पुलिस इसे उसी तरह डील करेगी।

 


अमृतसर में हुए आतंकी हमले की हम निंदा करते हैं। पीड़िता लोगों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। पिछले चार साल में किसी भी शहर में ऐसा कोई हमला नहीं हुआ था, पठानकोट और उरी हमले को छोड़ दें तो। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
- किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री
 
अमृतसर में निरंकारी भवन पर आतंकी हमले के लेकर दिल्ली में हाई लेवल की मीटिंग चल रही है। इसकी अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। मीटिंग में आईबी, रॉ और कई अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
 
आईजी सुरिंदर सिंह परमार ने कहा कि आतंकी हमले की जांच कहां तक पहुंची और अब तक क्या पता चला, इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते। यह सब एनआईए, सीएम और डीजीपी ही जानते हैं। हम आदेशों से बंधे हुए हैं। अभी तक हमने आरोपियों के किसी तरह के स्केच जारी नहीं किए हैं।
 
 

हमलावरों का सुराग देने वाले को इनाम की घोषणा

अमरिंदर सिंह
अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में निरंकारी भवन पर हमला करने वालों का सुराग देने वालों को इनाम देने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि जो शख्स हमलावरों के बारे में बताएगा, उसे 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। मेरी लोगों से अपील है कि वे इसे गंभीरता से लें और आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करें। इस संबंध में कोई भी सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 181 पर दे सकते हैं।
 
एनआईए की टीम जांच करने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई है। टीम की अगुवाई मुकेश सिंह कर रहे हैं। तीन सदस्यीय टीम देर रात भी घटनास्थल पर गई थी और छानबीन की थी। उसके बाद मामले को लेकर टीम ने डीजीपी और डीजी इंटेलीजेंस से भी बातचीत की।
- मीडिया एडवाइजर, पंजाब सीएम बता दें कि हाई अलर्ट के बावजूद राजासांसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर स्थित गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी भवन पर आतंकी हमला हो गया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं। वारदात को गर्म चादर लपेटे दो लोगों ने सुबह करीब 11.15 बजे उस समय अंजाम दिया, जब निरंकारी भवन में 200 लोग सत्संग कर रहे थे। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।

मृतकों की पहचान संदीप सिंह निवासी राजासांसी, सुखदेव कुमार निवासी मीराकोट और कुलदीप सिंह निवासी बागांकलां के तौर पर हुई है। डीजीपी ने घटना को आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमला एक समाज के लोगों पर हुआ है और यह देश विरोधी लोगों की साजिश है। घटना के बाद एरिया में नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी गई। प्रदेश भर में हाईअलर्ट जारी करके तस्वीरों के आधार पर हमलावरों की तलाश में छोपमारी की जा रही है।

 

सेना प्रमुख पर दिए विवादित बयान पर 'आप' नेता फुल्का का यूटर्न

आप नेता एचएस फूल्का
आप नेता एचएस फूल्का
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत पर दिए विवादित बयान पर 'आप' नेता एच एस फुल्का ने यूटर्न ले लिया है और सफाई पेश करते हुए एक और बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को गलत समझा गया है। प्लीज पूरा वीडियो ध्यान से देखें, मेरा बयान कांग्रेस के खिलाफ था, न कि आर्मी चीफ के खिलाफ। यह बयान अनजाने में दिया गया था और इसके लिए मुझे खेद है।
 
पंजाब में कांग्रेस विधायक राजकुमार वेरका ने सेनाप्रमुख पर एचएस फुल्का के बयान की आलोचना की और कहा कि उन्होंने किसके कहने पर ऐसा बयान दिया है। क्या केजरीवाल इसका जवाब देंगे। क्या केजरीवाल, फुल्का के इस बयान से सहमत हैं। भारतीय सेना के खिलाफ इस तरह के शब्द बोलना अनुचित है। कोई भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके जवाब में हम 'आप' नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
 
'आप' नेता सजय सिंह का कहना है कि एच एच फुल्का को अपने दिए बयानपर खेद है। उन्हें बिना सोचे दिए हुए इस बयान के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। वे पिछले कई साल के 1984 के दंगा पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए। उन्हें इस तरह टारगेट करना ठीक नहीं है।

 
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