Amritsar: पंजाब पुलिस ने सुलझाई अमृतसर के तीनों धमाकों की गुत्थी, पांच लोग गिरफ्तार, एक किलो विस्फोटक भी बरामद
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पास बुधवार की मध्यरात्रि को एक बार फिर जोरदार धमाका हो गया था। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज तीन सौ मीटर दूरी तक सुनाई दी। बुधवार और वीरवार की मध्यरात्रि करीब 12.40 बजे हुआ यह धमाका पहले दो धमाकों वाली बिल्कुल विपरीत दिशा में हुआ था।
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डीजीपी गौरव यादव ने गुरुवार को कमिश्नरेट पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि आरोपी आजादबीर सिंह निवासी वडाला कलां, बाबा बकाला और अमरीक सिंह निवासी गुरदासपुर मुख्य आरोपी हैं। जिन्होंने पहले पटाखे बनाने वाला मैटिरियल खरीदा और उसमें पत्थर भरकर ट्रायल किया। इसमें सफल होने के बाद उन्होंने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर क्लोराइड एंड ब्रोमाइट्स के बीच सल्फर मिला कर आईईडी तैयार की। आजादबीर सिंह और अमरीक सिंह ने 88 फुट रोड निवासी धर्मेंद्र और हरजीत सिंह के जरिए अन्नगढ़ में पटाखा बनाने वाले (लाइसेंसी) साहिब सिंह उर्फ साबा से पटाखे बनाने वाला मैटिरियल खरीदा और बम बनाने शुरू कर दिए। साहिब ने विस्फोटक आरोपी हरजीत सिंह को दिया, जिसे आगे आजादबीर सिंह तक पहुंचाया।
डीजीपी ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी में एसजीपीसी की टास्क फोर्स व एसजीपीसी अध्यक्ष की भूमिका काफी सराहनीय रही है। एसजीपीसी के सीसीटीवी सर्वेलांस के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। उन्होंने बताया कि हैरिटेज स्ट्रीट और इसके आस-पास के एरिया से उठाए मोबाइल डंप से पुलिस को आरोपियों के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। मोबाइल काल डंप उठाने के बाद ही आरोपियों की लोकेशन का पता चला था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने ट्रायल करने के बाद पहली आईईडी श्री गुरु रामदास सराय में असेंबल की थी। एक्सप्लोसिव को दो एनर्जी ड्रिंक में पॉलीथीन के लिफाफे में करीब 200 ग्राम विस्फोटक भर कर छह मई की रात को एक मोटे धागे के साथ लटका दिया था। इस दौरान मध्यरात्रि करीब 11.30 बजे किसी अनजान व्यक्ति द्वारा ऐसे ही इस धागे को खींचे जाने पर विस्फोट हो गया।
आजादबीर सिंह को लगा कि इस धमाके का असर कम हुआ है। इसके बाद उसने मैटेलिक कटोरियों को जोड़ कर उनमें विस्फोटक भर कर दूसरा बम धमाका करने के लिए आठ मई की सुबह पार्किंग स्थल पर रखा और वहां से निकल गया। इसके बाद वहां से निकलने वाले अन्य व्यक्ति ने उस धागे को देखा तो खींचने पर धमाका हो गया। जबकि बुधवार और वीरवार की मध्यरात्रि करीब 12 बज कर दस मिनट पर श्री गुरु रामदास सराय के बाथरूम के अंदर से पिछली तरफ विस्फोट किया गया।
दो मई से ही सराय में ठहरे थे आरोपी
बताया जा रहा है कि बम धमाकों के मामले में गिरफ्तार किए गए उक्त पांचों आरोपी दो मई से श्री गुरु रामदास सराय में ठहरे थे। पुलिस को कमरे के अंदर से एक पत्र भी मिला है। सराय में रहते हुए आरोपियों ने बम तैयार किए और अलग-अलग समय के दौरान बम धमाके किए। इस बाबत पूछे जाने पर डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह जांच का मामला है, अभी इसमें कुछ नहीं कह सकते।
एसआईटी करेगी जांच : डीजीपी
डीजीपी गौरव यादव ने बम धमाकों में हुई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कमिश्नर को एसआईटी बनाकर इसमें जांच के आदेश दिए हैं। एसआईटी में कौन-कौन अधिकारी शामिल होंगे, अभी इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने श्री हरमंदिर साहिब के पास हुए तीन अलग-अलग बम धमाकों की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जत्थेदार ने कहा कि इन घटनाओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। अगर पहले दिन से ही सरकार सख्ती अपनाती तो बुधवार की रात को तीसरा धमाका न होता। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और एसजीपीसी ने भी मामले में आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की मदद की है। यह एक बढ़िया कदम है उन्होंने कहा कि सिख संगत और सारी दुनिया के सामने सरकार को ये जरूर स्पष्ट करना चाहिए कि इन घटनाओं को अंजाम देने के पीछे कौन लोग हैं और वह अपने कौन से हितों की पूर्ति करना चाहते हैं।