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मंत्री की कुर्सी पर पति का नहीं चलेगा राज, जानिए कैप्टन ने क्या कहा

Fri, 24 Mar 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 24 Mar 2017 09:26 AM IST
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amrinder will speak with aruna chaudhry on husband's interference
कैप्टन अमरिंदर सिंह
दस साल बाद पंजाब में कांग्रेस सत्ता में तो आ गई है। लेकिन सरकार में महिला मंत्री ने कैप्टन के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। मंत्री बनीं पत्नी का सारा कामकाज पति अशोक चौधरी को देखना, कैप्टन को रास नहीं आया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से अपने मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री अरुणा चौधरी का सरकारी कामकाज उनके पति के किए जाने के मामले को गंभीरता से लिए जाने पर अरुणा चौधरी और मंत्रिमंडल में शामिल दूसरी महिला राज्य मंत्री रजिया सुल्ताना के लिए स्वतंत्र रूप से काम करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
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मुख्यमंत्री ने वीरवार को साफ कर दिया कि अगर किसी महिला मंत्री के काम में उनके पति दखल दे रहे हैं तो यह गलत है और अनदेखा भी नहीं किया जा सकता।

दरअसल, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सत्ता संभालने के बात अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही सूबे में महिलाओं को नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण और निकाय चुनावों में 50 फीसदी आरक्षण देने का एलान कर यह साबित करने का प्रयास किया कि उनकी सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के प्रति गंभीर है। हालांकि, उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में दो महिलाओं को शामिल करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा ही दिया। 
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मंत्री की कुर्सी से पति का आदेश

amrinder will speak with aruna chaudhry on husband's interference
बेगम भईं कोतवाल, अब डर काहे का - फोटो : अमर उजाला
अभी सरकार बने करीब दस दिन ही बीते हैं कि कैप्टन सरकार की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर पानी फिरता दिखाई देने लगा है। राज्यमंत्री अरुणा चौधरी पंजाब सिविल सचिवालय में अपने आफिस में तो उपस्थित रहीं, लेकिन उनसे मिलने के लिए आने वाले लोगों और विभाग के अफसरों से डीलिंग अरुणा चौधरी के पति ही करते दिखाई दिए। 

हालत यह रही कि राज्यमंत्री के रूप में अरुणा चौधरी की कुर्सी के समानांतर ही आफिस में उनके पति की भी कुर्सी लग गई और सारा कामकाज अरुणा चौधरी के पति ने संभाल लिया।  इससे पहले, लगभग ऐसा ही नजारा राज्यमंत्री रजिया सुल्ताना के आफिस में दिखाई दिया था। रजिया ने जिस दिन अपना आफिस संभाला, वहां सभी लोगों और संबंधित विभाग के अधिकारियों का परिचय रजिया के पति ही कर रहे थे और उन्होंने ही विभाग के अफसरों को दिशा-निर्देश भी जारी किए। जाहिर है, रजिया सुल्ताना के आफिस संभालने में उनके कामकाज में भी पति की दखलअंदाजी सामने आती।

लेकिन अरुणा चौधरी के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद माना जा रहा है कि उक्त दोनों महिला राज्य मंत्रियों के पति संभवत: अब सचिवालय में दिखाई नहीं देंगे और महिला मंत्री स्वतंत्र रूप से अपने विभागों का काम देख सकेंगी। वीरवार को इस संबंध में अरुणा चौधरी के अलावा रजिया सुल्ताना और उनके पति से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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