'कोई दिल्ली से जीतने आता है, कोई जीतने के बाद दिल्ली चला जाता है'
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अमृतसर लोकसभा चुनाव में वित्त मंत्री अरुण जेटली के हारने के बाद विधानसभा चुनाव के साथ साथ लोकसभा सीट का उपचुनाव भी भाजपा के लिए साख का सवाल बन गया है।
यही कारण है कि विधानसभा चुनाव के लिए वोट मांगने से पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र मोहन सिंह छीना के लिए वोटों की अपील की।
उन्होंने पहले मंच पर छीना को प्रोजेक्ट किया उसके बाद विधानसभा के अकाली भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। गुरु की नगरी को प्रणाम करने के साथ ही शाह ने आप कनवीनर अरविंद केजरीवाल और अमृतसर संसदीय सीट छोड़ चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा।
दोनों नेताओं को बाहरी की संज्ञा देते हुए शाह ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वे पंजाब में मुख्यमंत्री बनने का सपना संजोए बैठे है। यह सपना पूरा नहीं होगा क्योंकि पंजाब को प्रकाश सिंह बादल के नाम से जाना जाता है न कि किसी बाहरी व्यक्ति के नाम से।
उन्होंने कैप्टन पर निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन को अमृतसर की जनता ने लोकसभा में भेजा था, लेकिन उनकी मुख्यमंत्री बनने की लालसा ने उन्हें यहां से पीठ दिखाकर भागने को मजबूर कर दिया।
पंजाब चुनाव देश की सुरक्षा का सवाल
पहले उन्होंने सांसद बनना चाहा तो पंजाब की जनता ने उन्हें बनाया। अब वे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे अमृतसर में झांकने तक नहीं आए।
उन्होंने कहा कि कोई यहां दिल्ली से आकर सीएम बनने का ख्वाब देख रहा है तो कोई जीतने के बाद दिल्ली चला जाता है। स्थिति यह है कि अमृतसर की जनता ने कैप्टन की हाजिरी रजिस्टर में गैरहाजिर लिख दिया है।
पंजाब चुनाव देश की सुरक्षा का सवाल
अमित शाह ने पंजाब के चुनाव को देश की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ पंजाब का चुनाव नहीं है। यह देश की सुरक्षा का चुनाव है। पाकिस्तान से सटे इस सूबे में भाईचारा भाजपा अकाली गठबंधन ही बना सकता है। मैं पंजाब से नहीं हूं उसके बावजूद यहां के नाम शहीदों की सूची में देख कर सीना चौड़ा हो जाता है।
पंजाब के लिए लुभावने वादे
शाह ने कहा कि अमृतसर पहला ऐसा शहर है जो हेरिटेज के साथ स्मार्ट सिटी बनने की राह पर अग्रसर है। हजारों करोड़ का केंद्र सरकार का बजट पंजाब के विकास का इंतजार कर रहा है। अब पंजाब के लोगों को तय करना होगा कि पंजाब का सरदार कौन होगा। बाहरी व्यक्ति या फिर यहां का स्थानीय नेता जो जनता के बीच रहे।