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पीजीआई में एंबुलेंस रैकेट: विभिन्न विभागों के 7 कर्मचारी गिरफ्तार

Thu, 09 Jun 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Jun 2016 01:55 AM IST
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Ambulances racket in PGI: 7 PGI employee arrested in chandigarh
पीजीआई में एंबुलेंस रैकेट: 7 कर्मी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

पीजीआई में फर्जी एंबुलेंस रैकेट मामले में पीजीआई के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन सिक्योरिटी गार्ड, तीन शव बांधने वाले और एक मोर्चरी में तैनात कर्मचारी है। ये लोग ट्रांसपोर्टरों को मृतकों की सूचना मुहैया करवाते थे।

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 बुधवार को सेक्टर 11 थाना पुलिस ने पीजीआई में  दौड़ रही अवैध एंबुलेंसों के मामले में पीजीआई के सात कर्मचारियों को काबू किया। डीएसपी सेंट्रल सतीश कुमार ने बताया कि  पकड़े गए खुड्डा लाहौरा निवासी विनोद कुमार (41), शशि (34), गुरकिरपाल (40)  पीजीआई में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात थे।  जबकि अश्विनी (38), तीरथपाल (34) और अश्विनी (26) शव बांधने का काम करते थे। इसके अलावा सातवां आरोपी विक्की (35) मोर्चरी में पिछले 16 साल से तैनात था। उन्होंने बताया कि इन सभी आरोपियों को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
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सबका अलग अलग था कमीशन 
पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध एंबुलेंस संचालक सूचना देने पर सिक्योरिटी गार्डों को एक रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से देते थे। इसी तरह शवों को बांधने वाले जब सूचना देते थे तो उनको 200 से 500 रुपये मिलते थे। जबकि मोर्चरी कर्मचारी विक्की को प्रत्येक शव की सूचना पर 500 रुपये कमीशन दी जाती थी।

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दो ट्रांसपोर्टरों गगनदीप सिंह मान उर्फ फौजी और सत्ती फरार

Ambulances racket in PGI: 7 PGI employee arrested in chandigarh
पीजीआई में एंबुलेंस रैकेट: 7 कर्मी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

पुलिस ने बताया कि फर्जी एंबुलेंस चलाने के मामले की जांच में दो ट्रांसपोर्टरों गगनदीप सिंह मान उर्फ फौजी और सत्ती का नाम सामने आया। दोनों अवैध एंबुलेंस शहर में छोड़कर फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि  पुलिस ने 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दो पीड़ितों के बयान दर्ज करवाने के बाद ही सातों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।

ऐसे हुआ था भंडाफोड़
पुलिस ने दो जून को पीजीआई के ही माता मनसा देवी भंडारा कमेटी के एंबुलेंस चालकों द्वारा  मारपीट की शिकायत पर तीन एंबुलेंस चालकों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के बाद पीजीआई में दौड़ रहीं तीन अवैध एंबुलेंस जब्त की गई थीं। उसके बाद पुलिस ने अब तक 14 अवैध एंबुलेंस कब्जे में ली हैं। पुलिस ने रेड क्रास सोसाइटी के डाक्टर अश्विनी खन्ना की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।

मनमाना किराया वसूलते थे
पुलिस ने बताया कि ये फर्जी एंबुलेंस चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर शव ले जाने के लिए लोगों से दो से तीन गुना किराया वसूलते थे। इन चालकों के शिकार हुए ज्यादातर लोग बाहर के होते थे, इसीलिए इस मामले में आज तक  पुलिस में कभी  लिखित शिकायत नहीं दी गई। 

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