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चंडीगढ़ में कोरोना महामारी के बीच रक्तदाताओं ने किया 'महादान', 91 लोगों ने किया ब्लड डोनेट
Fri, 02 Oct 2020 09:57 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 02 Oct 2020 09:57 AM IST
सार
- राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर लगाया गया ब्लड डोनेशन कैंप, कई लोग पहुंचे
- अमर उजाला फाउंडेशन व श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया सहयोग
- चंडीगढ़ ही नहीं पचंकूला और मोहाली से भी पहुंचे रक्तदाता, दिखाया जोश जुनून
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रक्तदान शिविर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन व श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से वीरवार को सेक्टर-17 ब्रिज मार्केट व नीलम थिएटर के पास रक्तदान शिविर लगाया गया। इस दौरान 108 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 91 लोग ही रक्तदान कर सके। कैंप का उद्घाटन पीयू के पूर्व वाइस चांसलर डा. आरसी सोबती, पीजीआई ब्लड बैंक के एचओडी आरआर शर्मा व ब्लड बैंक के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुचेत सहदेव ने किया।
श्री शिव कांवड़ महासंघ के प्रधान राकेश संगर ने बताया कि कोरोना महामारी में इतने रक्तदानियों का आना इस बात की गवाही है कि शहरवासियों में रक्तदान करने का एक अलग ही जज्बा है। रक्तदान के लिए कोई पंचकूला के गांव से आया था तो कोई बलटाना से। इस समय कालेज, छात्रावास व शिक्षण संस्थान सब बंद चल रहे हैं। इन संस्थानों के बंद होने से जो युवा रक्तदान के लिए आते थे, वह अपने घर पर हैं।
यही कारण है कि अस्पतालों में रक्त की बेहद कमी है और दानी भी नहीं आ रहे हैं। कैंप में कोविड 19 से बचाव के लिए सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा गया। हर रक्तदान के बाद कुर्सियों व मेज को सैनिटाइज किया गया। कैंप में लेदर डेन सेक्टर-17 चंडीगढ़, महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी, एचडीएफसी, आईएसबीटीआई संस्थाओं का सहयोग रहा।
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श्री शिव कांवड़ महासंघ के प्रधान राकेश संगर ने बताया कि कोरोना महामारी में इतने रक्तदानियों का आना इस बात की गवाही है कि शहरवासियों में रक्तदान करने का एक अलग ही जज्बा है। रक्तदान के लिए कोई पंचकूला के गांव से आया था तो कोई बलटाना से। इस समय कालेज, छात्रावास व शिक्षण संस्थान सब बंद चल रहे हैं। इन संस्थानों के बंद होने से जो युवा रक्तदान के लिए आते थे, वह अपने घर पर हैं।
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यही कारण है कि अस्पतालों में रक्त की बेहद कमी है और दानी भी नहीं आ रहे हैं। कैंप में कोविड 19 से बचाव के लिए सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा गया। हर रक्तदान के बाद कुर्सियों व मेज को सैनिटाइज किया गया। कैंप में लेदर डेन सेक्टर-17 चंडीगढ़, महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी, एचडीएफसी, आईएसबीटीआई संस्थाओं का सहयोग रहा।
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सगे भाईयों ने किया रक्तदान
रक्तदान के लिए पहुंचे सगे भाइयों अंकुश चड्ढा व राहुल चड्ढा नियमित रक्तदाता हैं। सेक्टर-17 कैंप में राहुल ने 26वीं बार तो अंकुश ने 28वीं बार रक्तदान किया। दोनों भाइयों ने कहा कि रक्तदान करना उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। जब दोनों 18 साल के थे तब से रक्तदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें रक्तदान की प्रेरणा पिता संजीव चड्ढा से मिली।
पूरे परिवार ने किया रक्तदान
कैंप में सेक्टर-56 से आए पलविंदर सिंह खांबा अपनी पत्नी अरविंदरजीत और बेटा हरमनदीप सिंह रक्तदान के लिए आए। पलविंदर ने बताया कि उनका पूरा परिवार साल में कम से कम दो बार तो रक्तदान करता है। पलविंदर ने वीरवार को 26वीं बार, अरविंदरजीत कौर ने 24वीं बार और हरमनदीप सिहं ने छठी बार रक्तदान किया।
बलटाना की फैमिली भी पहुंची रक्तदान के लिए
बलटाना के रहने वाले सुरेश आर्या अपने पूरे परिवार के साथ रक्तदान करने पहुंचे थे। सुरेश आर्या ने दसवीं बार जबकि उनकी पत्नी रजनी आर्या ने दूसरी बार और बेटे पारस आर्या ने तीसरी बार रक्तदान किया। पारस ने बताया कि जब भी किसी जरूरतमंद को आवश्यकता होती है तो उनके पिता जरूर रक्तदान करते हैं।
पूरे परिवार ने किया रक्तदान
कैंप में सेक्टर-56 से आए पलविंदर सिंह खांबा अपनी पत्नी अरविंदरजीत और बेटा हरमनदीप सिंह रक्तदान के लिए आए। पलविंदर ने बताया कि उनका पूरा परिवार साल में कम से कम दो बार तो रक्तदान करता है। पलविंदर ने वीरवार को 26वीं बार, अरविंदरजीत कौर ने 24वीं बार और हरमनदीप सिहं ने छठी बार रक्तदान किया।
बलटाना की फैमिली भी पहुंची रक्तदान के लिए
बलटाना के रहने वाले सुरेश आर्या अपने पूरे परिवार के साथ रक्तदान करने पहुंचे थे। सुरेश आर्या ने दसवीं बार जबकि उनकी पत्नी रजनी आर्या ने दूसरी बार और बेटे पारस आर्या ने तीसरी बार रक्तदान किया। पारस ने बताया कि जब भी किसी जरूरतमंद को आवश्यकता होती है तो उनके पिता जरूर रक्तदान करते हैं।