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अमर उजाला के अभियान 'आओ प्लास्टिक खत्म करें' का आगाज, नगर निगम जुड़ा आप भी जुड़ें

Sat, 14 Sep 2019 11:02 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 14 Sep 2019 11:02 AM IST
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Amar Ujala Campaign to Ban Plastic in Chandigarh
प्लास्टिक खत्म करें - फोटो : फाइल फोटो
प्लास्टिक के खिलाफ अमर उजाला ने एक अभियान  'आओ प्लास्टिक खत्म करें' का आगाज किया है। नगर निगम जुड़ गया है, तो आप भी साथ आएं। पाठकों के साथ मिलकर चलाई जाने वाली इस मुहिम में उन लोगों पर फोकस किया जाएगा, जो प्लास्टिक को त्यागकर पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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प्लास्टिक के खिलाफ जंग लड़ने वालों के प्रयास आपके सामने लाए जाएंगे। प्लास्टिक के दुष्परिणाम और खतरों के बारे में आगाह किया जाएगा। लोगों के बीच जाकर प्लास्टिक के खिलाफ उन्हें जागरूक बनाया जाएगा। ‘आओ प्लास्टिक खत्म करें’ अभियान के अंतर्गत यह बताया जाएगा कि किस प्लास्टिक पर रोक है और किस पर नहीं।
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इस्तेमाल करने वालों पर क्या कार्रवाई हो सकती है और कितना जुर्माना लग सकता है। प्लास्टिक के बारे में उन तमाम पहलुओं पर विशेष कवरेज रहेगी, जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं।
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अमर उजाला के साथ जुड़ा नगर निगम

नगर निगम की ओर से भी ‘प्लास्टिक मुक्त चंडीगढ़’ अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम के इस अभियान के साथ अमर उजाला भी जुड़ गया है। निगम के साथ मिलकर अभियान को साकार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। अभियान के तहत सेल्फी विद थैला समेत कई प्रतियोगिता करवाई जा रही हैं।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म ट्विटर, फेसबुक व यू ट्यूब चैनल लांच किए गए हैं। जगह-जगह कपड़े के बने थैले बांटे जाएंगे और स्कूलों में जाकर बच्चों से शपथ दिलाई जाएगी। दो अक्तूबर तक चलने वाले अभियान में शहरवासियों का भी विशेष सहयोग रहेगा।

प्लास्टिक के खिलाफ छेड़ी है जंग तो हमें बताएं

अमर उजाला के अभियान के साथ आप भी जुड़ सकते हैं। यदि आपने प्लास्टिक के खिलाफ भले ही छोटी शुरुआत की हो तो हमें बताएं। आपके प्रयासों को हम प्रकाशित करेंगे। यदि प्लास्टिक के खिलाफ आप कोई जागरूकता अभियान चलाना चाहते हैं या लोगों को शिक्षित करना चाहते हैं तब भी हमें बता सकते हैं। इसके लिए आपको व्हाट्सएप नंबर 7617566174 पर मैसेज करना होगा या chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर ई-मेल करना होगा। कार्यक्रम की सूचना एक दिन पहले देनी होगी।

प्लास्टिक मुक्ति में इस लेडी ब्रिगेड का काम सराहनीय

कौन कहता है कि आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो... हेमा की कोशिश कुछ ऐसी ही है। लोगों के घरों में काम करने वाली हेमा खुद कपड़े के थैले सिलती हैं। यहां से महिला सशक्तिकरण की टीम इन्हें खरीदकर शहर में फ्री बांट रही है। इससे हेमा को आर्थिक मदद भी मिल रही है और प्लास्टिक फ्री अभियान को सफलता भी।

हेमा की तरह शहर की चार और लड़कियां भी कपड़े और कागज के थैले बनाकर अपना योगदान दे रही हैं। हेमा सेक्टर 19 डी में अपने पति के साथ रहती हैं। उनके पति भी सफाई कर्मचारी हैं। हेमा बताती हैं कि दो बेटों और एक बेटी की पढ़ाई के साथ घर खर्च चलाना आसान नहीं था। तभी महिला सशिक्तकरण टीम की अध्यक्ष आशा जसवाल से मुलाकात हो गई।

हेमा ने उन्हें अपने सिलाई के हुनर के बारे में बताया तो अध्यक्ष ने एक सिलाई मशीन दिलवा दी। साथ ही सिले हुए कपड़ों से बचा कपड़ा भी उपलब्ध कराया। 30 रुपये से लेकर 50 रुपये तक के थैले हेमा बनाती हैं। इन थैलों को खरीदकर महिला सशक्तिकरण की टीम फ्री में बांटने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही है।

हेमा ने बताया कि इस कार्य से उसे इतनी कमाई हो रही है कि बच्चों की स्कूल फीस की टेंशन दूर हो गई है। जैसे उन्हें महिला सशक्तिकरण की टीम का साथ मिला है, यदि और महिलाओं को भी मिल जाए, तो उनका जीवन संवर जाए।

इन चार लड़कियों के जज्बे को भी सलाम

प्लास्टिक मुक्त अभियान में मलोया निवासी सुमनप्रीत कौर, मन्नो, जैसिका और सौम्या भी अपना सहयोग दे रही हैं। ये दिन में तो बतौर सेल्स गर्ल कम करती हैं, इसके बाद शाम को घर आकर कागजों के थैले बनाती हैं। जब महिला सशक्तिकरण की टीम को जानकारी मिली तो उन्होंने इन थैलों को एक एनजीओ के माध्यम से खरीद लिया।

साथ ही और थैले बनाने के लिए भी ऑर्डर दे दिए हैं। इसके बनाए थैले लोगों को जागरूक किए जाने वाले कार्यक्रम में भेंट किए जा रहे हैं। लड़कियों के बनाए थैलों की प्रशंसा के साथ ही इनके हुनर को भी सराहा जा रहा है। लड़कियों ने बताया कि बाजार से सामान खरीदकर जब कागज का थैला बनाते हैं तो लगभग 35 रुपये का पड़ता है।

एक थैले पर 10 रुपये बचते हैं। एक साथ मिले ऑर्डर से इस बार पॉकेट मनी के लिए अलग से अच्छी राशि मिली है।

शिक्षक प्रतिदिन बच्चों को दो मिनट कक्षा में बताएंगे प्लास्टिक के दुष्परिणाम

चंडीगढ़ सेक्टर 19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में महिला सशक्तीकरण कमेटी की अध्यक्ष आशा जसवाल ने शिक्षकों को कागज के बैग वितरित किए। इस मौके पर सभी शिक्षकों ने शपथ ली कि वे न तो प्लास्टिक का उपयोग करेंगे और न ही लोगों को भी इसका उपयोग करने देंगे।

समाज में प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम छेड़ने के लिए शिक्षक प्रतिदिन छात्रों को दो मिनट प्लास्टिक के दुष्परिणाम के बारे में बताएंगे। देशभर में प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के चरण में शुक्रवार को सेक्टर 19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस मौके पर आशा जसवाल ने शिक्षकों को बताया कि किस तरह से पर्यावरण में लगातार बदलाव आ रहा है। इसके दुष्परिणाम भी हमारे सामने आ रहे हैं। हर घर में बीमारियां फैल रहीं हैं। अब समय आ गया है जब हमें अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाना होगा। इसके लिए सबसे पहले शिक्षक को आगे आना होगा। इसके बाद सभी को कागज के बैग वितरित किए गए।
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