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नगर निगम चुनाव में गड़बड़ी के आरोप, 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 05 Jan 2017 09:49 AM IST
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चंडीगढ़ चुनाव में हारे उम्मीदवारों की प्रेस कांफ्रेंस
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नगर निगम चुनाव में हारने वाले कईं उम्मीदवारों ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है। साथ ही 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी। इस संबंध में प्रवासी भलाई संगठन की ओर से बुधवार को हुई प्रेसवार्ता में आजाद उम्मीदवारों के अलावा कांग्रेस और बसपा के हारे प्रत्याशी भी उपस्थित हुए। प्रेसवार्ता के दौरान कहा गया है कि चुनाव में धांधली हुई है।
उम्मीदवारों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर स्ट्रांग रूम में रखे गए ईवीएम और उसे सील करने की प्रक्रिया की वीडियो और सीडी मांग की है ताकि तथ्य साफ हो सके। ऐसा न होने पर संगठन के बैनर तले न्याय के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। प्रवासी भलाई संगठन के अध्यक्ष अविनाश सिंह के नेतृत्व में 22 से भी अधिक प्रत्याशियों ने प्रेसवार्ता कर गड़बड़ी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर, 2016 को सभी उम्मीदवार संबंधित अधिकारी के पास पहुंचे और ईवीएव के साथ छेड़खानी होने के संदेह के तहत प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें ईवीएम और ईवीएम स्ट्रांग रूम की सील, पैकिंग प्रक्रिया का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाए, लेकिन अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी। इस संबंध में उम्मीदवारों ने 19 दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां भी उनकी शिकायतों को उपेक्षित किया गया।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 20 दिसंबर, 2016 को मतों की गिनती के समय भी ईवीएम सील नहीं दिखाई गई। गिनती संपन्न होने के बाद बूथों पर हुए निर्वाचित पोल की संख्या भी नहीं बताई थी।
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उम्मीदवारों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर स्ट्रांग रूम में रखे गए ईवीएम और उसे सील करने की प्रक्रिया की वीडियो और सीडी मांग की है ताकि तथ्य साफ हो सके। ऐसा न होने पर संगठन के बैनर तले न्याय के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। प्रवासी भलाई संगठन के अध्यक्ष अविनाश सिंह के नेतृत्व में 22 से भी अधिक प्रत्याशियों ने प्रेसवार्ता कर गड़बड़ी का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर, 2016 को सभी उम्मीदवार संबंधित अधिकारी के पास पहुंचे और ईवीएव के साथ छेड़खानी होने के संदेह के तहत प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें ईवीएम और ईवीएम स्ट्रांग रूम की सील, पैकिंग प्रक्रिया का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाए, लेकिन अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी। इस संबंध में उम्मीदवारों ने 19 दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां भी उनकी शिकायतों को उपेक्षित किया गया।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 20 दिसंबर, 2016 को मतों की गिनती के समय भी ईवीएम सील नहीं दिखाई गई। गिनती संपन्न होने के बाद बूथों पर हुए निर्वाचित पोल की संख्या भी नहीं बताई थी।
संबंधित दस्तावेज और फुटेज के लिए अर्जी दायर
सांसद खेर और टंडन का कद बढ़ा
वहीं वार्ड नंबर-25 से उम्मीदवार जसपाल सिंह ने सभी उम्मीदवारों की आरटीआई तैयार की और 27 दिसंबर 2016 को सभी उम्मीदवारों ने वीडियोग्राफी, या सीसीटीवी फुटेज और अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए आरटीआई एमसी चुनाव 2016 के लिए संबंधित ईवीएम, स्ट्रांग रूम, प्रक्रिया, गिनती के संदर्भ में दायर कर राज्य निवार्चन आयोग को अर्जी दी।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के आधार 7(1) के तहत 48 घंटों के भीतर जानकारी की आपूर्ति की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अविनाश सिंह ने बताया कि इससे पता चलता है कि नगर निगम चुनाव 2016 में कोई पारदर्शिता नहीं थी। यह केवल सत्ता पक्ष बीजेपी का अनुचित नाटक था। जसपाल सिंंह ने कहा कि 72 घंटों में उन्हें न्याय नहीं मिला वे वे हाईकोर्ट के सामने न्याय के लिए जाएंगे।
यह हुए शामिल
वार्ड नंबर-25 से जसपाल सिंह, 24 से राकेश कुमार, 14 से कमलजीत सिंह, 23 से बृजपाल(बसपा), 20 से गुरदेव यादव, 23 से कमलेश (कांग्रेस), 26 नेतराम (बसपा), 14 से सुचिंद्र कुमार, 11 से धर्मपाल, 20 से संजय चनालिया, 18 से तरसेम मित्तल, 12 से पूजा, 19 से रीना देवी, 19 से जीतेंद्र कुमार, 12 से जोगेंद्र देशवाल, 14 से नरेश चालिया, 6 से पूनम कुमार, 24 से शिव कुमार, 19 से कमल कुमार, 25 से मंजीत सिंह, 23 से दलीप कुमार, 14 से रवींद्र कुमार, 13 से आशा देवी सहित अन्य लोग शामिल हुए।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के आधार 7(1) के तहत 48 घंटों के भीतर जानकारी की आपूर्ति की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अविनाश सिंह ने बताया कि इससे पता चलता है कि नगर निगम चुनाव 2016 में कोई पारदर्शिता नहीं थी। यह केवल सत्ता पक्ष बीजेपी का अनुचित नाटक था। जसपाल सिंंह ने कहा कि 72 घंटों में उन्हें न्याय नहीं मिला वे वे हाईकोर्ट के सामने न्याय के लिए जाएंगे।
यह हुए शामिल
वार्ड नंबर-25 से जसपाल सिंह, 24 से राकेश कुमार, 14 से कमलजीत सिंह, 23 से बृजपाल(बसपा), 20 से गुरदेव यादव, 23 से कमलेश (कांग्रेस), 26 नेतराम (बसपा), 14 से सुचिंद्र कुमार, 11 से धर्मपाल, 20 से संजय चनालिया, 18 से तरसेम मित्तल, 12 से पूजा, 19 से रीना देवी, 19 से जीतेंद्र कुमार, 12 से जोगेंद्र देशवाल, 14 से नरेश चालिया, 6 से पूनम कुमार, 24 से शिव कुमार, 19 से कमल कुमार, 25 से मंजीत सिंह, 23 से दलीप कुमार, 14 से रवींद्र कुमार, 13 से आशा देवी सहित अन्य लोग शामिल हुए।