संत दादूवाल पर आरोप, ग्रंथी की दाढ़ी उखाड़ी
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संत दादूवाल पर ग्रंथी से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। गांव चोरमार स्थित गुरुद्वारा में ग्रंथी के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने कहा कि स्वयं को संत कहलवाने वाला बलजीत सिंह दादूवाल गुंडागर्दी फैला रहे हैं।
सिख संत और प्रचारक युवाओं को दाढ़ी रखने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन दादूवाल ने चोरमार गुरुद्वारा में तैनात ग्रंथी की दाढ़ी उखाड़कर सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर दादूवाल को गिरफ्तार नहीं किया तो सिख संगत आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
ग्रंथी पर दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए मारपीट
सोमवार को झूंथरा धर्मशाला के सामने एक प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर चोरमार गुरुद्वार में तैनात ग्रंथी बग्गा सिंह ने बलजीत सिंह दादूवाल द्वारा नौंचे गए दाढ़ी के बाल भी दिखाए। इस मौके पर सुखविंद्र सिंह खालसा ने बताया कि गांव चोरमार निवासी बग्गा सिंह चोरमार गुरुद्वारा साहिब में में बचपन से ग्रंथी की सेवा कर रहा है।
उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर संत दादूवाल अपने समर्थकों के साथ चोरमार गुरुद्वारा में आए और वहां बने कमरे में आराम कर रहे बग्गा सिंह को पकड़कर उस पर उनके खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाया। जब उसने ऐसा कुछ करने से मना किया तो बलजीत सिंह दादूवाल ने गुस्से में आकर उसके साथ हाथापाई की।
जब उसने कारण पूछा तो उसने अपने साथियों सहित उसे पीटना शुरू कर दिया और उसकी दाढ़ी पकड़कर नीचे गिरा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे से कुछ किया तो जान से मार देंगे। खालसा ने मांग की है कि दादूवाल के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।
गिरफ्तार नहीं किया तो सड़कों पर उतरेगी सिख संगत
खालसा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दादूवाल के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार नहीं किया गया तो सिख संगत सड़कों पर उतरकर रोष प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि बग्गा सिंह की ओर से थाना ओढां में शिकायत दी गई है।
इस मौके पर जसवीर सिंह, जगजीत सिंह, अंग्रेज सिंह, गुरमीत सिंह, सुखजिंद्र सिंह, मनप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, गुरमेर सिंह, रविंद्र सिंह, बिकर सिंह, कमलजीत सिंह, बलदेव सिंह आदि उपस्थित थे। बाद में खालसा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर बलजीत सिंह दादूवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उधर, संत बलजीत सिंह दादूवाल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे सुखविंद्र सिंह खालसा के आरोप पर सफाई देना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं।
उन्होंने कहा कि वे सदैव सिखी के लिए लड़ते आए हैं और सिखी की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में वे किसी की दाढ़ी कैसे नोच सकते हैं। उन्होंने कहा कि खालसा सिख संगत में अपना वजूद खो चुका है और चर्चा में बने रहने के लिए आरोप लगा रहा है।