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हरियाणा के फार्मासिस्ट सोमवार को सामूहिक अवकाश पर, दवाइयों के लिए होगी मारामारी
Sun, 25 Aug 2019 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 25 Aug 2019 05:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा प्रदेश की सभी सरकारी संस्थाओं में काम करने वाले फार्मासिस्ट सरकार की ओर से उनकी मांगों की अनदेखी के विरोध में 26 अगस्त सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगें। इस वजह से कहीं भी दवा नहीं मिल पाएगी।
एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने बताया कि फार्मासिस्ट वर्ग की मुख्य मांग 4600 ग्रेड पे करने की है जिसकी स्वीकृति मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री दे चुके हैं बावजूद इसके वित्त विभाग फाइल पर कुंडली मारे बैठा है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य ही है कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा काम का बोझ उठाने वाला फार्मासिस्ट, जिसने जनता के हित को हमेशा सर्वोपरि रखा और कभी हड़ताल नहीं की व ना ही आंदोलन का रुख अपनाया।
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सरकार की लगातार अनदेखी ने इस सभ्य वर्ग को पीछे धकेल दिया जिससे पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट वर्ग में गहरा रोष है। लंबे समय से यह वर्ग बातचीत के माध्यम से अपनी मांगें उठा रहा है लेकिन सरकारी तंत्र का नकारात्मक रवैया आंदोलन पर मजबूर कर रहा है।
उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर फार्मासिस्ट वर्ग की मांग पर गौर नहीं करती है तो आंदोलन को और तीव्र कर दिया जाएगा क्योंकि यह आंदोलन पैसे के लिए नहीं बल्कि इस वर्ग के सम्मान का है।
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एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने बताया कि फार्मासिस्ट वर्ग की मुख्य मांग 4600 ग्रेड पे करने की है जिसकी स्वीकृति मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री दे चुके हैं बावजूद इसके वित्त विभाग फाइल पर कुंडली मारे बैठा है।
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उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य ही है कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा काम का बोझ उठाने वाला फार्मासिस्ट, जिसने जनता के हित को हमेशा सर्वोपरि रखा और कभी हड़ताल नहीं की व ना ही आंदोलन का रुख अपनाया।
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सरकार की लगातार अनदेखी ने इस सभ्य वर्ग को पीछे धकेल दिया जिससे पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट वर्ग में गहरा रोष है। लंबे समय से यह वर्ग बातचीत के माध्यम से अपनी मांगें उठा रहा है लेकिन सरकारी तंत्र का नकारात्मक रवैया आंदोलन पर मजबूर कर रहा है।
उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर फार्मासिस्ट वर्ग की मांग पर गौर नहीं करती है तो आंदोलन को और तीव्र कर दिया जाएगा क्योंकि यह आंदोलन पैसे के लिए नहीं बल्कि इस वर्ग के सम्मान का है।