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Hindi News ›   Chandigarh ›   Akhand Jyot burns at samadhi of Bhagat Singh at Hussainiwala border with ghee collected from Haryana

Firozpur: शहीद भगत सिंह की समाधि पर जलेगी अखंड जोत, हरियाणा से आया है 12 क्विंटल देसी घी

Mon, 15 May 2023 03:43 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 15 May 2023 03:43 PM IST
सार

स्मारक पर मौजूद शीशपाल आर्य वासी हरसौला (कैथल) ने बताया कि उनका जनता सरकार मोर्चा है। मोर्चा के सदस्यों ने हरियाणा के प्रत्येक घर से दो-दो चम्मच देसी घी एकत्र कर बारह क्विंटल देसी घी इकट्ठा किया है। जो फिरोजपुर लेकर पहुंचे हैं।

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Akhand Jyot burns at samadhi of Bhagat Singh at Hussainiwala border with ghee collected from Haryana
ज्योत जलाने की ड्यूटी निभा रहे शीशपाल आर्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

हरियाणा के घर-घर से एकत्र किए देसी घी से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की समाधि पर चौबीस घंटे जोत जल रही है। हरियाणा के जनता सरकार मोर्चा ने इस जोत को जलाने के लिए हरियाणा के एक व्यक्ति की पक्की ड्यूटी लगाई है कि जो जोत को बुझने नहीं देगा। मोर्चा के सदस्य बारह क्विंटल देसी घी हरियाणा से एकत्र कर फिरोजपुर स्थित शहीदी स्मारक पर लाए हैं। उनका कहना है कि जिन्होंने देश की आजादी की खातिर कुर्बानी दी उनकी समाधि पर गैस से नहीं देसी घी से चौबीस घंटे जोत जलनी चाहिए।

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स्मारक पर मौजूद शीशपाल आर्य वासी हरसौला (कैथल) ने बताया कि उनका जनता सरकार मोर्चा है। मोर्चा के सदस्यों ने हरियाणा के प्रत्येक घर से दो-दो चम्मच देसी घी एकत्र कर बारह क्विंटल देसी घी इकट्ठा किया है। जो फिरोजपुर लेकर पहुंचे हैं। शीशपाल का कहना है कि शहीदों की समाधि पर गैस की जाेत नहीं, बल्कि देसी घी से चौबीस घंटे जोत जलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी फिरोजपुर स्थित शहीदी स्मारक पर लगी है, वे जाेत का ध्यान रखते हैं। आंधी या तूफान आए ज्योत को बुझने नहीं देते हैं। उनका मोर्चा बारी-बारी सभी सदस्यों की यहां ड्यूटी लगाता है। जब घी खत्म हो जाएगा तो फिर से हरियाणा से एकत्र कर घी लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैसाखी वाले दिन से शहीदी स्मारक पर जाेत जलाना शुरू किया है। अब ये जाेत हमेशा हरियाणा के देसी घी से जलती रहेगी।
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शहीदों के सम्मान में एलपीजी का इस्तेमाल हो रहा था
आर्य ने बताया कि पिछले साल मोर्चे के कार्यकर्ता अक्षय नरवाल के नेतृत्व में कुछ व्यक्ति यहां आए थे और उन्होंने पाया की शहीदों के सम्मान में पेट्रोलियम पदार्थ यानी एलपीजी से शहीद ज्योति जलाई जा रही है। उसी दिन से इन लोगों ने यहां एक संकल्प लिया था कि शहीदों के सम्मान में देसी घी से जाेत जलाएंगे और वो घी किसी व्यक्ति या गांव विशेष का नहीं, बल्कि सबकी आहुति होगी। हमारी संस्कृति में जोत का मतलब घी से होता है। जिसका सम्मान हम हृदय से करते हैं, उनके सामने घी से जोत जलाई जाती है। जैसे मंदिरों, गुरुघरों में भी घी से ही जाेत जलाई जाती हैं। भगत सिंह के साथ सभी शहीदों के सम्मान में उनके स्मारक स्थल हुसैनीवाला में भी घी से ज्योत जले इस भावना के साथ सभी आए हैं और जब समाज ने अपनी आहुति इसमें डाली है, इसका मतलब समाज की भी भावना घी से जोत जलाने की है।
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ये लोग जुड़े हैं मोर्चे से
जनता सरकार मोर्चा के सदस्य सुनील शर्मा, रविंद्र भारतीय, गौरव आर्य, कविता गोयत, सतबीर पहलवान, अक्षय नरवाल, मनु जी अंबाला, शीशपाल आर्य हरसौला (कैथल), नरेंद्र विद्यार्थी, डॉ. देवेंद्र बल्हारा, इकबाल सिंह, सुखचरण प्रधान, अनिल मलिक, विनोद धनौरी, राजन नरवाना, जीत बाडी धनाना, वीरा, क्रिश, अमरिंदर, अपर्णा पुरी, राजेश झोरड़ा, कश्मीर संडील व अमित हैं।

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