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Chandigarh News: मजीठिया के बहाने पार्टी की सियासत को धार देने में जुटा अकाली दल

Wed, 02 Jul 2025 09:38 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 09:38 PM IST
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Akali Dal busy in sharpening the party's politics on the pretext of Majithia
अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अपने वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तार के बहाने पार्टी की सियासत को धार देने में जुटा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिअद को सरकार पर सियासी हमला बोलने और साथ ही दूसरे पार्टी का समर्थन जुटाने का भी मौका मिल गया है।
शिअद इस मुद्दे के जरिये अपने सभी पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में लग है, ताकि पहले की तरह ही पार्टी को दोबारा मजबूत किया जा सके। साथ ही शिअद लैंड पूलिंग पॉलिसी को भी हथियार बना रहा है, जिससे उसे सीधे आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलने का मौका मिल रहा है।
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बुधवार को भी अकाली नेताओं को नजरबंद करने और हिरासत में लेने के बाद सुखबीर बादल ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हीं के इशारे पर पंजाब में अघोषित आपातकाल लगाया जा रहा है। कल भी लैंड पूलिंग पॉलिसी पर सुखबीर ने कहा था कि सीएम मान ने रक्षा करने के बजाय पंजाब दिल्ली वालों को सौंप दिया है। साथ ही 15 जुलाई से इस पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन करने का भी एलान किया।
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विजिलेंस की कार्रवाई का सामना कर रहे मजीठिया अकाली दल के बड़े नेताओं में से एक हैं। वह मजीठा से तीन बार विधायक रहने के साथ कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। उनके जरिये अकाली दल दोबारा वर्करों को एकजुट करने में जुट गया है। वर्ष 2027 पंजाब विधानसभा नजदीक है, इसलिए शिअद इस पर मुद्दे को भुनाने में लगा है, ताकि वह अपनी खोई विरासत दोबारा हासिल कर सके।

पिछले कुछ चुनाव से अकाली दल का वोटिंग ग्राफ गिरता जा रहा है। 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। अकाली दल सिर्फ बठिंडा सीट जीत पाया, जबकि अपने गढ़ फिरोजपुर के साथ बाकी सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। चार सीटों पर हुए उपचुनाव से भी पार्टी दूर रही और हाल ही में लुधियाना पश्चिम सीट पर भी उसे बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा, इसलिए अब नए सिरे से पार्टी को खड़ा करने में शिअद नेतृत्व जुटा हुआ है।
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