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Chandigarh News: एडेड स्कूलों के स्टाफ को सात माह से वेतन नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस वजह से इन स्कूलों का स्टाफ आर्थिक संकट में है। चूंकि सिर पर त्योहार है, इसलिए इन लोगों के लिए दिक्कतें और बढ़ गई हैं। इसी बात से नाराज शिक्षकों ने 18 अक्तूबर को तरनतारन में विरोध प्रदर्शन कर काली दिवाली मनाने का एलान किया है। तरनतारन में विधानसभा के उपचुनाव प्रस्तावित हैं और इन दिनों यह क्षेत्र सभी सियासी दलों की गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
पंजाब राज्य सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह मदनीपुर और प्रदेश सचिव शरणजीत सिंह कदीमाजरा ने कहा कि शिक्षा और वित्त विभाग के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बार-बार बैठकों के बावजूद इन स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को मार्च 2025 के बाद वेतन अनुदान जारी नहीं किया गया है। सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन के ऑडिट के नाम पर कर्मचारियों का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है।
शिक्षा विभाग में अनुभाग अधिकारियों की कमी का खामियाजा सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। संघ नेताओं ने कहा कि साल 1967 के बाद यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने वेतन रोका है। दिवाली जैसे त्योहार भी बिना वेतन के बीत रहे हैं जबकि लंबे समय से वेतन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
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मदनीपुर ने कहा कि वेतन न देना अमानवीय व्यवहार से कम नहीं है। इस अवसर पर उन्होंने मानवाधिकार आयोग से भी वेतन अनुदान जारी न करने की जिम्मेदारी तय करने की अपील की। सहायता प्राप्त स्कूलों में 1.76 लाख विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले अध्यापक त्योहारी सीजन में भी परेशान घूम रहे हैं।
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चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस वजह से इन स्कूलों का स्टाफ आर्थिक संकट में है। चूंकि सिर पर त्योहार है, इसलिए इन लोगों के लिए दिक्कतें और बढ़ गई हैं। इसी बात से नाराज शिक्षकों ने 18 अक्तूबर को तरनतारन में विरोध प्रदर्शन कर काली दिवाली मनाने का एलान किया है। तरनतारन में विधानसभा के उपचुनाव प्रस्तावित हैं और इन दिनों यह क्षेत्र सभी सियासी दलों की गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
पंजाब राज्य सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह मदनीपुर और प्रदेश सचिव शरणजीत सिंह कदीमाजरा ने कहा कि शिक्षा और वित्त विभाग के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बार-बार बैठकों के बावजूद इन स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को मार्च 2025 के बाद वेतन अनुदान जारी नहीं किया गया है। सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन के ऑडिट के नाम पर कर्मचारियों का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है।
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शिक्षा विभाग में अनुभाग अधिकारियों की कमी का खामियाजा सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। संघ नेताओं ने कहा कि साल 1967 के बाद यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने वेतन रोका है। दिवाली जैसे त्योहार भी बिना वेतन के बीत रहे हैं जबकि लंबे समय से वेतन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
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मदनीपुर ने कहा कि वेतन न देना अमानवीय व्यवहार से कम नहीं है। इस अवसर पर उन्होंने मानवाधिकार आयोग से भी वेतन अनुदान जारी न करने की जिम्मेदारी तय करने की अपील की। सहायता प्राप्त स्कूलों में 1.76 लाख विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले अध्यापक त्योहारी सीजन में भी परेशान घूम रहे हैं।