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केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद स्कूलों में शिक्षकों के 1100 पदों की भर्ती अटकी

Tue, 03 May 2022 09:03 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 09:03 PM IST
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After the implementation of the Central Service Rules, the recruitment of 1100 teachers in schools stuck
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 1100 पदों के लिए भर्ती को लेकर केंद्र से अनुमति ली गई थी। चंडीगढ़ में केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद अब ये भर्ती अटक गई है। शिक्षा विभाग को दोबारा ड्राफ्ट तैयार करना पड़ेगा और केंद्र से अनुमति लेनी पड़ेगी। मार्च में केंद्र ने विभाग को अनुमति दी थी। भर्ती के विज्ञापन निकलने से पहले ही इस पर रोक लग गई।
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शिक्षा विभाग नए शैक्षणिक सत्र में लगभग 1100 पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने की तैयारी कर रहा था लेकिन यह बीच में ही अटक गई। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, ऐसे में बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा मुहैया करवाना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। शिक्षा निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि केंद्रीय सर्विस नियमों के कारण अब विभाग को दोबारा से ड्राफ्ट तैयार कर उसकी अनुमति लेनी पड़ेगी। पहले हमने शिक्षक भर्ती की तैयारी पूरी कर ली थी। इसके लिए लगभग 1100 पदों पर जेबीटी-टीजीटी-पीजीटी की भर्ती की तैयारी थी।
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1993 से लाइब्रेरियन और 1998 से तबला शिक्षकों की नहीं हुई भर्ती
शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 1993 के बाद से लाइब्रेरियन के पद पर रेगुलर भर्ती ही नहीं करवाई है। इस कारण विभाग के पास 43 में 7 पदों पर ही रेगुलर कर्मचारी हैं। वे भी कुछ सालों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आलम यह है कि शहर में 115 सरकारी स्कूल हैं। इनमें सिर्फ कुछ सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही लाइब्रेरियन हैं। शहर के 53 हाई स्कूलों में एक भी लाइब्रेरियन नहीं है। वहीं, स्कूलों में तबला इंस्ट्रक्टर 21 पदों में 5 ही नियमित कर्मचारी हैं। इनकी अंतिम भर्ती भी 1998 में हुई थी। इस दौरान सिर्फ 2 शिक्षकों को ही नियुक्ति दी गई थी। स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और शिक्षक सेवानिवृत्ति के कारण कम होते जा रहे हैं।
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2015 की जेबीटी-टीजीटी व 2019 की एनटीटी भर्ती भी अटकी
शिक्षा विभाग की ओर से 2015 में 1100 के करीब जेबीटी-टीजीटी की नियमित भर्ती करवाई गई थी लेकिन पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद मुद्दा कोर्ट में चला गया। पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण अभी तक नियुक्त हुए शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड ही खत्म नहीं हुआ है। भर्ती रद्द होने के डर से इनमें लगभग 700 के करीब शिक्षक पद छोड़कर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के सरकारी स्कूलों और नवोदय विद्यालयों में नियमित भर्ती में चले गए हैं। वहीं, 2019 में विभाग ने एनटीटी के 131 पदों पर भर्ती निकाली। जनवरी 2020 में डॉक्यूमेट वेरिफिकेशन में समस्याएं आने के कारण लगभग 15-17 उम्मीदवारों को ही नियुक्ति मिली है अन्य का मामला विचाराधीन है।
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