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अब ये बताएंगे, कैसे मैनेज होगा शहर का ट्रैफिक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Jul 2014 12:56 PM IST
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शहर में ट्रैफिक जाम से निजात दिलवाने और पैदल सड़क पार करने वालों की दिक्कत दूर करने (ट्रैफिक मैनेजमेंट) के लिए एक सलाहकार तैनात किया जाएगा।
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यह सलाहकार प्रशासन को बताएगा कि किस तरह से आटोमेटिक ट्रैफिक कंट्रोल लाइट को चलाया जा सकता है। इसके साथ ही सलाहकार यह भी तय करेगा कि प्रमुख मार्गों पर पेलीकन लाइट्स का किस तरह से इस्तेमाल हो।
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मालूम हो कि इस समय कई जगह जेब्रा क्रासिंग पार करने के लिए पेलीकन लाइट लगी हैं, लेकिन इसका प्रयोग करने के प्रति अधिकतर पैदल चलने वाले लोग जागरूक नहीं है।
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सलाहकार कंपनी नियुक्त करने का निर्णय मंगलवार को स्टेट लेवल रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता सलाहकार केके शर्मा ने की है।
इस बैठक में गृह सचिव अनिल कुमार और एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी ने भी भाग लिया। बैठक में सलाहकार ने कहा कि सिटी की ट्रैफिक प्लानिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर की होनी चाहिए।
सुबह और शाम पीक ऑवर के लिए अलग से प्लानिंग होनी चाहिए। मालूम हो कि इस समय शहर के प्रमुख सड़कों पर प्लानिंग न होने के कारण जाम लग जाता है।
बैठक में यह भी तय किया गया है कि सभी स्कूलों की बस चालक और परिचालक ड्रेस पहनेंगे। इनके लिए आसमानी रंग की शर्ट और नेवी ब्लू रंग की पेंट तय की गई है। जबकि हर चालक और परिचालक के लिए काले रंग के जूते और जुराबें पहनी जरूरी होगी।
इसके साथ ही बैठक में अधिकारियों ने सरदी के लिए भी नेवी ब्लू स्वेटर और जैकेट तय की है। हर चालक और परिचालक को नेम प्लेट लगानी भी जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार नई ड्रेस लागू करने का निर्णय स्कूल बस एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से चर्चा करके लागू किया जाएगा।
पेड़ों की परोनिंग होगी
बैठक में सड़क किनारे लगे पेड़ों की टहनियों का भी मामला उछला। चर्चा हुई कि पते और टहनियां वाहनों की छतों को छू रहे है ऐसे में आवाजाही बाधित होती है जिसके बाद निर्णय लिया गया कि सड़क किनारे लगे पेड़ों की परोनिंग होगी।