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पुलिस ने माना, हरियाणा के 9 जिले कबूतरबाजों की चपेट में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 09 May 2016 10:31 AM IST
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एडीजी अपराध एवं कानून-व्यवस्था मोहम्मद अकील
- फोटो : amarujala
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पंजाब के युवाओं को विदेश भेजने का झांसा देकर लूटते रहे कबूतरबाजों ने अब हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को शिकार बनाना शुरु कर दिया है। उत्तर हरियाणा से सभी नौ जिलों- यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, फतेहाबाद, हिसार और सिरसा में कबूतरबाजों ने अपने एजेंटों के जरिए युवाओं को झांसा देना शुरू कर दिया है। यह जानकारी शुक्त्रस्वार को प्रदेश के एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) मोहम्मद अकील ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस ने इन कबूतरबाजों से निपटने और आम लोगों को इनके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य प्रदेश भर में 15 से 30 मई तक एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
पुलिस मुख्यालय में बुलाई प्रैस कांफ्रेंस से संबोधित करते हुए मोहम्मद अकील ने कहा कि कबूतरबाज बेरोजगार युवकों को विदेशों में ग्रीन कार्ड दिलाने का लालच देकर उनसे पैसा तो लूटते ही हैं, इस तरह युवाओं को विदेश ले जाकर गुलामों की तरह जीवन जीने पर मजबूर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस समय-समय पर लोगों को आगाह भी करती है और ऐसे मामले सामने आने पर कार्रवाई भी की जाती है लेकिन ज्यादातर मामलों में लोग पैसा फंसा होने के कारण या फिर विदेश भेजे गए अपने प्रियजन की हिफाजत की चिंता में पुलिस को जानकारी नहीं देते।
एडीजीपी ने विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस का पहला उद्देश्य आम लोगों को जागरूक करना है ताकि दलाल भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसा न सकें। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इस अभियान के तहत पुलिस आम लोगों तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई मामला सामने आएगा, तुरंत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की जाएगी और सबूत मिलते ही गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि धरे जाने वाले कबूतरबाजों से उनके पिछले मामले भी उगलवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जब ऐसे परिवार शिकायत के लिए आते हैं तो उनकी हालत दयनीय होती है, एक ओर तो उन्हें पैसे का भारी नुकसान होता है तो दूसरी ओर कईं बार उनके बच्चों के लापता या मारे जाने भी खबर होती है।
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उन्होंने बताया कि फर्जी एजेंसियों के एजेंट बेरोजगार युवकों को बहला-फुसलाकर लालच देते हैं और अपना निशाना बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) की देखरेख में चलाया जाएगा और नियमित आधार पर मुख्यालय स्तर पर इसकी मानिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी पुलिस नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाती रहेगी।
यूपी के मुजफ्फरनगर व मेरठ पर भी हुआ असर : एडीजीपी
मोहम्मद अकील ने बताया कि कबूतरबाजों ने हरियाणा में एमिग्रेशन के नाम पर दुकानें भी खोल ली हैं, पुलिस जिनकी छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ हरियाणा की नहीं, प्रदेश से सटे राज्यों में भी कबूतरबाज पांव पसार रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सटे यूपी के शहरों मुजफ्फरनगर और मेरठ में भी कबूतरबाजी के कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें ऐसे ठगों ने लोगों से विदेश भेजने के नाम पर भारी भरकम पैसा भी ऐंठ लिया और अवैध तरीके से लोगों को विदेश ले जाकर फंसा दिया है।
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पुलिस मुख्यालय में बुलाई प्रैस कांफ्रेंस से संबोधित करते हुए मोहम्मद अकील ने कहा कि कबूतरबाज बेरोजगार युवकों को विदेशों में ग्रीन कार्ड दिलाने का लालच देकर उनसे पैसा तो लूटते ही हैं, इस तरह युवाओं को विदेश ले जाकर गुलामों की तरह जीवन जीने पर मजबूर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस समय-समय पर लोगों को आगाह भी करती है और ऐसे मामले सामने आने पर कार्रवाई भी की जाती है लेकिन ज्यादातर मामलों में लोग पैसा फंसा होने के कारण या फिर विदेश भेजे गए अपने प्रियजन की हिफाजत की चिंता में पुलिस को जानकारी नहीं देते।
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एडीजीपी ने विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस का पहला उद्देश्य आम लोगों को जागरूक करना है ताकि दलाल भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसा न सकें। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इस अभियान के तहत पुलिस आम लोगों तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई मामला सामने आएगा, तुरंत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की जाएगी और सबूत मिलते ही गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि धरे जाने वाले कबूतरबाजों से उनके पिछले मामले भी उगलवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जब ऐसे परिवार शिकायत के लिए आते हैं तो उनकी हालत दयनीय होती है, एक ओर तो उन्हें पैसे का भारी नुकसान होता है तो दूसरी ओर कईं बार उनके बच्चों के लापता या मारे जाने भी खबर होती है।
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उन्होंने बताया कि फर्जी एजेंसियों के एजेंट बेरोजगार युवकों को बहला-फुसलाकर लालच देते हैं और अपना निशाना बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) की देखरेख में चलाया जाएगा और नियमित आधार पर मुख्यालय स्तर पर इसकी मानिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी पुलिस नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाती रहेगी।
यूपी के मुजफ्फरनगर व मेरठ पर भी हुआ असर : एडीजीपी
मोहम्मद अकील ने बताया कि कबूतरबाजों ने हरियाणा में एमिग्रेशन के नाम पर दुकानें भी खोल ली हैं, पुलिस जिनकी छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ हरियाणा की नहीं, प्रदेश से सटे राज्यों में भी कबूतरबाज पांव पसार रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सटे यूपी के शहरों मुजफ्फरनगर और मेरठ में भी कबूतरबाजी के कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें ऐसे ठगों ने लोगों से विदेश भेजने के नाम पर भारी भरकम पैसा भी ऐंठ लिया और अवैध तरीके से लोगों को विदेश ले जाकर फंसा दिया है।
स्कूलों में बच्चों से दुर्व्यवहार रोकेगी पुलिस
स्कूल
हरियाणा पुलिस ने प्रदेश के स्कूलों में अध्यापकों द्वारा बच्चों के साथ की जाने वाली अमानवीय हरकतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्कूल लगने व छुट्टी के समय पुलिस उपस्थिति बढ़ाने का निर्णय लिया है। हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा, महिला पुलिस पीसीआर के साथ-साथ महिला पुलिस कांस्टेबलों की स्कूली बसों में विशेष रूप से तैनाती की गई है, जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला पुलिस थाने खोलने के बाद महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों में कमी आई है। भविष्य में पुलिस उपमंडल स्तर पर भी महिला पुलिस थाने खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस साल एक जनवरी से 30 अप्रैल तक आईपीसी की धारा 354 के तहत 467 मामले दर्ज किये गए हैं जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान 578 मामले दर्ज हुए थे।
इसी प्रकार, बलात्कार के मामलों में 320 की तुलना में 313 मामले दर्ज हुए हैं। इसी अवधि में वाहन चोरी की 4462 मामले, आबकारी अधिनियम के 4392 तथा मादक पदार्थों की अवैध ब्रिकी अधिनियम के तहत 443 मामले दर्ज किये गए हैं, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में क्त्रस्मशऱ् 4403, 4512 व 670 मामले दर्ज हुए थे।
प्रदेश में अब हालात सामान्य
हरियाणा पुलिस के एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) मोहम्मद अकील ने बताया कि प्रदेश में अब हालात पूरी तरह सामान्य हो गए हैं। जाटों द्वारा फिर से आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस पूरी तरह चौकस है और शांति बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी जगह पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए मुरथल प्रकरण पर पूछे गए सवाल पर एडीजीपी ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है इसलिए वे इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि इस मामले पर आम लोगों की भी नजर है और सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द स्थिति साफ हो।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला पुलिस थाने खोलने के बाद महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों में कमी आई है। भविष्य में पुलिस उपमंडल स्तर पर भी महिला पुलिस थाने खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस साल एक जनवरी से 30 अप्रैल तक आईपीसी की धारा 354 के तहत 467 मामले दर्ज किये गए हैं जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान 578 मामले दर्ज हुए थे।
इसी प्रकार, बलात्कार के मामलों में 320 की तुलना में 313 मामले दर्ज हुए हैं। इसी अवधि में वाहन चोरी की 4462 मामले, आबकारी अधिनियम के 4392 तथा मादक पदार्थों की अवैध ब्रिकी अधिनियम के तहत 443 मामले दर्ज किये गए हैं, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में क्त्रस्मशऱ् 4403, 4512 व 670 मामले दर्ज हुए थे।
प्रदेश में अब हालात सामान्य
हरियाणा पुलिस के एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) मोहम्मद अकील ने बताया कि प्रदेश में अब हालात पूरी तरह सामान्य हो गए हैं। जाटों द्वारा फिर से आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस पूरी तरह चौकस है और शांति बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी जगह पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए मुरथल प्रकरण पर पूछे गए सवाल पर एडीजीपी ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है इसलिए वे इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि इस मामले पर आम लोगों की भी नजर है और सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द स्थिति साफ हो।