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सिटी में रिक्शा और रिहड़ी चालकों के लिए बनेगा एक्ट
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चंडीगढ़। नियमों को दरकिनार कर अब शहर में रिक्शा और रेहड़ी नहीं चल पाएंगे। अगर नियमों की अनदेखी हुई तो पहली बार इन पर 300 रुपये, दूसरी बार 400 रुपये और तीसरी बार 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, चौथी बार में लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें कि शहर में 8 हजार से अधिक रिक्शा और रेहड़ी चल रहे हैं। प्रशासन ने रिक्शा और रेहड़ी के लिए रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस के साथ नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया है। साथ ही निगम को सूचित भी कर दिया है। अब शहरवासियों को एक महीने के भीतर सुझाव और आपत्तियां देनी होंगी, जिसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
चंडीगढ़ प्रशासन रिक्शा और रेहड़ी चालकों के लिए आरसी और डीएल अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद निगम की ओर से शहरवासियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। एक महीने के अंदर लोगों को इस पर अपने सुझाव निगम को भेजना होगा। सुझाव मिलने के बाद प्रशासन के द्वारा इसका फाइनल नोटीफिकेशन जारी किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो महीने से अधिक का समय लग सकता है।
बता दें कि चंडीगढ़ में साइकिल रिक्शा और रेहड़ी रखने के लिए कोई एक्ट नहीं है। विनियमन और नियंत्रण के अनुसार शहर में किसी भी व्यक्ति को रिक्शा रखने, किराए पर लेने या फिर निजी उपयोग के लिए के लिए कोई परमीशन नहीं है। इस लिए लिए यूटी प्रशासन इसे शहर में एक एक्ट के तहत अपने पास रखने और इसे चलाने के लिए एक लाइसेंस प्रदान करने का निर्णय लिया है। समय पर पर इसकी जांच भी होगी। यदि कोई कमी मिली तो निर्धारित जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
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15 साल तक दिया दिया जाएगा लाइसेंस
रिक्शा और रेहड़ी चालकों को पांच साल, 10 साल और 15 साल की अवधि के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। आरसी देने के लिए जो रूपरेखा तैयार की गई है, उसके मुताबिक पांच साल के लिए 600 रुपये, 10 साल के लिए एक हजार रुपये और 15 साल के लिए 1500 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं डीएल के लिए 300 रुपये का भुगतान 15 साल की अवधि के लिए करना होगा। उसके बाद हर 5 साल में डीएल का नवीनीकरण कराना पड़ेगा।
दो व्यक्ति ही बैठेंगे रिक्शा पर, 150 किलो वजन तक का सामान ढो सकेंगे
साइकिल रिक्शा या रेहड़ी के पीछे की तरफ एक नंबर प्लेट लगेगी। वहीं, इन पर अधिकतम वजन 150 किलोग्राम वजन तक के सामान ढोए जा सकेंगे। एक रिक्शा पर दो ही व्यक्तियों को बैठाने की अनुमति होगी। 12 वर्ष से कम उम्र के दो बच्चों को एक व्यक्ति के रूप में गिना जाएगा जबकि सात साल से कम उम्र के बच्चे को नहीं गिना जाना है।
नई नंबर प्लेट के लिए देने होंगे 100 रुपये
रिक्शा और रेहड़ी के हैंडल के दोनों तरफ आगे और पीछे की तरफ घंटी और रिफ्लेक्टर को लगवाना भी अनिवार्य होगा। यदि नंबर प्लेट कटे-फटे या नष्ट पाए जाते हैं तो लाइसेंसिंग अधिकारी 100 रुपये की फीस लेकर एक और नंबर प्लेट प्रदान करेगा। यह पूरा प्रोसेस नगर निगम की ओर से किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे जहां एमसी की आय होगी, वहीं शहर में रिक्शा और रेहड़ी चलाने वालों की पहचान हो सकेेगी।
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चंडीगढ़ प्रशासन रिक्शा और रेहड़ी चालकों के लिए आरसी और डीएल अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद निगम की ओर से शहरवासियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। एक महीने के अंदर लोगों को इस पर अपने सुझाव निगम को भेजना होगा। सुझाव मिलने के बाद प्रशासन के द्वारा इसका फाइनल नोटीफिकेशन जारी किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो महीने से अधिक का समय लग सकता है।
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बता दें कि चंडीगढ़ में साइकिल रिक्शा और रेहड़ी रखने के लिए कोई एक्ट नहीं है। विनियमन और नियंत्रण के अनुसार शहर में किसी भी व्यक्ति को रिक्शा रखने, किराए पर लेने या फिर निजी उपयोग के लिए के लिए कोई परमीशन नहीं है। इस लिए लिए यूटी प्रशासन इसे शहर में एक एक्ट के तहत अपने पास रखने और इसे चलाने के लिए एक लाइसेंस प्रदान करने का निर्णय लिया है। समय पर पर इसकी जांच भी होगी। यदि कोई कमी मिली तो निर्धारित जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
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15 साल तक दिया दिया जाएगा लाइसेंस
रिक्शा और रेहड़ी चालकों को पांच साल, 10 साल और 15 साल की अवधि के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। आरसी देने के लिए जो रूपरेखा तैयार की गई है, उसके मुताबिक पांच साल के लिए 600 रुपये, 10 साल के लिए एक हजार रुपये और 15 साल के लिए 1500 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं डीएल के लिए 300 रुपये का भुगतान 15 साल की अवधि के लिए करना होगा। उसके बाद हर 5 साल में डीएल का नवीनीकरण कराना पड़ेगा।
दो व्यक्ति ही बैठेंगे रिक्शा पर, 150 किलो वजन तक का सामान ढो सकेंगे
साइकिल रिक्शा या रेहड़ी के पीछे की तरफ एक नंबर प्लेट लगेगी। वहीं, इन पर अधिकतम वजन 150 किलोग्राम वजन तक के सामान ढोए जा सकेंगे। एक रिक्शा पर दो ही व्यक्तियों को बैठाने की अनुमति होगी। 12 वर्ष से कम उम्र के दो बच्चों को एक व्यक्ति के रूप में गिना जाएगा जबकि सात साल से कम उम्र के बच्चे को नहीं गिना जाना है।
नई नंबर प्लेट के लिए देने होंगे 100 रुपये
रिक्शा और रेहड़ी के हैंडल के दोनों तरफ आगे और पीछे की तरफ घंटी और रिफ्लेक्टर को लगवाना भी अनिवार्य होगा। यदि नंबर प्लेट कटे-फटे या नष्ट पाए जाते हैं तो लाइसेंसिंग अधिकारी 100 रुपये की फीस लेकर एक और नंबर प्लेट प्रदान करेगा। यह पूरा प्रोसेस नगर निगम की ओर से किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे जहां एमसी की आय होगी, वहीं शहर में रिक्शा और रेहड़ी चलाने वालों की पहचान हो सकेेगी।