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Chandigarh News: हत्या के प्रयास के मामले में 14 महीने जेल काटने के बाद आरोपी युवक बरी
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चंडीगढ़। हत्या के प्रयास मामले में 14 महीने की जेल काटने के बाद जिला अदालत ने आरोपी युवक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। युवक की पहचान मौलीजागरां निवासी विजय उर्फ खाज (20) के रूप में हुई है। विजय के खिलाफ मौलीजागरां थाना पुलिस ने दिसंबर 2022 को आईपीसी की धारा 23, 341, 506, 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उस पर विजय और एक अन्य युवक ने लोहे की रोड से हमला किया था। मामले में जीएमसीएच-32 के डॉ. दीपक कुमार की गवाही अहम साबित हुई। डॉक्टर ने अदालत में कहा कि शिकायतकर्ता अस्पताल में आया था, लेकिन उसने मेडिकल नहीं करवाया। उसे रेडियोलॉजी और सर्जरी डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वह अस्पताल से भाग गया। इससे यह साबित नहीं हुआ कि युवक को गंभीर चोट थी।
आरोपी का केस लड़ने वाले वकील रमन सिहाग और नीरज सनसनीवाल ने बहस के दौरान कहा कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को मौके पर दिए बयान डीडीआर में कहा था कि उस पर किसी ने पीछे से डंडे से हमला किया था। अगले दिन दर्ज एफआईआर में उसने आरोप लगाया कि विजय खाज और एक अन्य नाबालिग ने उसकी बाइक के आगे आकर उस पर लोहे की रोड से हमला किया। वहीं, शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसका दोस्त अरविंद उसे जीएमसीएच-32 लेकर गया था, लेकिन अस्पताल के कार्ड में किसी जितेंद्र का नाम था। शिकायतकर्ता के बयानों में मतभेद रहा जिस पर अदालत ने आरोपी विजय को बरी कर दिया।
क्या था मामला
मौलीजागरां कांप्लेक्स के रहने वाले आजाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि दो दिसंबर 2022 की शाम छह बजे वह पंचकूला से घर बाइक से लौट रहा था। जब वह राजीव कॉलोनी रोड के पास पहुंचा तो विजय उर्फ खाज और एक नाबालिग खड़े थे। उनके हाथ में डंडे और रोड थी। विजय उर्फ खाज ने उसके सिर पर लोहे की रोड से वार किया। हमले में वह नीचे गिर गया और नाबालिग ने उसे चाकू दिखाते हुए जान से मारने की धमकी थी। मौके पर लोग इकट्ठा होने पर हमलावर भाग गए। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामले में नाबालिग के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
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आरोपी का केस लड़ने वाले वकील रमन सिहाग और नीरज सनसनीवाल ने बहस के दौरान कहा कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को मौके पर दिए बयान डीडीआर में कहा था कि उस पर किसी ने पीछे से डंडे से हमला किया था। अगले दिन दर्ज एफआईआर में उसने आरोप लगाया कि विजय खाज और एक अन्य नाबालिग ने उसकी बाइक के आगे आकर उस पर लोहे की रोड से हमला किया। वहीं, शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसका दोस्त अरविंद उसे जीएमसीएच-32 लेकर गया था, लेकिन अस्पताल के कार्ड में किसी जितेंद्र का नाम था। शिकायतकर्ता के बयानों में मतभेद रहा जिस पर अदालत ने आरोपी विजय को बरी कर दिया।
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क्या था मामला
मौलीजागरां कांप्लेक्स के रहने वाले आजाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि दो दिसंबर 2022 की शाम छह बजे वह पंचकूला से घर बाइक से लौट रहा था। जब वह राजीव कॉलोनी रोड के पास पहुंचा तो विजय उर्फ खाज और एक नाबालिग खड़े थे। उनके हाथ में डंडे और रोड थी। विजय उर्फ खाज ने उसके सिर पर लोहे की रोड से वार किया। हमले में वह नीचे गिर गया और नाबालिग ने उसे चाकू दिखाते हुए जान से मारने की धमकी थी। मौके पर लोग इकट्ठा होने पर हमलावर भाग गए। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामले में नाबालिग के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
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