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विपक्ष के निशाने पर कैप्टन का राजघाट का धरना, आप और अकाली दल ने कहा- मोदी से मिलें मुख्यमंत्री
Wed, 04 Nov 2020 03:10 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Nov 2020 03:10 PM IST
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दलजीत सिंह चीमा, भगवंत मान।
- फोटो : (फाइल फोटो)
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने दिल्ली के राजघाट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के धरने को किसानों को गुमराह करने बताया है। साथ ही उन्हें सलाह दी है कि वह राजघाट में धरना देने की बजाय किसानों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और रेलमंत्री से मुलाकात करें। इससे पंजाब के साथ ही यहां के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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शिअद नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह नौटंकी के अलावा कुछ नहीं है। मुख्यमंत्री जानबूझकर केंद्र से संपर्क नहीं कर रहे हैं। इससे पहले वह रेलमंत्री तथा प्रधानमंत्री के पास जाने के बजाय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिख चुके हैं। अब भी केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने और मालगाड़ियों को तुरंत शुरू करवाने की जगह मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति से मिलने के लिए विधायकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
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अब यह पता चला है कि राष्ट्रपति ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। मुख्यमंत्री को पंजाबियों को बताना चाहिए कि उन्होंने विधायकों को गुमराह क्यों किया।
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मोदी के पास जाएं कैप्टन: भगवंत मान
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का दिल्ली के राजघाट पर जाना सियासी नाटक बताया है। उन्होंने कहा है कि कैप्टन राजघाट में न जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाएं और किसानों की मांगों को लेकर वार्ता करें।
पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग यह समझ चुके हैं कि कृषि कानूनों को वापस लेना और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गेहूं-धान समेत सभी फसलों की खरीद की गारंटी का फैसला प्रधानमंत्री के हाथ में है। फिर कैप्टन प्रधानमंत्री से मिलने के बजाय इधर-उधर की ड्रामेबाजी किसको बेवकूफ बनाने के लिए कर रहे हैं। यह सब कर कैप्टन किसानों को गुमराह कर रहे हैं। मान ने कहा कि अब कैप्टन को गद्दी छोड़ देनी चाहिए।