द हिंदू बैंक मामलाः 4.15 करोड़ का डिफाल्टर गिरफ्तार, प्रापर्टी भी की गई अटैच
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एनपीए के फेर में फंसे द हिंदू कोऑपरेटिव बैंक पर छाए काले बादल छंटने शुरू हो गए हैं। बैंक का एनपीए 80.18 करोड़ से घटकर 49.49 करोड़ पर आ गया है। वहीं सोमवार देर शाम बैंक प्रबंधन की टीम ने पठानकोट और बटाला पुलिस के सहयोग से 4.15 करोड़ के बड़े डिफाल्टर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया है। डिफाल्टर शहर का नामी व्यवसायी है।
बैंक के सीईओ अमन मेहता ने बताया कि उक्त कारोबारी को पकड़ने के लिए पहले रेकी कर उसके ठिकाने का पता लगाया और फिर पठानकोट और बटाला पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया। डिफाल्टर कारोबारी की प्रापर्टी भी अटैच कर ली गई है। उनकी प्रापर्टी को अगली नीलामी में बेचा जाएगा। उन्होंने बताया बैंक ने 37.50 करोड़ की रिकवरी कर ली है। अब बैंक का एनपीए 80.18 करोड़ से घटकर 49.49 करोड़ रह गया है। हालांकि अभी 125 डिफाल्टरों से रिकवरी बाकी है।
सीईओ अमन मेहता ने बताया कि 15 नवंबर को पठानकोट और चंडीगढ़ से अधिकारी आरबीआई के सेंट्रल ऑफिस में गए थे। वहां अधिकारियों को बैंक की रिकवरी और प्रोग्रेस के बारे बताया गया, इसके अलावा बताया गया कि किस तरह बैंक के उपभोक्ता परेशान हैं। इस दौरान पत्र दिया गया कि वार्षिक निकासी की लिमिट को 10 से बढ़ाकर 25 हजार किया जाए। मेहता ने कहा कि अगर इस लेटर से बात नहीं बनी तो दोबारा टीम सेंट्रल ऑफिस जाएगी और रिपोर्ट रिप्रेजेंट कर आरबीआई से गुहार लगाई जाएगी।
26 कर्मचारियों के डेपुटेशन जाने का रास्ता साफ
सीईओ ने बताया कि खर्च कम करने के लिहाज से बैंक के 24 मुलाजिमों को पंजाब के विभिन्न कोऑपरेटिव बैंकों में डेपुटेशन पर भेजे जा चुके हैं और चंडीगढ़ मीटिंग में 29 अन्य कर्मचारियों को डेपुटेशन पर भेजने का रास्ता साफ हो गया है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2-4 दिन में उसके आर्डर हो जाएंगे। मेहता ने बताया कि नवंबर में 28, 29, 30 और 12 दिसंबर को डिफाल्टरों की जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी होगी।