{"_id":"63ae934169bfb8454472e268","slug":"98-percent-paper-saved-through-e-vidhan-sabha-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीतकालीन सत्र: शून्यकाल में कांग्रेस विधायक भाजपा सदस्यों से अधिक बोले, ई-विधानसभा सफल, 98 फीसदी कागज बचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीतकालीन सत्र: शून्यकाल में कांग्रेस विधायक भाजपा सदस्यों से अधिक बोले, ई-विधानसभा सफल, 98 फीसदी कागज बचा
Fri, 30 Dec 2022 01:01 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 30 Dec 2022 01:01 PM IST
सार
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के तहत चली कार्यवाही से 98 फीसदी कागज की बचत हुई। सत्र की 3 बैठकों की कुल कार्यवाही 16 घंटे 25 मिनट चली। इस कार्यवाही को देखने के लिए करीब 772 दर्शक पहुंचे, जिनमें 8 शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और अध्यापक भी शामिल रहे।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा विधानसभा के तीन दिन चले शीतकालीन सत्र के दौरान शून्यकाल में कांग्रेस के सदस्य भाजपा सदस्यों से अधिक समय बोले। शून्यकाल के तहत सदन में 3 घंटे 18 मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें 47 विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर मिला। इनमें कांग्रेस के 20, भाजपा के 18, जजपा के 5 और निर्दलीय 4 विधायक शामिल रहे। इस दौरान कांग्रेस को 1 घंटा 24 मिनट, भाजपा को 1 घंटा 15 मिनट, जजपा को 23 मिनट और निर्दलीय विधायकों को 16 मिनट बोलने का मौका मिला।
विज्ञापन
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने यह जानकारी साझा की। गुप्ता ने बताया कि शीतकालीन सत्र की कार्य उत्पादकता 91.2 फीसदी रही। 26 दिसंबर को सत्र से पूर्व आयोजित कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सत्र 3 दिन तक रोजाना 6 घंटे चलना तय हुआ था लेकिन पहले दिन 4 घंटे 10 मिनट, दूसरे दिन 6 घंटे 25 मिनट और तीसरे दिन 5 घंटे 50 मिनट कार्यवाही चली। एक अल्प अवधि चर्चा प्रस्ताव भी विधायी कामकाज का हिस्सा रहा। विधानसभा सचिवालय को अल्प अवधि चर्चा प्रस्ताव 2 प्राप्त हुए थे, जिनमें से एक को ध्यानाकर्षण सूचना में तबदील कर दिया गया।
विज्ञापन
सफल रहा पेपर लेस प्रयोग
गुप्ता ने कहा कि पेपर लेस विधानसभा का प्रयोग अत्यंत सफल रहा। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के तहत चली कार्यवाही से 98 फीसदी कागज की बचत हुई। सत्र की 3 बैठकों की कुल कार्यवाही 16 घंटे 25 मिनट चली। इस कार्यवाही को देखने के लिए करीब 772 दर्शक पहुंचे, जिनमें 8 शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और अध्यापक भी शामिल रहे। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने गुरुवार को पत्रकारवार्ता में सत्र की कार्यवाही से संबंधित आंकड़े पत्रकारों के साथ साझा किए।
विज्ञापन
16 विधेयक पारित, 12 ध्यानाकर्षण पर चर्चा
इस दौरान कुल 16 विधेयक पारित किए गए। 12 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा सदन पटल पर रखे गए 60 तारांकित प्रश्नों में से 35 के जवाब संबंधित मंत्रियों ने विस्तार से दिए। शीतकालीन सत्र के लिए तारांकित प्रश्न 54 विधायकों की ओर से भेजे गए थे, जिनमें कांग्रेस के 24, भाजपा के 20, जजपा के 5 इनेलो के 1, हलोपा के 1 तथा 4 निर्दलीय विधायक शामिल रहे। 22 विधायकों के 110 अतारांकित सवालों के जवाब भी सदन पटल पर रखे गए।