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जीरो लाइन जमीन: पंजाब सरकार से नाराज 8000 किसान, कहा- चार साल से नहीं दिया मुआवजा
Thu, 16 Sep 2021 11:41 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:41 AM IST
सार
पंजाब के 8000 किसान कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार से नाराज हैं। यही वजह है कि किसान मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले लेकिन चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं कर पाए। इसके बाद किसानों ने चंडीगढ़ सीमा पर धरना शुरू कर दिया। हालांकि बाद में सरकार ने बातचीत का न्योता भेजा है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को जीरो लाइन जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से 8000 किसान पंजाब सरकार से नाराज हैं। बुधवार को सरकार से नाराज किसान कैप्टन आवास घेरने निकले लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने किसानों को चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद वहीं धरने पर बैठ गए। सरकार ने किसानों को बातचीत का न्योता दिया है।
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प्रदर्शन कर रहे पंजाब बॉर्डर एरिया किसान यूनियन के प्रधान सुरजीत सिंह भूरा ने बताया कि जीरो लाइन जमीन का सीमावर्ती क्षेत्र के लगभग 8000 किसानों को केंद्र और पंजाब सरकार प्रति एकड़ की दर से 10 हजार मुआवजा देती है। केंद्र की तरफ से आधा हिस्सा दिया जा चुका है लेकिन चार साल होने को आ रहे हैं, अभी तक कैप्टन सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया।
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इस कारण मजबूरी में किसानों को कैप्टन आवास की ओर रुख करना पड़ा। उन्होंने बताया कि यदि शीघ्र ही सरकार द्वारा उनको मुआवजा राशि नहीं की जाती वे आंदोलन को जारी रखेंगे। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से किसानों से वार्ता का न्योता दिया गया है।