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627 तरह के बुद्ध देखना चाहते हैं तो यहां आएं
अमित कुमार
Updated Mon, 06 Jan 2014 01:03 PM IST
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सेक्टर-10 स्थित म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में आप भगवान बुद्ध के 627 रूप देख सकते हैं। इनमें बुद्ध की एक सबसे प्राचीन प्रतिमा है।
शिस्त पत्थर से तराशी गई यह प्रतिमा वैसे तो गांधार शैली की है मगर अपने पहनावे से रोमन और ग्रीक शैली की भी झलक देती है। बीसवीं सदी के शुरू में पेशावर में खुदाई के दौरान यह प्रतिमा मिली थी।
सबसे पहले 1949 में इसे अमृतसर और उसके बाद शिमला और लुधियाना के संग्रहालयों में इसे रखा गया। शिस्त पत्थर में माइका का काफी अंश होता है।
इसलिए इस मूर्ति के मुख का अधिकतम भाग स्पर्श करने पर काफी मुलायम प्रतीत होता है।
प्रतिमा में बुद्ध का उश्नीश (सिर पर बालों का गुच्छ), ऊर्ण (माथे का भाग) और लंबे हाथ ग्रीक शैली को उजागर करते हैं। प्रतिमा जिस तरह से ध्यानमग्न है वह रोमन शैली है।
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शिस्त पत्थर से तराशी गई यह प्रतिमा वैसे तो गांधार शैली की है मगर अपने पहनावे से रोमन और ग्रीक शैली की भी झलक देती है। बीसवीं सदी के शुरू में पेशावर में खुदाई के दौरान यह प्रतिमा मिली थी।
सबसे पहले 1949 में इसे अमृतसर और उसके बाद शिमला और लुधियाना के संग्रहालयों में इसे रखा गया। शिस्त पत्थर में माइका का काफी अंश होता है।
इसलिए इस मूर्ति के मुख का अधिकतम भाग स्पर्श करने पर काफी मुलायम प्रतीत होता है।
प्रतिमा में बुद्ध का उश्नीश (सिर पर बालों का गुच्छ), ऊर्ण (माथे का भाग) और लंबे हाथ ग्रीक शैली को उजागर करते हैं। प्रतिमा जिस तरह से ध्यानमग्न है वह रोमन शैली है।
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