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अग्निपथ विरोध का असर: पंजाब आने वाले कोयले के रैक में 60 फीसदी की कमी, थर्मल प्लांटों में गहरा सकता है संकट
Mon, 20 Jun 2022 04:52 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 20 Jun 2022 04:52 PM IST
सार
पावरकॉम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां का कहना है कि ट्रेनें रद्द होने का असर पंजाब में कोयले की आपूर्ति पर पड़ा है। पावरकॉम इस संकट से जूझने के लिए तैयार है। बाहर से 8500 मेगावाट तक बिजली रोज ली जा सकती है।
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कोयला आपूर्ति
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
अग्निपथ योजना के विरोध में रेल ट्रैकों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन की वजह से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसका असर पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। पंजाब आने वाले कोयले के रैक में 60 फीसदी की कमी आई है। इससे आने वाले दिनों में थर्मलों में कोयले का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। प्लांटों में पहले ही कोयले की कमी है। हालात यह हैं कि रविवार को गोइंदवाल में मात्र डेढ़ दिन, तलवंडी साबो में पांच, रोपड़ थर्मल प्लांट में 16, लहरा मुहब्बत में 14 और राजपुरा में 21 दिन का कोयला शेष है।
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पावरकॉम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां का कहना है कि ट्रेनें रद्द होने का असर पंजाब में कोयले की आपूर्ति पर पड़ा है। पावरकॉम इस संकट से जूझने के लिए तैयार है। बाहर से 8500 मेगावाट तक बिजली रोज ली जा सकती है।
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रोज 20 रैक कोयले की जरूरत
पंजाब के थर्मल प्लांटों को रोज 20 रैक कोयले की जरूरत है। पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पंजाब में कोयले की आपूर्ति प्रभावित रही, अब अग्निपथ योजना के विरोध में ट्रेनें रद्द हो रही हैं। ट्रेनें रद्द होने की वजह से झारखंड से शुक्रवार व शनिवार को काफी कम कोयला पंजाब भेजा गया है। यह कोयला तीन से चार दिन में पंजाब पहुंचेगा। अब ऐसे में कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से दिक्कत आएगी। पावरकॉम ने धान सीजन के लिए बिजली के शॉर्ट टर्म खरीद समझौतों के अलावा बैंकिंग सिस्टम के तहत भी 3000 मेगावाट बिजली का प्रबंध कर रखा है।
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रविवार को 10981 मेगवाट रही बिजली की मांग
पंजाब में रविवार को भी बिजली की मांग में कमी दर्ज की गई। अधिकतम मांग 10,981 मेगावाट रही। रविवार को रोपड़ की एक, लहरा मुहब्बत की दो और गोइंदवाल की एक यूनिट बंद रही। पावरकॉम को अपने थर्मल प्लांटों से 793 मेगावाट, निजी थर्मलों से 2576 मेगावाट समेत अन्य स्रोतों को मिलाकर कुल 4210 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। रविवार को एक्सचेंज में बिजली सस्ती होने के कारण पावरकॉम ने 6500 मेगावाट ली। यह बिजली पावरकॉम को करीब साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिली।