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सरकार का बड़ा फैसला, 31 को घर भेज दिए जाएंगे 58 साल के कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:35 AM IST
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govt office
जाब सरकार के विभागों में 58 साल या उससे अधिक उम्र के कार्यरत कर्मचारियों को आगामी 31 जुलाई को रिटायर कर घर भेज दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 साल तय करने और किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नौकरी में एक्सटेंशन न देने का फैसला लिए जाने के बाद वित्त विभाग ने आनन फानन में प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को 25 जुलाई को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। वित्त विभाग के प्रस्ताव के तहत 58 साल उम्र पार कर चुके सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को 31 जुलाई को रिटायरमेंट दे दी जाएगी। इसके साथ ही सूबे में नई नौकरियों का रास्ता भी खुल जाएगा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने चुनाव मैनिफेस्टो में हर घर में एक नौकरी का वादा किया था। सरकार का मानना है कि सरकारी खजाने से लगभग 75 फीसदी राशि कर्मचारियों के वेतन में चली जाती है।
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सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को 25 जुलाई को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। वित्त विभाग के प्रस्ताव के तहत 58 साल उम्र पार कर चुके सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को 31 जुलाई को रिटायरमेंट दे दी जाएगी। इसके साथ ही सूबे में नई नौकरियों का रास्ता भी खुल जाएगा।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने चुनाव मैनिफेस्टो में हर घर में एक नौकरी का वादा किया था। सरकार का मानना है कि सरकारी खजाने से लगभग 75 फीसदी राशि कर्मचारियों के वेतन में चली जाती है।
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वित्तीय बोझ बढ़ेगा, कुछ बचत भी होगी :
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : ani
वित्तीय बोझ बढ़ेगा, कुछ बचत भी होगी :
वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के रूप में दी जाने वाली रकम से राज्य सरकार पर 2500 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ बढ़ेगा। हालांकि 58 साल की उम्र के कर्मचारियों को 31 जुलाई को घर भेज दिए जाने से राज्य सरकार को 750 करोड़ रुपये की बचत भी होगी। उल्लेखनीय है कि रिटायरमेंट के समय तय रकम कर्मचारियों को छह माह के दौरान दी जाती है। इसके लिए तय प्रक्रिया के अनुसार, रिटायरमेंट का केस पहले महालेखाकार के पास जाता है।
बैंक से लेगी कर्ज :
सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार रिटायर होने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को उनकी बकाया राशि का भुगतान करने के लिए बैंक से कर्ज लेने का मन बना चुकी है। यह कर्ज अगले चार साल में लौटा दिया जाएगा। गौरतलब है कि सेवाकाल में एक्सटेंशन पा चुके कई कर्मचारी 80-80 हजार वेतन ले रहे हैं।
सहकारी बैंकों में फैसला सबसे पहले लागू :
पंजाब सरकार ने सेवाकाल में एक्सटेंशन न दिए जाने के फैसले को सहकारी बैंकों में सबसे पहले लागू किया है। सहकारी बैंको में भी सेवाकाल में एक्सटेंशन का फैसला वापस लेते हुए इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है।
वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के रूप में दी जाने वाली रकम से राज्य सरकार पर 2500 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ बढ़ेगा। हालांकि 58 साल की उम्र के कर्मचारियों को 31 जुलाई को घर भेज दिए जाने से राज्य सरकार को 750 करोड़ रुपये की बचत भी होगी। उल्लेखनीय है कि रिटायरमेंट के समय तय रकम कर्मचारियों को छह माह के दौरान दी जाती है। इसके लिए तय प्रक्रिया के अनुसार, रिटायरमेंट का केस पहले महालेखाकार के पास जाता है।
बैंक से लेगी कर्ज :
सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार रिटायर होने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को उनकी बकाया राशि का भुगतान करने के लिए बैंक से कर्ज लेने का मन बना चुकी है। यह कर्ज अगले चार साल में लौटा दिया जाएगा। गौरतलब है कि सेवाकाल में एक्सटेंशन पा चुके कई कर्मचारी 80-80 हजार वेतन ले रहे हैं।
सहकारी बैंकों में फैसला सबसे पहले लागू :
पंजाब सरकार ने सेवाकाल में एक्सटेंशन न दिए जाने के फैसले को सहकारी बैंकों में सबसे पहले लागू किया है। सहकारी बैंको में भी सेवाकाल में एक्सटेंशन का फैसला वापस लेते हुए इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है।