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चंडीगढ़ में पहली स्लॉट सिस्टम से ट्रांसफर, 52 सेनेटरी इंस्पेक्टर के तबादले, मकसद पारदर्शिता लाना
Wed, 28 Aug 2019 11:22 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 28 Aug 2019 11:22 AM IST
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तबादले
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ के एमओएच विंग में पहली बार स्लॉट सिस्टम से ट्रांसफर किए गए हैं। प्रत्येक सेनेटरी इंस्पेक्टर को एक-एक मौका देकर पर्ची उठाने को कहा गया था। जिस सेनेटरी इंस्पेक्टर को जहां का क्षेत्र मिला वहां ट्रांसफर स्वीकार किया। कमिश्नर केके यादव का कहना है कि इससे ट्रांसफर पॉलिसी में पारदर्शिता आएगी और जहां जगह मिलेगी कर्मचारी आसानी से जाकर काम कर सकेंगे।
कमिश्नर केके यादव और एमओएच डॉ. एपी सिंह को शिकायत मिल रही थी कि नीचे स्तर पर कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। कई बार कहने के बावजूद न कर्मचारी क्षेत्र में दिखते हैं और न ठीक से काम करते हैं। इसमें चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर और सेनेटरी इंस्पेक्टर की भी मिलीभगत रहती है। कमिश्नर ने सख्ती करते हुए सभी के ट्रांसफर करने के निर्देश एमओएच को करने के लिए कहा था।
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर का ट्रांसफर पहले ही हो चुका है। तब कुछ लोगों ने कहा था कि अपने चहेते लोगों का ट्रांसफर उनकी मनपसंद जगह कर दिया गया है। अब ट्रांसफर पालिसी में पारदर्शिता लाने के लिए कमिश्नर के निर्देश पर एमओएच ने स्लॉट सिस्टम अपनाया। सभी 52 सेनेटरी इंस्पेक्टर को एक-एक पर्ची उठाने को कहा गया था। जिसके पास जो जगह आई, उसे वहां भेज दिया गया।
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कमिश्नर केके यादव और एमओएच डॉ. एपी सिंह को शिकायत मिल रही थी कि नीचे स्तर पर कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। कई बार कहने के बावजूद न कर्मचारी क्षेत्र में दिखते हैं और न ठीक से काम करते हैं। इसमें चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर और सेनेटरी इंस्पेक्टर की भी मिलीभगत रहती है। कमिश्नर ने सख्ती करते हुए सभी के ट्रांसफर करने के निर्देश एमओएच को करने के लिए कहा था।
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चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर का ट्रांसफर पहले ही हो चुका है। तब कुछ लोगों ने कहा था कि अपने चहेते लोगों का ट्रांसफर उनकी मनपसंद जगह कर दिया गया है। अब ट्रांसफर पालिसी में पारदर्शिता लाने के लिए कमिश्नर के निर्देश पर एमओएच ने स्लॉट सिस्टम अपनाया। सभी 52 सेनेटरी इंस्पेक्टर को एक-एक पर्ची उठाने को कहा गया था। जिसके पास जो जगह आई, उसे वहां भेज दिया गया।
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कमिश्नर बोले, लापरवाही मिली तो कटेगी सैलरी
कमिश्नर ने यह बात पहले ही स्पष्ट कर दी थी कि कर्मचारियों की लापरवाही की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। इसका भुगतान भी अधिकारियों को ही करना होगा। यदि पूरे माह कर्मचारियों का प्रदर्शन खराब मिला तो पहले सुपरविजन अधिकारी की सैलरी से 50 प्रतिशत, दूसरे सुपरविजन अधिकारी की सैलरी से 30 प्रतिशत और तीसरे सुपरविजन अधिकारी की सैलरी से 20 प्रतिशत की कटौती होगी। उसके बाद सुपरविजन अधिकारी भी सख्त हो गए थे।
सुपरविजन अधिकारी हुए एक्टिव, 42 की काटी सैलरी
कमिश्नर के निर्देश के बाद सुपरविजन अधिकारी भी एक्टिव हो गए थे। उन्होंने पिछले सप्ताह औचक निरीक्षण कर 42 लोगों को काम पर न मिलने का कारण बताने का नोटिस जारी किया था। बेहतर जवाब न मिलने पर आउटसोर्स कर्मचारियों की पूरी सैलरी काट दी थी। रेगुलर कर्मचारियों की आधे दिन की सैलरी और भविष्य में लापरवाही न बरतने का नोटिस जारी किया है।
सुपरविजन अधिकारी हुए एक्टिव, 42 की काटी सैलरी
कमिश्नर के निर्देश के बाद सुपरविजन अधिकारी भी एक्टिव हो गए थे। उन्होंने पिछले सप्ताह औचक निरीक्षण कर 42 लोगों को काम पर न मिलने का कारण बताने का नोटिस जारी किया था। बेहतर जवाब न मिलने पर आउटसोर्स कर्मचारियों की पूरी सैलरी काट दी थी। रेगुलर कर्मचारियों की आधे दिन की सैलरी और भविष्य में लापरवाही न बरतने का नोटिस जारी किया है।
निचले स्तर के कर्मचारियों का ट्रांसफर भी जल्द
निचले स्तर पर सुपरविजन करने वाले व उपस्थिति लगाने वाले सुपरविजन कर्मचारियों का ट्रांसफर भी जल्द किया जाएगा। कुछ दिन पहले विजलेंस टीम ने एक कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा था। पूछताछ में उसने बताया था कि निचले स्तर पर काफी गड़बड़ी होती है। उसके बाद कमिश्नर ने तत्काल सभी के ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।
ट्रांसफर पालिसी में पारदर्शिता बनी रहे और कर्मचारी ठीक से कम करें इसके लिए यह सिस्टम अपनाया है। उम्मीद है कर्मचारी ईमानदारी से क्षेत्र में काम करेंगे।
- केके यादव, कमिश्नर
कमिश्नर के निर्देश के बाद सभी के ट्रांसफर किए गए हैं। कर्मचारी बेहतर काम करें और कोई गलतफहमी उन्हें न हो इसके लिए नया सिस्टम अपनाया है।
- डॉ. एपी सिंह, एमओएच
ट्रांसफर पालिसी में पारदर्शिता बनी रहे और कर्मचारी ठीक से कम करें इसके लिए यह सिस्टम अपनाया है। उम्मीद है कर्मचारी ईमानदारी से क्षेत्र में काम करेंगे।
- केके यादव, कमिश्नर
कमिश्नर के निर्देश के बाद सभी के ट्रांसफर किए गए हैं। कर्मचारी बेहतर काम करें और कोई गलतफहमी उन्हें न हो इसके लिए नया सिस्टम अपनाया है।
- डॉ. एपी सिंह, एमओएच