Manimajra: 24 घंटे पानी सप्लाई योजना में गड़बड़ी, चीफ इंजीनियर और विजिलेंस को मानवाधिकार आयोग का नोटिस
मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई परियोजना करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई थी, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। हालांकि, इसमें धांधली के आरोप लग रहे हैं।
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मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई परियोजना में गड़बड़ियों पर पंजाब और चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर और यूटी विजिलेंस विभाग को नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक जवाब मांगा है। इसके साथ नगर निगम के एक्सईएन को भी 31 जुलाई को आयोग के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
यह परियोजना करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई थी, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। हालांकि, इसमें धांधली के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में, आम आदमी पार्टी (आप) ने इस 75 करोड़ रुपये के काम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट में विजिलेंस जांच चल रही है।
आप ने की सीबीआई जांच की मांग, भाजपा ने भी उठाया था मुद्दा
चंडीगढ़ आप ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। पार्टी अध्यक्ष विजयपाल ने आरोप लगाया कि इसके पीछे नेता, बड़े अधिकारी और कॉर्पोरेट शामिल हैं। उन्हें विजिलेंस जांच पर भरोसा नहीं है। इस मामले को सबसे पहले चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उठाया था। उन्होंने बताया था कि 4 अगस्त 2024 को परियोजना का उद्घाटन होने के बावजूद एक भी दिन पानी की सप्लाई नहीं हुई और घरों में अभी भी गंदा पानी आ रहा है। उनकी शिकायत के बाद ही केंद्र सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया और जांच का जिम्मा चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग को सौंपा।