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रेप की कोशिश करने के दोषी को 18 साल कैद, जज बोलीं- महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं चंडीगढ़

Thu, 29 Nov 2018 05:16 PM IST
राजन सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजन सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 29 Nov 2018 05:16 PM IST
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18 Year Old Imprisonment to Rape Attempt Accused, Judge Statement on Chandigarh for Girls
रेप की कोशिश करने का आरोपी

दुष्कर्म की कोशिश के दोषी को जज ने 18 साल की सजा सुनाई, वहीं जज ने लड़कियों की सुरक्षा और चंडीगढ़ शहर पर तीखा कमेंट किया। फैशन डिजाइनर युवती से दुष्कर्म की कोशिश के दोषी ऑटो चालक अटावा निवासी मुकेश को अदालत ने 18 साल, एक महीने कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1.68 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि फैसला सुनाते हुए जिला अदालत-43 की जज पूनम आर जोशी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि चंडीगढ़ स्वतंत्र रूप से घूमने वाली महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है।

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जज ने कहा कि जो ऑटो पब्लिक की सुविधा के लिए हैं, अब वही अपराध का साधन बन गए हैं। यह स्थिति चिंताजनक है। देहरादून निवासी युवती 20 मई को प्रोफेशनल टूर पर चंडीगढ़ आई थी। सेक्टर- 35 में डिनर के  बाद वह सेक्टर-42 निवासी दोस्त के घर जा रही थी। रात करीब ढाई बजे युवती सेक्टर-35/43 के चौक के समीप पहुंची तो सेक्टर-35 की तरफ से एक ऑटो चालक उसके पास रुका। युवती ने सेक्टर-42 जाने को कहा तो चालक मुकेश ने उसे ऑटो में बिठा लिया। लेकिन वह युवती को सेक्टर-42, अटावा के स्लिप रोड़ पर अंधेरे में ले गया और ऑटो रोककर युवती से छेड़छाड़ करने लगा।
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युवती विरोध करती रही जबकि वह उससे दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। उसी दौरान सेक्टर-43 बस स्टैंड से सेक्टर-17 जा रही एक सीटीयू बस के ड्राइवर मोहित व कंडक्टर रविंदर की नजर युवती पर पड़ी। युवती की चीखें सुनकर उन्होंने बस रोकी और दौड़कर युवती को बचाया। इसके बाद उन्होंने आटो चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।  पुलिस ने ऑटो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। दोषी ने वारदात में इस्तेमाल ऑटो नंबर (सीएच10-5टी-222) को मार्च, 2016 में खरीदा था। लेकिन वारदात के समय तक उसने अपना ऑटो रजिस्टर्ड नहीं कराया था।

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दोषी की धाराओं के तहत सजा

आईपीसी की धारा    कैद    जुर्माना
376        12 साल       1.55 लाख रुपये
354        2 साल    5000 रुपये
354-ए        6 महीने    1000 रुपये
354-बी        3 साल    5000 रुपये
341        1 महीना    1000 रुपये
323        6 महीने    1000 रुपये

जज ने ड्राइवर कंडक्टर की तारीफ की
अपनी टिप्पणी के दौरान जज पूनम आर जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ शहर महिलाओं के स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए सुरक्षित जगह नहीं रहा है। दुष्कर्म के कितने ही मामलों में ऑटो चालकों की भूमिका सामने आ चुकी है। इस केस में भी समाज के दो चेहरे देखने को मिले हैं। एक दोषी ऑटो चालक, जो रात में घर जा रही युवती का फायदा उठाना चाह रहा था। दूसरा सीटीयू स्टाफ, जिसने ऐन वक्त पर युवती की मदद की और उसकी अस्मत बचाई।
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