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जीएमसीएच 32 के 11 डॉक्टर समेत 17 स्टाफ कोरोना संक्रमित, एक मरीज की मौत
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चंडीगढ़। शहर में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। रविवार को शहर में 89 नए संक्रमित मिले, जिनमें से अकेले जीएमसीएच-32 के 17 स्टाफ शामिल हैं। इनमें 11 डॉक्टर, 5 नर्सिंग ऑफिसर और एक सुरक्षाकर्मी शामिल है। खास बात यह है कि इसी सुरक्षाकर्मी ने कुछ दिन पहले अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कूदे कोरोना पॉजिटिव मरीज को उठाकर इमरजेंसी में पहुंचाया था। वहीं, जीएमसीएच-32 में एक पॉजिटिव मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रशासन द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन में जीएमसीएच के 7 लोगों में ही कोरोना की पुष्टि की गई है जबकि सूत्रों का कहना है कि अस्पताल का 17 स्टाफ पॉजिटिव होकर कोविड वार्ड में भर्ती हुआ हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं रविवार को एक पॉजिटिव मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान सेक्टर-32 निवासी 32 वर्षीय महिला के रूप मेें हुई है। महिला को हृदय संबंधित रोग था। इसके अलावा महिला को पीलिया व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं। महिला की मौत घर में ही हो गई थी। मौत के बाद की गई कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद महिला के संपर्क मेें आए लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। कोरोना से एक और मौत के बाद शहर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है जबकि पॉजिटिव केसों की संख्या 1515 पर पहुंच गई है। तेजी से बढ़ रहे मरीजों के साथ ही मृतकों की बढ़ती संख्या प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ 32 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज भी किया गया।
जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
चंडीगढ़। सुरक्षाकर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गुस्सा फूट गया। सदस्यों न प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कमेटी के विरोध के बाद सुरक्षाकर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। वहीं तीन अन्य कर्मचारियों को प्रबंधन ने एक दिन क्वारंटीन करने के बाद वापस बुला लिया था। यह प्रबंधन की गंभीर लापरवाही है। इस मामले को अमर उजाला ने 5 अगस्त के अंक में 'लापरवाही : सुरक्षाकर्मियों को क्वारन्टीन करने की बजाय ड्यूटी पर बुला लिया' शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखबीर सिंह ने कहा कि एक तरफ जहां पहले ही कोरोना वायरस के कारण जीएमसीएच-32 अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारी इस महामारी के खतरे में ड्यूटी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा कर्मचारियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। प्रबंधन की लापरवाही से सुरक्षाकर्मियों में डर का माहौल है। बीते कुछ दिन पहले अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कोरोना पॉजिटिव मरीज ने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मरीज से कूदने के बाद उसे चार सुरक्षा कर्मचारी गंभीर अवस्था में इमरजेंसी वार्ड में लेकर गए थे। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों पर कोरोना का खतरा मंडराने लगा था। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने तीन सुरक्षा कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया था, लेकिन अगले दिन ही तीनों में से दो को ड्यूटी बुला लिया। केवल एक सुरक्षा कर्मचारी को क्वारंटीन रखा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसके बाद प्रबंधन की नींद खुली और अन्य तीन सुरक्षा कर्मचारियों को फिर से क्वारंटीन कर दिया है। प्रबंधन को पता था कि सुरक्षाकर्मी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे तो उन्हें ड्यूटी पर क्यों बुलाया गया।
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प्रशासन द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन में जीएमसीएच के 7 लोगों में ही कोरोना की पुष्टि की गई है जबकि सूत्रों का कहना है कि अस्पताल का 17 स्टाफ पॉजिटिव होकर कोविड वार्ड में भर्ती हुआ हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं रविवार को एक पॉजिटिव मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान सेक्टर-32 निवासी 32 वर्षीय महिला के रूप मेें हुई है। महिला को हृदय संबंधित रोग था। इसके अलावा महिला को पीलिया व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं। महिला की मौत घर में ही हो गई थी। मौत के बाद की गई कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद महिला के संपर्क मेें आए लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। कोरोना से एक और मौत के बाद शहर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है जबकि पॉजिटिव केसों की संख्या 1515 पर पहुंच गई है। तेजी से बढ़ रहे मरीजों के साथ ही मृतकों की बढ़ती संख्या प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ 32 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज भी किया गया।
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जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
चंडीगढ़। सुरक्षाकर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गुस्सा फूट गया। सदस्यों न प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कमेटी के विरोध के बाद सुरक्षाकर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। वहीं तीन अन्य कर्मचारियों को प्रबंधन ने एक दिन क्वारंटीन करने के बाद वापस बुला लिया था। यह प्रबंधन की गंभीर लापरवाही है। इस मामले को अमर उजाला ने 5 अगस्त के अंक में 'लापरवाही : सुरक्षाकर्मियों को क्वारन्टीन करने की बजाय ड्यूटी पर बुला लिया' शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखबीर सिंह ने कहा कि एक तरफ जहां पहले ही कोरोना वायरस के कारण जीएमसीएच-32 अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारी इस महामारी के खतरे में ड्यूटी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा कर्मचारियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। प्रबंधन की लापरवाही से सुरक्षाकर्मियों में डर का माहौल है। बीते कुछ दिन पहले अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कोरोना पॉजिटिव मरीज ने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मरीज से कूदने के बाद उसे चार सुरक्षा कर्मचारी गंभीर अवस्था में इमरजेंसी वार्ड में लेकर गए थे। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों पर कोरोना का खतरा मंडराने लगा था। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने तीन सुरक्षा कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया था, लेकिन अगले दिन ही तीनों में से दो को ड्यूटी बुला लिया। केवल एक सुरक्षा कर्मचारी को क्वारंटीन रखा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसके बाद प्रबंधन की नींद खुली और अन्य तीन सुरक्षा कर्मचारियों को फिर से क्वारंटीन कर दिया है। प्रबंधन को पता था कि सुरक्षाकर्मी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे तो उन्हें ड्यूटी पर क्यों बुलाया गया।
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