फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   16 corrupt government employees caught every month in Haryana

Chandigarh News: हरियाणा में हर महीने पकड़े गए 16 भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी

Thu, 25 Jan 2024 03:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jan 2024 03:27 AM IST
विज्ञापन
16 corrupt government employees caught every month in Haryana
पिछले साल 152 ट्रैप लगाए गए, जो दस सालों में सबसे ज्यादा थे
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक (एसीबी) ने भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कस रही है। पिछले साल 152 ट्रैप लगाए गए, जो पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा थे। इस दौरान 30 गजस्टेड अधिकारी, 156 अन्य अधिकारी व 40 निजी व्यक्तियों को दबोचा गया। इनके पास से 86,12,300 रुपये बरामद किए गए। इनमें 53 मामले शिकायतों व पूछताछ के आधार पर दर्ज किए गए। इस तरह औसतन हर महीने 16 सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह खुलासा एसीबी प्रमुख चीफ शत्रुजीत कपूर ने किया। उन्होंने इस मौके पर 24 शिकायतकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट करते हुए सम्मानित किया गया। कपूर ने कहा कि इन शिकायतकर्ताओं की वजह से भ्रष्ट कर्मचारियों को पकड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि तीन साल से ज्यादा वक्त से लंबित करीब 90 शिकायतों की जांच पूरी की गई है। इन जांचों में 65 गजस्टेड अधिकारियों, 69 अन्य अधिकारियों और 113 निजी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, जबकि शेष 37 जांचों में आरोप सिद्ध न होने के चलते इन्हे बंद कर दिया गया। इसके साथ ही, ब्यूरो द्वारा 10 तकनीकी रिपोर्टों को सरकार के पास भेजा गया है जिसमें 9 गजस्टेड अधिकारियों, 5 अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई व्यक्ति सरकारी काम करने की एवज में रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत उसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर- 18001802022 और 1064 अथवा व्हाट्सएप नंबर- 9417891064 पर दें। शत्रुजीत कपूर ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ बढ़ रही कार्रवाई में सरकार का अहम रोल रहा है। कि उन्होंने बताया कि भ्रष्ट लोक सेवकों की संपत्ति को अटैच करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसमें एक मामले में कार्रवाई की गई है। वहीं, सरकार ने सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग करने वाले पीड़ित लोगों को ‘ट्रैप मनी‘ प्रदान करने के लिए एक रिवॉल्विंग फंड की स्थापना को मंजूरी दी जा चुकी है।

गवाह न मुकरें, एसीबी ने उठाया यह कदमएसीबी के कई केसों में गवाह मुकर जाते हैं। इसलिए केस कमजोर पड़ जाते हैं। अदालत में सजा दिलाने के मामले में एसीबी का सक्सेस रेट करीब 47.5 फीसदी है। उन्होंने बताया कि गवाह न मुकरे इसके लिए उन्होंने कई कदम उठाए हैं, जिनमें शिकायतकर्ता से लिखित में शिकायत ली जाती है। गवाही की आडियो व वीडियो बनाई जाती है। साथ अदालतों में उनकी गवाही रिकॉर्ड की जाती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed