फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   250 मीटर सड़क में आई दरार, 6 किमी लगा लंबा जाम

250 मीटर सड़क में आई दरार, 6 किमी लगा लंबा जाम

Wed, 26 Sep 2018 02:24 AM IST
Updated Wed, 26 Sep 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
250 मीटर सड़क में आई दरार, 6 किमी लगा लंबा जाम
नेशनल हाईवे पर जाम से निजात के लिए करना होगा इंतजार
विज्ञापन



- 250 मीटर सड़क में आई दरार, छह किमी. लगा लंबा जाम
- घटनास्थल पर पहुंची एक्सपर्ट की टीम, बोली-समय लगेगा

अवधेश शुक्ला/डीके चौहान
पंचकूला। कौशल्या डैम से छोड़े गए पानी से कालका-शिमला नेशनल हाईवे-22 पर करीब 250 मीटर लंबाई तक सड़क में डेढ़ से दो इंच की दरारें आई हैं। जबकि सड़क के नीचे से मिट्टी खिसकने से वाहन सेफ्टी गार्ड कौशल्या नदी की तरफ झुक गए हैं। गनीमत रही कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर दिया। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान जा सकती थी। हाईवे की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को अमर उजाला टीम ने दौरा किया। इस दौरान हाईवे पर दिल दहला देने वाले दृश्य दिखाई दिए।
सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे अथॉरिटी ने क्षतिग्रस्त सड़क के दोनों तरफ सुरक्षाकर्मी तैनात कर चौकसी बढ़ा दी है। वहीं, इस घटना के बाद हाईवे पर पूरा दिन वाहन रेंगते नजर आए। पंचकूला और शिमला दोनों तरफ करीब छह किलोमीटर का लंबा जाम लगा रहा। हालांकि, कालका एसीपी क्राइम अर्शदीप दलबल के साथ खुद मौके पर ट्रैफिक यातायात को संभालते नजर आए। वहीं, हाईवे किनारे और कौशल्या नदी के पास बसे लोगों के चेहरे पर खौफ साफ झलक रहा था। उन्हें येे भय अंदर ही अंदर आए जा रहा है कि पता नहीं कब उनका भी आशियाना पानी बहाकर न ले जाए।
विज्ञापन

60 वर्षीय बलबीर ने कहा कि जब भी प्रकृति से छेड़छाड़ हुई है। उसका खामियाजा लोगों को जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ा है। चाहे वह मुंबई हो या फिर केरल में बाढ़ त्रासदी। कौशल्या नदीं के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। 1984 में इस नदी का जो स्वरूप था अब वैसा नहीं है। वर्तमान में इसी नदी की चौड़ाई आधी भी नहीं रही। यही कारण है कि जब भी कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है और वहां से पानी को छोड़ा जाता है तो लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घटनास्थल का एक्सपर्ट टीम ने लिया जायजा
अमरावती टोल प्लाजा हाईवे पर आई दरार को जांचने के लिए मंगलवार दोपहर को प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी की एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे के निरीक्षण के बाद टीम इस नतीजे पर पहुंची की करीब 250 सौ मीटर की सड़क को ठीक करने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। टीम के सदस्यों ने बताया कि इस सड़क को बचाने के दो ही तरीके हैं। पहला तरीका ये है कि कौशल्या नदी की तरफ से सड़क को कंकरीट के पिलर से स्पॉट देकर बनाया जाए, लेकिन ये ज्यादा कारगर नहीं है। वहीं, दूसरी तरीका है सड़क के बीच ड्रिल करके पिलर डाला जाए। इसके बाद सड़क का दोबारा से निर्माण हो।

हाईवे पर जाम के झाम से नहीं मिलेगी निजात
अधिकारियों की मानें तो अभी कुछ दिन के बाद एनएच-22 पर वाहन चालकों को जाम के झाम का सामना करना पड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कारिंदों का कहना है कि वाहन चालकों को जाम की परेशानी से बचाने के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन पूरी तरह से निजात पाने में समय लगेगा। उन्होंने बताया कि जब तक पूरी तरह से दूसरी तरफ की सड़क बनकर तैयार नहीं होगी ये समस्या बनी रहेगी।

धारा-144 की उड़ाई धज्जियां, नदी में नहाते दिखे बच्चे और लोग
तीन दिन की बारिश से कौशल्या और घग्गर में बढ़े जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी थी। लेकिन मंगलवार को कौशल्या डैम के आसपास लोग प्रशासन के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। बच्चे जहां नदी में बेखौफ नहाते दिखे, वहीं लोग मच्छली पकडने की कोशिश में जुटे थे।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष में घनघनाते रहे फोन, नहीं रिसीव हुई कॉल
कौशल्या डैम से रात में छोड़े गए पानी से बही झुग्गियों के बाद प्रशासन की ओर से बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष के फोन देर रात तक बजते रहे, लेकिन कॉल को किसी ने रिसीव नहीं किया। ऐसे में ड्यूटी को लेकर सरकारी कर्मचारी कितना गंभीर हैं। इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। हालांकि जब इस मामले की सूचना प्रशासन के उच्चाधिकारियों को मिली तो उन्होंने कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। उन्होंने देर रात औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट तलब की है।

बारिश से किसानों की 10 फीसदी फसल तबाह
तीन दिन की बारिश से किसानों की करीब 10 फीसदी फसल तबाह होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि सटीक आंकड़े अगले 24 घंटे में सामने आ जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि पंचकूला में करीब 4500 के आसपास किसान फसल बीमा योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं और इन रजिस्टर्ड किसानों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं ताकि वह फॉर्म भर कर जमा करवा सकें। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को उनके फॉर्म को भेजा जाएगा।

उपायुक्त ने लिया कड़ा संज्ञान, अधिकारियों को दिए जांच के आदेश
पंचकूला उपायुक्त ने धारा-144 के उल्लंघन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष में कॉल रिसीव न होने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्होंने घग्गर और कौशल्या नदी पर पेट्रोलिंग बढ़वा दी है। उपायुक्त ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश से नदियों में पानी की मात्रा बढ़ गई थी, जो कि अब सामान्य स्थिति में है। डैम के पानी से बेघर हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

10 करोड़ की लागत से बनेगा पुल
पंचकूला के मोरनी ब्लॉक में कोटी गांव में नदी के ऊपर से पाइप को पकड़ बच्चों द्वारा नदी पार करने का वीडियो वायरल होने के मामले में उपायुक्त ने कहा कि इस दिक्कत को देखते हुए एक पुल बनाया जा रहा है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये के टेंडर्स हो चुके है और इस पर अगले महीने काम शुरू हो जाएगा।

हाईवे पर लेबर बस्ती के लोगों ने दो बार लगाया जाम
पिंजौर में पानी में बही झुग्गियों को लेकर लेबर बस्ती रामपुर सियुडी के लोगों ने मंगलवार को रोष स्वरूप दो बार नेशनल हाईवे-22 पर जाम लगाया। जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन देकर हाईवे से उठाया। हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार से मुआवजे की मांग की। तहसीलदार रोशनलाल ने उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

कौशल्या नदी के पानी से नौ लोग प्रभावित
प्रशासन से कोई मदद न मिलने के चलते लेबर बस्ती के लोगों ने सोमवार की रात करीब 10 मिनट और मंगलवार सुबह करीब 11 से साढ़े 11 बजे तक आधे तक हाईवे को जाम रखा तहसीलदार कालका ने बताया कि करीब 9 लोग प्रभावित हुए हैं और करीब एक दर्जन लोगों के घरों को खाली करवाया गया है। मौके की रिपोर्ट बना कर वे प्रशासनिक आला अधिकारियों को देंगे।


कौशल्या डैम वाटर बम
बंसल ने बताया कि विजिलेंस, सिंचाई विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कौशल्या डैम वाटर बम है। जिस दिन इसमें पानी का बहाव आएगा उससे अमरावती, लेबर कॉलोनी, पंचकूला आदि को भारी नुकसान होगा। इसके बाद भी सरकार ने आवश्यक कार्रवाई नहीं की और कॉलोनी के डंगे तोड़ दिए। इस मौके पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया कॉर्डिनेटर दीपांशु बंसल, पूर्व पार्षद सीमा देवी, पूर्व सरपंच योगेंद्र ठाकुर, भीम सेन, चंद्रपाल, दिलवारा नंबरदार, धीरज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed