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सांपों को पकड़ने के लिए निगम ने छेड़ी मुहिम
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:17 AM IST
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लावारिस पशुओं के मामले में फजीहत कराने के बाद अब निगम पकडे़गा सांप और बंदर
आठ कर्मचारियों की टीम ने दो सांप पकड़े
सांपों को पकड़ने के लिए निगम ने छेड़ी मुहिम
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। लावारिस पशुओं को पकड़ने में नकारा साबित होने के बाद अब नगर निगम ने एक ओर मुहिम छेड़ दी है। लावारिस पशुओं के मामले में फजीहत कराने के बाद पंचकूला नगर निगम की इस मुहिम के तहत अब सांप और बंदर पकड़े जाएंगे। बाकायदा इसके लिए निगम ने आठ कर्मचारियों की टीम भी तैयार कर ली है जो रोजाना शहर के विभिन्न हिस्सों से सांप और बंदर पकड़ेगी। वीरवार को इस टीम ने दो सांपों को पकड़कर मोरनी के जंगलों में छोड़ा।
वहीं, दूसरी ओर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि लोगों की शिकायतेें लगातार मिल रही थी कि बंदर लगातार सेक्टरों में घूम रहे हैं, जो आये दिन लोगों की छतों से सामान उठाकर भाग जाते हैं और कई लोगों पर हमला कर देते हैं। इसके अलावा कई जगहों से सांपों के निकलने की सूचना थी। जिसके बाद इस टीम ने लगभग आठ से 10 सांप पकड़े हैं, साथ ही 35 बंदरों को पकड़ा है। जोगपाल के अनुसार निगम ने वन विभाग से इस काम के लिए स्पेशल परमिशन ले रखी है, इसके बाद ही इन्हें पकड़कर मोरनी के जंगलों में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों सांपों को पुराना पंचकूला के पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा गया है।
एक दिन पहले ही हुआ है नोटिस जारी
लावारिस पशुओं के सड़कों पर घूमने को लेकर एक दिन पहले ही पंचकूला कोर्ट की तरफ से तीन हफ्ते में डीसी और निगम आयुक्त को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का नोटिस जारी हो चुका है। गौरतलब है कि इससे पूर्व नगर निगम ने 15 अगस्त तक जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त करने को लेकर डेडलाइन तय की थी। लेकिन अब बिना किसी प्लान के शुरू हुई पशुओं को पकड़ने की इस मुहिम ने भी दम तोड़ दिया है, क्योंकि जिले की सभी गौशालाओं में क्षमता से अधिक लावारिस पशु रखे जा रहे हैं तो ऐसे में सड़कों पर घूम रहे अन्य पशुओं को रखना निगम के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं, ऐसे हालातों में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम का किसी अन्य मुहिम को छेड़ना अब कितना कारगर हो सकता है।
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आठ कर्मचारियों की टीम ने दो सांप पकड़े
सांपों को पकड़ने के लिए निगम ने छेड़ी मुहिम
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। लावारिस पशुओं को पकड़ने में नकारा साबित होने के बाद अब नगर निगम ने एक ओर मुहिम छेड़ दी है। लावारिस पशुओं के मामले में फजीहत कराने के बाद पंचकूला नगर निगम की इस मुहिम के तहत अब सांप और बंदर पकड़े जाएंगे। बाकायदा इसके लिए निगम ने आठ कर्मचारियों की टीम भी तैयार कर ली है जो रोजाना शहर के विभिन्न हिस्सों से सांप और बंदर पकड़ेगी। वीरवार को इस टीम ने दो सांपों को पकड़कर मोरनी के जंगलों में छोड़ा।
वहीं, दूसरी ओर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि लोगों की शिकायतेें लगातार मिल रही थी कि बंदर लगातार सेक्टरों में घूम रहे हैं, जो आये दिन लोगों की छतों से सामान उठाकर भाग जाते हैं और कई लोगों पर हमला कर देते हैं। इसके अलावा कई जगहों से सांपों के निकलने की सूचना थी। जिसके बाद इस टीम ने लगभग आठ से 10 सांप पकड़े हैं, साथ ही 35 बंदरों को पकड़ा है। जोगपाल के अनुसार निगम ने वन विभाग से इस काम के लिए स्पेशल परमिशन ले रखी है, इसके बाद ही इन्हें पकड़कर मोरनी के जंगलों में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों सांपों को पुराना पंचकूला के पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा गया है।
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एक दिन पहले ही हुआ है नोटिस जारी
लावारिस पशुओं के सड़कों पर घूमने को लेकर एक दिन पहले ही पंचकूला कोर्ट की तरफ से तीन हफ्ते में डीसी और निगम आयुक्त को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का नोटिस जारी हो चुका है। गौरतलब है कि इससे पूर्व नगर निगम ने 15 अगस्त तक जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त करने को लेकर डेडलाइन तय की थी। लेकिन अब बिना किसी प्लान के शुरू हुई पशुओं को पकड़ने की इस मुहिम ने भी दम तोड़ दिया है, क्योंकि जिले की सभी गौशालाओं में क्षमता से अधिक लावारिस पशु रखे जा रहे हैं तो ऐसे में सड़कों पर घूम रहे अन्य पशुओं को रखना निगम के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं, ऐसे हालातों में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम का किसी अन्य मुहिम को छेड़ना अब कितना कारगर हो सकता है।
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