फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   नगर निगम के विकास कार्यों में लाखों की अनियमितता मामले में गिरेगी गाज

नगर निगम के विकास कार्यों में लाखों की अनियमितता मामले में गिरेगी गाज

Sat, 17 Feb 2018 01:09 AM IST
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम के विकास कार्यों में लाखों की अनियमितता मामले में गिरेगी गाज
निगम के विकास कार्यों में लाखों की अनियमितता मामले में गिरेगी गाज
विज्ञापन

- विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट की तैयारी, तकनीकी विंग का है मामला
- प्रशासनिक मंजूरी का जरिया रहे ईओ को निगम ने दी गई क्लीन चिट
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नगर निगम कमिश्नर ने हरियाणा शहरी निकाय विभाग की ओर से सात दिसंबर 2017 को लिखे पत्र के आधार पर की गई जांच में पंचकूला नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी को नियत-सात के तहत अनियमितता बरतने के मामले में क्लीन चिट दे दी है। अनियमितता के इस मामले की शिकायत विजिलेंस कर रही थी, इसमें सात अधिकारियों के शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि निगम कमिश्नर ने इस पत्र में संबंधित 10 कंपनियों से करीब 54 लाख रुपये की रिकवरी कराने की मांग की है।

इस मामले की जांच के बाद निगम आयुक्त की ओर से विभाग के निदेशक को भेजी गई रिपोर्ट में पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन एसई अनिल मेहता, रिटायर्ड एक्सईएन एमएल आहूजा, नगर अभियंता संजय गोयल, राजकुमार, विजय गोयल के अलावा तत्कालीन नगर अभियंता मनदेव सिंह को नियम-सात के तहत आरोपी माना है। कमिश्नर की ओर तैयार रिपोर्ट में लिखा गया है कि विभिन्न विकास कार्यों में कार्यकारी अधिकारी अधिकारी ओपी सिहाग के खिलाफ नियम सात के तहत कार्यवाही के लिए ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार की जानी है। लेकिन, इन विकास कार्यों में टेक्रिकल विंग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका है जबकि इस मामले में केवल प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इन कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए सक्षम अधिकारी तत्कालीन नगर निगम आयुक्त को दी गई थी। ओपी सिहाग प्रशासनिक स्वीकृति के लिए फाइलों को सक्षम अधिकारियों तक भेजने का जरिया रहे। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ओपी सिहाग की ओर से किसी तरह का तकनीकी कार्य नहीं करवाया गया है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की ओर से छह अगस्त 2015 की जांच रिपोर्ट में विकास कार्यों के बारे में की गई जांच में अनियमितताएं पाई गई है, जिसे तकनीकी शाखा से संबंधित बताया गया है। कमिश्नर ने डायरेक्टर से सिहाग के खिलाफ नियम 7 को नियम 8 में परिवर्तित करने करने जबकि शेष छह पर नियम सात में ही चार्जशीट के तहत कार्यवाही की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed