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जल्द न्याय के लिए संवेदनशीलता और अंत्योदय भाव से काम करें अधिवक्ता: सीएम
Updated Wed, 26 Jul 2017 09:30 AM IST
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Manohar lal khattar
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि गरीब और जरूरतमंदों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता और अंत्योदय के भाव से कार्य करें। सेक्टर-1 स्थित जिला अदालत परिसर में 7.32 करोड़ से बने बार चैंबर के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि समाज में पारिवारिक, आस-पड़ोस के छोटे परिवाद भी अदालत पहुंच जाते हैं। अगर थोड़ी कोशिश की जाए तो ऐसे परिवाद कोर्ट से बाहर ही सुलझ सकते हैं। इसमें अधिवक्ताओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बेशक वकालत अधिवक्ताओं का पेशा है, लेकिन वे सामाजिक दायित्व के इस काम में संवेदना रखते हुए कोशिश करें कि अव्यवस्था से पैदा हुए समाज के परिवादों को कोर्ट से बाहर ही सुलझा लिया जाए।
गरीब और जरूरतमंदों से कम फीस लें अधिवक्ता: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर जरूरतमंदों को सस्ता व समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए व्यवस्थाएं की हैं। बावजूद इसके फीस लेने में अधिवक्ता इस बात का ध्यान रखें कि गरीब और जरूरतमंद से कम फीस लें। सीएम ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुचारु, प्रभावी तथा सरल बनाने के उद्देश्य से डिजिटाइजेशन के साथ ढांचागत सुविधाएं भी प्रदेश में मुहैया कराई गई हैं। उन्हें खुशी है कि ढांचागत सुविधाओं के मामले में हरियाणा उत्तर भारत में सबसे बेहतर है।
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अधिवक्ताओं के लिए 200 से अधिक चैंबर, मिलेगा बेहतर माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 में उन्होंने ही इन चैंबर्स का नींव पत्थर रखा था। यहां 200 से अधिक चैंबर तैयार होने से अधिवक्ता वर्ग को सही स्थान के साथ काम का बेहतर माहौल मिलेगा। न्यायिक प्रणाली व्यवस्था में ढांचागत सुविधाओं की मांग को सरकार प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।
13 अतिरिक्त ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स को मिल चुकी हैं मंजूरी
इस मौके पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भवन निर्माण समिति ने निर्णय लिया है कि पूरे प्रदेश में ढांचागत निर्माण की कमी को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। एक साल में प्रदेश में 52 नए कोर्ट रूम स्थापित किए गए हैं, जबकि 96 कोर्ट रूम का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा कि पंचकूला में भी 13 अतिरिक्त ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स की स्वीकृति मिल चुकी है। जब भी जरूरत महसूस होगी इनका निर्माण करवा दिया जाएगा। उन्होंने बार एसोसिएशन से आग्रह किया कि वे भी इस तरह की प्रणाली विकसित करें ताकि किसी भी पीड़ित को न्याय मिलने में देरी न हो। इस मौके पर जिला बार ऐसोसिएशन के प्रधान संदीप कुमार, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका विधायक लतिका शर्मा, डीसी गौरी पराशर जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु टैगोर, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलाब सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि समाज में पारिवारिक, आस-पड़ोस के छोटे परिवाद भी अदालत पहुंच जाते हैं। अगर थोड़ी कोशिश की जाए तो ऐसे परिवाद कोर्ट से बाहर ही सुलझ सकते हैं। इसमें अधिवक्ताओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बेशक वकालत अधिवक्ताओं का पेशा है, लेकिन वे सामाजिक दायित्व के इस काम में संवेदना रखते हुए कोशिश करें कि अव्यवस्था से पैदा हुए समाज के परिवादों को कोर्ट से बाहर ही सुलझा लिया जाए।
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गरीब और जरूरतमंदों से कम फीस लें अधिवक्ता: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर जरूरतमंदों को सस्ता व समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए व्यवस्थाएं की हैं। बावजूद इसके फीस लेने में अधिवक्ता इस बात का ध्यान रखें कि गरीब और जरूरतमंद से कम फीस लें। सीएम ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुचारु, प्रभावी तथा सरल बनाने के उद्देश्य से डिजिटाइजेशन के साथ ढांचागत सुविधाएं भी प्रदेश में मुहैया कराई गई हैं। उन्हें खुशी है कि ढांचागत सुविधाओं के मामले में हरियाणा उत्तर भारत में सबसे बेहतर है।
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अधिवक्ताओं के लिए 200 से अधिक चैंबर, मिलेगा बेहतर माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 में उन्होंने ही इन चैंबर्स का नींव पत्थर रखा था। यहां 200 से अधिक चैंबर तैयार होने से अधिवक्ता वर्ग को सही स्थान के साथ काम का बेहतर माहौल मिलेगा। न्यायिक प्रणाली व्यवस्था में ढांचागत सुविधाओं की मांग को सरकार प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।
13 अतिरिक्त ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स को मिल चुकी हैं मंजूरी
इस मौके पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भवन निर्माण समिति ने निर्णय लिया है कि पूरे प्रदेश में ढांचागत निर्माण की कमी को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। एक साल में प्रदेश में 52 नए कोर्ट रूम स्थापित किए गए हैं, जबकि 96 कोर्ट रूम का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा कि पंचकूला में भी 13 अतिरिक्त ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स की स्वीकृति मिल चुकी है। जब भी जरूरत महसूस होगी इनका निर्माण करवा दिया जाएगा। उन्होंने बार एसोसिएशन से आग्रह किया कि वे भी इस तरह की प्रणाली विकसित करें ताकि किसी भी पीड़ित को न्याय मिलने में देरी न हो। इस मौके पर जिला बार ऐसोसिएशन के प्रधान संदीप कुमार, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका विधायक लतिका शर्मा, डीसी गौरी पराशर जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु टैगोर, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलाब सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।