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पंचकूला: प्रॉपर्टी के नाम पर 150 करोड़ की ठगी, 400 लोगों ने दी शिकायत
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 06 Jul 2017 09:17 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-3 और 4 में प्लॉट, फ्लैट व अपार्टमेंट देने के नाम पर ट्राइसिटी के करीब चार सौ लोगों के साथ डेढ़ सौ करोड़ की ठगी हुई है। बुधवार को सीएम विंडो पर सभी ने शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित लोगों का आरोप है कि चंडीगढ़ की एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी ने प्लॉट फ्लैट व अपार्टमेंट बुकिंग के नाम पर 2010 में उनसे एडवांस रुपये लिए और 2011 में एग्रीमेंट हुआ। इस प्रोजेक्ट को मात्र 24 माह में पूरा करने का दावा किया गया। लेकिन सात साल बाद भी लोगों को न तो प्लॉट मिला और न ही फ्लैट। यह पूरा एरिया करीब दो सौ एकड़ में है, जहां लोगों को प्रापर्टी मिलनी थी।
जिन लोगों ने 2010 में बुकिंग कराई थी। उन्होंने कई बार पिंजौर एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी की प्रोग्रेस रिपोर्ट जाननी चाहिए। शुरू में कंपनी ने झांसे में लेने के लिए अच्छा रिस्पांस दिया। लेकिन 2014 के बाद कंपनी ने लोगों से बातचीत भी बंद कर दी। आरोप है कि कंपनी उनके रुपये हड़पकर भागना चाहती है। बुधवार को इसी के विरोध में उपभोक्ताओं ने पंचकूला के डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने बुधवार को सीएम विंडो और पंचकूला डीसी को कंपनी के खिलाफ शिकायत दी है।
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पीड़ित लोगों का आरोप है कि चंडीगढ़ की एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी ने प्लॉट फ्लैट व अपार्टमेंट बुकिंग के नाम पर 2010 में उनसे एडवांस रुपये लिए और 2011 में एग्रीमेंट हुआ। इस प्रोजेक्ट को मात्र 24 माह में पूरा करने का दावा किया गया। लेकिन सात साल बाद भी लोगों को न तो प्लॉट मिला और न ही फ्लैट। यह पूरा एरिया करीब दो सौ एकड़ में है, जहां लोगों को प्रापर्टी मिलनी थी।
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जिन लोगों ने 2010 में बुकिंग कराई थी। उन्होंने कई बार पिंजौर एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी की प्रोग्रेस रिपोर्ट जाननी चाहिए। शुरू में कंपनी ने झांसे में लेने के लिए अच्छा रिस्पांस दिया। लेकिन 2014 के बाद कंपनी ने लोगों से बातचीत भी बंद कर दी। आरोप है कि कंपनी उनके रुपये हड़पकर भागना चाहती है। बुधवार को इसी के विरोध में उपभोक्ताओं ने पंचकूला के डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने बुधवार को सीएम विंडो और पंचकूला डीसी को कंपनी के खिलाफ शिकायत दी है।
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सात साल में पांच फीसदी काम भी काम नहीं
सात साल में पांच फीसदी काम भी काम नहीं
सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराने वाले डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि करीब सात साल होने हो हैं। लेकिन पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 3 और 4 की प्रोग्रेस रिपोर्ट जीरो है। यहां मुश्किल से पांच फीसदी भी काम नहीं हुआ है।
कंपनी ने काम के नाम पर जमीन के सिर्फ एक हिस्से में एक दो जगहों पर खुदाई कराई है। 2014 के बाद से काम बंद है। लोग अब कंपनी से अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। लेकिन कंपनी के पदाधिकारियों ने अब फोन कॉल्स पिक करने बंद कर दिए हैं।
लाइसेंस भी रिवाइज करने का आरोप
मामले में पीड़ित विजय कौशिक ने बताया कि कंपनी ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लाइसेंस भी रिवाज कराने की कोशिश की थी। लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी सफल नहीं हो पाई। इसके लिए एसोसिएशन ने करीब 15 दिन पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग को लिखा कि जिस लाइसेंस के लिए कंपनी ने अप्लाई किया है वह कंपनी को न दिया जाए। क्योंकि ये कंपनी लोगों के साथ फ्रॉड कर रही है।
सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराने वाले डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि करीब सात साल होने हो हैं। लेकिन पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 3 और 4 की प्रोग्रेस रिपोर्ट जीरो है। यहां मुश्किल से पांच फीसदी भी काम नहीं हुआ है।
कंपनी ने काम के नाम पर जमीन के सिर्फ एक हिस्से में एक दो जगहों पर खुदाई कराई है। 2014 के बाद से काम बंद है। लोग अब कंपनी से अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। लेकिन कंपनी के पदाधिकारियों ने अब फोन कॉल्स पिक करने बंद कर दिए हैं।
लाइसेंस भी रिवाइज करने का आरोप
मामले में पीड़ित विजय कौशिक ने बताया कि कंपनी ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लाइसेंस भी रिवाज कराने की कोशिश की थी। लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी सफल नहीं हो पाई। इसके लिए एसोसिएशन ने करीब 15 दिन पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग को लिखा कि जिस लाइसेंस के लिए कंपनी ने अप्लाई किया है वह कंपनी को न दिया जाए। क्योंकि ये कंपनी लोगों के साथ फ्रॉड कर रही है।