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टायर खराब होने से थम गए एक दर्जन बसों के पहिये
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:23 AM IST
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टायर खराब होने से थमे 12 बसों के पहिये
ग्रामीण इलाकों में दो दिनों से बसों की आवाजाही बंद
बुंगा, कोट, डबकौरी सहित अन्य गांवों तक नहीं है परिवहन की सुविधा
बसों का संचालन शुरू होने के लिए करना होगा अगले सप्ताह तक इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
खस्ताहाल टायरों की वजह से दो दिनों से पंचकूला के ग्रामीण इलाकों में रहने वालों की समस्या बढ़ गई है। दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या अस्पताल तक पहुंचने के लिए यात्रियों को ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है, जो परेशानियों से भरा है। हालांकि रोडवेज का दावा है कि टायरों की खरीद के लिए ऑर्डर हो चुके हैं, अगले सप्ताह मंगलवार तक यह समस्या दूर हो जाएगी।
पंचकूला से रोजाना अलग अलग रूटों पर रोडवेज की 80 बसें संचालित होती हैं। इनमें सिटी के अलावा दूसरे शहरों को जाने वाली बसें भी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा के लिए बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन खस्ताहाल टायर की वजह से यात्रियों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
गांव बुंगा के गुरजीत ने बताया कि दो दिन से उनके गांव के लिए बसों की आवाजाही बंद है। इसके बारे में रोडवेज कर्मियों ने बताया कि टायर खराब हैं और नए टायर आने पर ही दोबारा सेवा बहाल होगी। कोट, डबकौरी, बेहड़, कनौली सहित कुछ और गांवों में बसें संचालित नहीं हो रही हैं।
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अधिक वक्त और पैसा खर्च हो रहा है
ग्रामीणों की शिकायत है कि बारिश के दौरान अब उन्हें पंचकूला के लिए कई बार ऑटो बदलने पड़ रहे हैं। इसमें अधिक वक्त और पैसे भी खर्च हो रहे हैं, जबकि अस्पताल तक मरीजों को जांच के लिए पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। रोडवेज के ट्रैफिक इंचार्ज अरविंद ने इस बारे में कहा कि टायरों के ऑर्डर हो चुके हैं। अगले मंगलवार तक सेवाएं बहाल हो जाएंगी।
स्टूडेंट्स नहीं जा पा रहे कॉलेज
कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू है। इस दौरान आसपास के गांवों से रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पंचकूला के लिए आते हैं। लेकिन प्रभावित गांवों से बसों का संचालन न होने से उन्हें भी दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस कारण स्टूडेंट्स को न केवल अधिक खर्च करना पड़ रहा है, बल्कि आने जाने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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ग्रामीण इलाकों में दो दिनों से बसों की आवाजाही बंद
बुंगा, कोट, डबकौरी सहित अन्य गांवों तक नहीं है परिवहन की सुविधा
बसों का संचालन शुरू होने के लिए करना होगा अगले सप्ताह तक इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
खस्ताहाल टायरों की वजह से दो दिनों से पंचकूला के ग्रामीण इलाकों में रहने वालों की समस्या बढ़ गई है। दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या अस्पताल तक पहुंचने के लिए यात्रियों को ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है, जो परेशानियों से भरा है। हालांकि रोडवेज का दावा है कि टायरों की खरीद के लिए ऑर्डर हो चुके हैं, अगले सप्ताह मंगलवार तक यह समस्या दूर हो जाएगी।
पंचकूला से रोजाना अलग अलग रूटों पर रोडवेज की 80 बसें संचालित होती हैं। इनमें सिटी के अलावा दूसरे शहरों को जाने वाली बसें भी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा के लिए बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन खस्ताहाल टायर की वजह से यात्रियों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
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गांव बुंगा के गुरजीत ने बताया कि दो दिन से उनके गांव के लिए बसों की आवाजाही बंद है। इसके बारे में रोडवेज कर्मियों ने बताया कि टायर खराब हैं और नए टायर आने पर ही दोबारा सेवा बहाल होगी। कोट, डबकौरी, बेहड़, कनौली सहित कुछ और गांवों में बसें संचालित नहीं हो रही हैं।
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अधिक वक्त और पैसा खर्च हो रहा है
ग्रामीणों की शिकायत है कि बारिश के दौरान अब उन्हें पंचकूला के लिए कई बार ऑटो बदलने पड़ रहे हैं। इसमें अधिक वक्त और पैसे भी खर्च हो रहे हैं, जबकि अस्पताल तक मरीजों को जांच के लिए पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। रोडवेज के ट्रैफिक इंचार्ज अरविंद ने इस बारे में कहा कि टायरों के ऑर्डर हो चुके हैं। अगले मंगलवार तक सेवाएं बहाल हो जाएंगी।
स्टूडेंट्स नहीं जा पा रहे कॉलेज
कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू है। इस दौरान आसपास के गांवों से रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पंचकूला के लिए आते हैं। लेकिन प्रभावित गांवों से बसों का संचालन न होने से उन्हें भी दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस कारण स्टूडेंट्स को न केवल अधिक खर्च करना पड़ रहा है, बल्कि आने जाने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं।