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Dengue in Patiala: पटियाला में डेंगू का कहर, एक दिन में 13 नए मामले, कुल मरीजों की संख्या 365 तक पहुंची
Tue, 03 Oct 2023 10:33 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 03 Oct 2023 10:33 PM IST
सार
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस साल दो अक्तूबर तक शहरी इलाकों में पटियाला में सबसे अधिक 185, नाभा में 22, समाना में छह और राजपुरा में 10 डेंगू के केस पाए गए हैं। मंगलवार को एक ही दिन में पटियाला में 9 नए केस, नाभा में एक केस सामने आया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पटियाला में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले में 13 नए डेंगू के मामले आने पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। अब डेंगू के कुल मामलों की संख्या 365 हो गई है। अब तक डेंगू से जिले में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने घर-घर जांच अभियान तेज कर दी है। इसके साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। खास बात यह है कि अब तक सामने आए कुल डेंगू के केसों में 67 फीसदी शहरी इलाकों से हैं।
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प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस साल दो अक्तूबर तक शहरी इलाकों में पटियाला में सबसे अधिक 185, नाभा में 22, समाना में छह और राजपुरा में 10 डेंगू के केस पाए गए हैं। मंगलवार को एक ही दिन में पटियाला में 9 नए केस, नाभा में एक केस सामने आया। इस तरह से शहरी इलाकों में डेंगू के केसों की संख्या 233 पहुंच गई है।
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वहीं ग्रामीण इलाकों में ब्लाक भादसों में 17, शुतराणा में 42, कालोमाजरा में 11, कौली में 32, हरपालपुर में 12 और दूधनसाधां में 15 केस पाए गए। जबकि मंगलवार को ब्लाक कौली में तीन नए केस पाए जाने के साथ कुल केसों की संख्या 132 पहुंच गई है। जिला एपिडिमोलोजिस्ट डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि पिछले साल 2022 में भी अक्तूबर व नवंबर में डेंगू के केसों में वृद्धि देखने को मिली थी, क्योंकि बारिश के बाद लोगों की लापरवाही के चलते टूटे-फूटे बर्तनों, गमलों या फिर कूलरों में भरे पानी में पैदा लारवा से मच्छर बन जाते हैं। इनके काटने से डेंगू फैलने लगता है। विभाग पूरी तरह से चौकस हो गया है।
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घर-घर जांच मुहिम को तेज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक विभाग ने जिले में सात लाख 85 हजार घरों की जांच की और 8970 जगह पर लारवा मिलने पर नष्ट कराया। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। घरों की छतों पर रखे टूटे बर्तनों में या फिर गमलों में पानी भरने न दें। कूलरों की साफ-सफाई रखें। घरों के आसपास पानी भरने न दें। उन्होंने कहा कि बचाव से ही डेंगू को फैलने से रोका जा सकता है। लोगों को पूरे कपड़े पहनने और बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी।