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हरियाणाः 1762 बर्खास्त पीटीआई में से 120 ने ही दी परीक्षा, कठिन पेपर डालने का आरोप लगाया
Tue, 25 Aug 2020 03:52 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 25 Aug 2020 03:52 AM IST
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1762 बर्खास्त पीटीआई में से 120 ने ही रविवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 1983 पदों के लिए आयोजित परीक्षा दी। अन्य पीटीआई ने अपने 38 मृतक साथियों की विधवाओं को दिया वचन निभाया। उन्होंने लिखित परीक्षा का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति ने दावा किया है कि तमाम तिकड़मों के बावजूद सरकार 120 पीटीआई से ही रविवार को परीक्षा दिलवा पाई।
समिति ने आरोप लगाया कि जानबूझ कर इतना कठिन पेपर डाला गया जिसे पीएचडी व नेट पास अभ्यर्थी भी पास नहीं कर सकते हैं। जिन पीटीआई ने पेपर दिया है, अब वह भी बुरी तरह परेशान हैं, क्योंकि वह इसमें पास नहीं हो सकते। समिति के प्रधान धर्मेंद्र पहलवान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वजीर सिंह गांगौली व शौर्य चक्र विजेता दिलबाग जाखड़ ने बताया कि बर्खास्त पीटीआई आंदोलन को तेज करते हुए अब जनता की अदालत में जाएंगे।
इस अभियान में नौकरी बहाली के साथ-साथ सरकार की नीतियों की पोल खोलने के लिए अभियान चलाया जाएगा। निर्णयानुसार बर्खास्त पीटीआई सभी गांवों, शहरों एवं कस्बों में जनसभाओं का आयोजन करेंगे। इसकी शुरुआत बरोदा विधानसभा हलके से की जाएगी। पोल खोल अभियान में प्रदेश के सभी कर्मचारी, मजदूर, किसानों, नौजवानों, छात्रों व महिला संगठनों से सहयोग एवं समर्थन लिया जाएगा। दो महीने के संघर्ष के बावजूद बर्खास्त पीटीआई के हौसले बुलंद हैं और वह अब अपनी नौकरी बहाली को लेकर लंबी एवं निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने किया समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान सीएन भारती व महासचिव जगरोशन ने पीटीआई के पोल खोल अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए बर्खास्त पीटीआई की सेवा बहाल करने के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने की मांग की है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से 26 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मामले को जोर-शोर से उठाने का आग्रह किया है।
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समिति ने आरोप लगाया कि जानबूझ कर इतना कठिन पेपर डाला गया जिसे पीएचडी व नेट पास अभ्यर्थी भी पास नहीं कर सकते हैं। जिन पीटीआई ने पेपर दिया है, अब वह भी बुरी तरह परेशान हैं, क्योंकि वह इसमें पास नहीं हो सकते। समिति के प्रधान धर्मेंद्र पहलवान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वजीर सिंह गांगौली व शौर्य चक्र विजेता दिलबाग जाखड़ ने बताया कि बर्खास्त पीटीआई आंदोलन को तेज करते हुए अब जनता की अदालत में जाएंगे।
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इस अभियान में नौकरी बहाली के साथ-साथ सरकार की नीतियों की पोल खोलने के लिए अभियान चलाया जाएगा। निर्णयानुसार बर्खास्त पीटीआई सभी गांवों, शहरों एवं कस्बों में जनसभाओं का आयोजन करेंगे। इसकी शुरुआत बरोदा विधानसभा हलके से की जाएगी। पोल खोल अभियान में प्रदेश के सभी कर्मचारी, मजदूर, किसानों, नौजवानों, छात्रों व महिला संगठनों से सहयोग एवं समर्थन लिया जाएगा। दो महीने के संघर्ष के बावजूद बर्खास्त पीटीआई के हौसले बुलंद हैं और वह अब अपनी नौकरी बहाली को लेकर लंबी एवं निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने किया समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान सीएन भारती व महासचिव जगरोशन ने पीटीआई के पोल खोल अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए बर्खास्त पीटीआई की सेवा बहाल करने के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने की मांग की है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से 26 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मामले को जोर-शोर से उठाने का आग्रह किया है।