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और 11 साल के बच्चे को मिला नया जीवन
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 03 Mar 2014 01:58 PM IST
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मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (एमएसएसएच) में कार्डियोथोरासिस एवं वस्कुर्लर सर्जंस (सीटीवीएस) ने 11 साल के बच्चे की सर्जरी कर जन्मजात रोग से मुक्ति दिलाई है।
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अस्पताल का दावा है कि उपलब्ध मेडिकल दस्तावेजों के मुताबिक यह विश्व का दूसरा मामला है।
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को पेटेंट डक्टेस आर्टिरियोसस एक जन्मजात रोग था। इस कारण उसे अक्सर सांस उखड़ने और बेहद अधिक घबराहट होती थी।
इस प्रकार के विकार में शरीर की मुख्य धमनी एरोटा और पुलोमनरी आर्टिरी के बीच का चैनल, जो कि फेफड़ों की तरफ जाता है। खुला रह जाने से होती है।
इस विकार को दूर करने के लिए आपरेशन जल्द से जल्द करना जरूरी होता है। ताकि फेफड़ों को स्थायी तौर पर क्षतिग्रस्त होने से सुरक्षा प्रदान की जा सके।
बच्चे का इलाज कर रहे अपस्ताल के कॉर्डिक विभाग के प्रमुख डॉ.वीरेंद्र सरवाल ने बताया कि ‘‘जब हमने फेफड़ों को जाने वाली धमनी को पूरा खोला, जो कि इस के केन्द्र के बहुत करीब थी।
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उस समय हम हैरान रह गए कि वहां पर कोई चैनल था ही नहीं, परंतु अरोटा और पुलोमनरी धमनियों को अलग करने वाली दीवार वहां नहीं थी।
इस विकार में अरोटा-पुलोमनरी विंडो भी अरोटा के स्तर पर काफी असामान्य पोजीशन पर थी। हमने इस विकार को सिंथेटिक डेक्रोन पैच से बंद कर दिया और उसके बाद हमने फेफड़ों को जाने वाली धमनी को भी बंद कर दिया।
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उसके बाद मरीज को फिर से री-वार्म किया और धीरे-धीरे कर हार्ट लंग मशीन को भी हटा दिया। अब बच्चा पूरी तरह तंदरुस्त है।