{"_id":"40dc61b3ca8c4a06d9851bb81a04a76a","slug":"109-villagers-deputy-speaker-river-police-banks-of-river-sujanpur-pathankot-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावी की लहरों में बह गए 109 मवेशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावी की लहरों में बह गए 109 मवेशी
सुजानपुर (पठानकोट)।
Updated Sat, 11 Oct 2014 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रावी दरिया की लहरों में 109 मवेशी बह गए। शनिवार को गांव सदौडी के पास हुई घटना से गुज्जर परिवारों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बामुश्किन 33 भैंसों को बाहर निकाला, लेकिन बचाई गईं सात भैंसों की मौत हो गई। घटना तब हुई जब मवेशियों का झुंड नदी तट पर घास चर रहा था।
इसी बीच झुंड में शामिल ज्यादातर मवेशी दरिया में उतर गए। उधर, सूचना पाकर पुलिस के साथ मौके पर गए डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने भी घटना का जायजा लिया । पीड़ित गुज्जर परिवारों में शामिल तेगअली, हसन दीन व मुन्नु ने बताया की उनका डेरा गांव सदौडी में है। रोजना की तरह शनिवार को भी उनके परिवार के सदस्य मवेशियों के झुंड को दरिया के किनारे चराने के लिए ले गए थे।
इसी बीच झुंड में शामिल 142 मवेशी दरिया में उतर गया। बहाव तेज होने के कारण नदी में उतरे मवेशी वापस किनारे पर नहीं लौट सके और अपरवारी दोआब व व्यास लिंक नहर में में बह गए। गुज्जर समुदाय के लोगों ने अपरवारी दोआब नहर व्यास लिंक में बहे मवेशियों में से 33 को किसी प्रकार बाहर निकाला। बाहर निकाली गईं सात भैंसें गंभीर रूप से घायल थीं। ऐसे में कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
जबकि बाकी 109 भैंसों का पता नहीं चल पाया। बताया जाता है कि संबंधित गुज्जर परिवार के लिए दूध उत्पादन ही आय का एक मात्र जरिया है। इस बीच मौके पर गए डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू व भाजपा अलपसंख्यक मोर्चा के जिला महासचिव लियाकत अली से पीड़ित परिवारों ने मुआवजे की मांग की। इस पर डिप्टी स्पीकर ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
इसी बीच झुंड में शामिल ज्यादातर मवेशी दरिया में उतर गए। उधर, सूचना पाकर पुलिस के साथ मौके पर गए डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने भी घटना का जायजा लिया । पीड़ित गुज्जर परिवारों में शामिल तेगअली, हसन दीन व मुन्नु ने बताया की उनका डेरा गांव सदौडी में है। रोजना की तरह शनिवार को भी उनके परिवार के सदस्य मवेशियों के झुंड को दरिया के किनारे चराने के लिए ले गए थे।
विज्ञापन
इसी बीच झुंड में शामिल 142 मवेशी दरिया में उतर गया। बहाव तेज होने के कारण नदी में उतरे मवेशी वापस किनारे पर नहीं लौट सके और अपरवारी दोआब व व्यास लिंक नहर में में बह गए। गुज्जर समुदाय के लोगों ने अपरवारी दोआब नहर व्यास लिंक में बहे मवेशियों में से 33 को किसी प्रकार बाहर निकाला। बाहर निकाली गईं सात भैंसें गंभीर रूप से घायल थीं। ऐसे में कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
जबकि बाकी 109 भैंसों का पता नहीं चल पाया। बताया जाता है कि संबंधित गुज्जर परिवार के लिए दूध उत्पादन ही आय का एक मात्र जरिया है। इस बीच मौके पर गए डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू व भाजपा अलपसंख्यक मोर्चा के जिला महासचिव लियाकत अली से पीड़ित परिवारों ने मुआवजे की मांग की। इस पर डिप्टी स्पीकर ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।