फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

रामपाल केस में पुलिस की नाकामी, 10 कारण

Wed, 19 Nov 2014 01:46 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Nov 2014 01:46 PM IST
विज्ञापन
10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

सतलोक आश्रम के संस्थापक संत रामपाल की गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस का खुफिया तंत्र फेल साबित हुआ है। सरकार के आला अधिकारी संत समर्थकों की घेराबंदी का तोड़ नहीं निकल पाए।

विज्ञापन


बताया जाता है आश्रम में अनुयायियों का जमावड़ा छह नवंबर से ही जुटना शुरू हो गया था। इसमें कई हथियार बंद लोग शामिल थे। बड़ी संख्या में आश्रम में लाइसेंसी और अवैध हथियार मौजूद हैं, लेकिन पुलिस के आला अधिकारी इस बात की जानकारी नहीं जुटा सके।
विज्ञापन


इसके अलावा सतलोक के अनुयायियों ने मानव दीवार बना रखी थी। इसके अलावा आश्रम के अंदर काफी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडरों को डंप किया गया ताकि जरूरत पड़े तो धमाका किया जाए। यही वजह रही कि पुलिस को रामपाल की गिरफ्तारी से हाथ पीछे खींचने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 नवंबर से जुटने लगे थे अनुयायी

10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

किले की तरह बने इस आश्रम में 6 से 9 नवंबर तक सत्संग के लिए अनुयायियों को बुलाया गया था। इसमें हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों के लोग भी शामिल हैं।

पुलिस के ऑपरेशन के समय तक आश्रम के अंदर दस से पंद्रह हजार लोग मौजूद थे। इन पर काबू करने के लिए पूरे प्रदेश का पुलिस अमला लगाना पड़ा।

पुलिस का दावा है कि आश्रम के अंदर से पुलिस पर गोलियां चलाई गईं। अंदर से तेजाब के पाउच बनाकर फेंके गए। पेट्रोल बम से हमला किया गया।

इतना सब कुछ हो गया और पुलिस का खुफिया तंत्र क्या करता रहा। इस बात का जवाब न तो हरियाणा पुलिस के डीजीपी और न ही अन्य आला अधिकारी के पास।

ये पांच नाकामियां भी रहीं

10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

1. कैसे पहुंचे हथियार
15 हजार से ज्यादा लोग एक जगह हथियार के साथ इकट्ठे हुए पुलिस को पता नहीं चला
2. कहां से आए सिलेंडर
आश्रम में इतने एलपीजी सिलेंडर कहां से इकट्ठे किए गए, आयोजन में सिलेंडर के लिए प्रशासन से लेती होती है अनुमति
3. आदेश की तामील में ढिलाई क्यों
संत रामपाल हाईकोर्ट पेश करने के आदेश के बावजूद कार्रवाई में क्यों हुई देरी  
4. कैसे पहुंचा तेजाब
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार बिना पहचान के नहीं होती तेजाब की बिक्री
5. प्रशासन ने क्यों नहीं जांची व्यवस्था
आश्रम में सत्संग के लिए पहले से ही अनुयायी जुटने लगे थे लेकिन प्रशासन ने आश्रम की व्यवस्था नहीं जांची

करौंथा कांड से भी सबक नहीं ले सकी हरियाणा पुलिस

10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

हरियाणा पुलिस ने करीब डेढ़ साल पहले करौंथा में हुए विवाद के बाद भी सबक नहीं लिया। उस समय भी संत रामपाल के अनुयायियों और आर्य समाजियों के बीच विवाद हुआ था।

उस समय भी आश्रम में भारी संख्या में हथियार मौजूद थे। गोलीबारी भी हुई थी लेकिन किसी तरह बीच का रास्ता निकाल सभी अनुयायियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आश्रम से बाहर निकाल लिया गया था।

गैस सिलेंडर का डंप देख पीछे हटे पुलिस के कदम
हरियाणा पुलिस ने आश्रम के अंदर घुसने के लिए करीब दस फुट दीवार का हिस्सा तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस को पता चला कि आश्रम में जमीन के अंदर सैकड़ों एलपीजी सिलेंडर डंप हैं। ऐसे में पेट्रोल बम लेकर खड़े रामपाल समर्थको ने पुलिस के कदम रोक दिए। जिसके बाद पुलिस ने आपरेशन की कार्रवाई रोक दी।

गिरफ्तार नहीं करने का ठोस कारण नहीं पुलिस के पास

10 Reasons behind Haryana Police Failure in Satlok Ashram Sant Rampal Case

हरियाणा पुलिस के पास अब तक संत रामपाल की गिरफ्तारी न होने का कोई ठोस कारण नहीं है। प्रदेश के थानों की पुलिस आपरेशन रामपाल में जुटी है। हरियाणा रोडवेज की बसें से अनुयायिओं को आश्रम से बाहर निकालने में लगी हैं। ऐसे में प्रदेश की आम जनता का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

राज्य की अफसरशाही अब इस मामले में फजीहत होने के बाद अपने तर्क दे रही है। पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ के मुताबिक आमतौर पर सत्संग के समय इस आश्रम में 7-8 हजार लोग होते हैं।  6 से 9 नवंबर को सत्संग के लिए लोग यहां एकत्रित हुए थे। लाइसेंसशुदा हथियार के साथ जाने पर किसी को कानूनन रोका भी नहीं जा सकता।

10 नवंबर आश्रम की बिजली और जलापूर्ति काट दी गई थी। आश्रम की ओर से 315 बोर की बंदूक, रिवाल्वर की गोलियां दागे जाने के  सबूत मिले हैं। स्वचालित हथियार से गोली चलाने के सबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि अनुयायियों में कुछ सेना व पुलिस के सेवानिवत्त कर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने अनुयायियों को प्रशिक्षित भी किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed