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आयकर विभाग ने जारी किया 64,700 करोड़ का रिफंड, निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दी जानकारी
Tue, 25 Jun 2019 01:20 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 25 Jun 2019 01:20 AM IST
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income tax
आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के दौरान एक अप्रैल से लेकर 18 जून तक कुल 64,700 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान विभाग ने कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया था। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में दी।
सीतारमण ने बताया कि आकलन वर्ष 2018-19 (वित्त वर्ष 2017-18) के लिए 6.49 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न जमा किए गए थे, जो आकलन वर्ष 2017-18 के 5.47 करोड़ रिटर्न से 18.65 फीसदी अधिक हैं। उन्होंने बताया कि 2018-19 में करदाताओं को समय पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की याद दिलाने के लिए 26.9 करोड़ एसएमएस और ई-मेल भेजे गए।
उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं सहित सभी करदाताओं के लिए रिफंड जारी करना सरकार की पहली प्राथमिकताओं में शामिल है। 0.5 फीसदी से भी कम आईटीआर को जांच के लिए चुना गया है। अधिकांश रिटर्न पर तेजी से कार्रवाई की गई है और रिफंड जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से आईटीआर की प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाला समय लगातार कम हो रहा है।
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रिफंड देने में होगी आसानी
वित्त मंत्री ने बताया कि जनवरी, 2019 में सरकार ने समय पर रिटर्न की प्रक्रिया पूरी करने को आयकर विभाग के लिए 2.0 परियोजना के तहत ई-फाइलिंग और केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) को एकीकृत करने की मंजूरी दी थी। इस परियोजना के तहत आयकर विभाग की ओर से आईटीआर की प्री-फाइलिंग की योजना तैयार की गई है। इससे आयकरदाता की सटीक जानकारी जुटाकर उन्हें जल्द रिफंड देने में आसानी होगी।
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सीतारमण ने बताया कि आकलन वर्ष 2018-19 (वित्त वर्ष 2017-18) के लिए 6.49 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न जमा किए गए थे, जो आकलन वर्ष 2017-18 के 5.47 करोड़ रिटर्न से 18.65 फीसदी अधिक हैं। उन्होंने बताया कि 2018-19 में करदाताओं को समय पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की याद दिलाने के लिए 26.9 करोड़ एसएमएस और ई-मेल भेजे गए।
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उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं सहित सभी करदाताओं के लिए रिफंड जारी करना सरकार की पहली प्राथमिकताओं में शामिल है। 0.5 फीसदी से भी कम आईटीआर को जांच के लिए चुना गया है। अधिकांश रिटर्न पर तेजी से कार्रवाई की गई है और रिफंड जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से आईटीआर की प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाला समय लगातार कम हो रहा है।
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रिफंड देने में होगी आसानी
वित्त मंत्री ने बताया कि जनवरी, 2019 में सरकार ने समय पर रिटर्न की प्रक्रिया पूरी करने को आयकर विभाग के लिए 2.0 परियोजना के तहत ई-फाइलिंग और केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) को एकीकृत करने की मंजूरी दी थी। इस परियोजना के तहत आयकर विभाग की ओर से आईटीआर की प्री-फाइलिंग की योजना तैयार की गई है। इससे आयकरदाता की सटीक जानकारी जुटाकर उन्हें जल्द रिफंड देने में आसानी होगी।