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चीनी मोबाइल कंपनी हुआवे की अपील, 5जी ट्रायल पर स्वतंत्र निर्णय ले भारत
Mon, 24 Jun 2019 05:13 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 24 Jun 2019 05:13 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
चीन की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी हुआवे ने भारत से अपील की है कि उसे देश में 5जी परीक्षण की अनुमति देने के मामले में सही जानकारी के साथ स्वतंत्र तरीके से निर्णय लिया जाए। बता दें कि अमेरिका ने दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार उपकरण व दूसरे नंबर की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी पर सुरक्षा खतरों के डर से प्रतिबंध लगा रखा है।
साथ ही वाशिंगटन की तरफ से अन्य देशों पर भी इस चीनी दूरसंचार कंपनी की कामकाज को नियंत्रित करने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, भारत को अभी यह निर्णय लेना है कि वह हुआवे पर प्रतिबंध लगाएगा या इस चीनी दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी को आगामी 5जी परीक्षण में भाग लेने की अनुमति देगा। भारत सरकार ने अगले 100 दिन के अंदर देश में 5जी सेवाओं का परीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया है।
चीन के शेनझेन प्रांत में स्थापित इस कंपनी ने अपने बयान में कहा, भारत सरकार या किसी अन्य देश को अपने नेटवर्क और डाटा की सुरक्षा के लिए अपने मानकों, परीक्षण प्रणाली और नीतियों के जरिये स्वतंत्र तरीके से राय बनानी चाहिए। प्रमाणों और तथ्यों के आधार पर साइबर सुरक्षा जोखिमों से निपटा जाना चाहिए। डर से किसी को प्रतिबंधित करने के बजाय जांच और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
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दूरसंचार मंत्री जता चुके हैं चिंता
इसी महीने के शुरू में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद हुआवे को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी 5जी परीक्षण में हुआवे को मौका देने को लेकर हमारे अपने सुरक्षा मुद्दे हैं। उन्होंने कहा था कि हम इस पर ठोस राय बनाएंगे। यह सिर्फ प्रौद्योगिकी का मामला नहीं है बल्कि यहां सुरक्षा का भी मुद्दा है। किसी कंपनी को 5जी परीक्षण में भागीदारी की अनुमति दी जाए या नहीं, यह सुरक्षा मुद्दों के साथ जटिल सवाल है। प्रसाद के बयान के बाद पिछले सप्ताह चीन के विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को अमेरिकी प्रतिबंध से निर्देशित होने के बजाय भारत को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए।
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साथ ही वाशिंगटन की तरफ से अन्य देशों पर भी इस चीनी दूरसंचार कंपनी की कामकाज को नियंत्रित करने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, भारत को अभी यह निर्णय लेना है कि वह हुआवे पर प्रतिबंध लगाएगा या इस चीनी दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी को आगामी 5जी परीक्षण में भाग लेने की अनुमति देगा। भारत सरकार ने अगले 100 दिन के अंदर देश में 5जी सेवाओं का परीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया है।
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चीन के शेनझेन प्रांत में स्थापित इस कंपनी ने अपने बयान में कहा, भारत सरकार या किसी अन्य देश को अपने नेटवर्क और डाटा की सुरक्षा के लिए अपने मानकों, परीक्षण प्रणाली और नीतियों के जरिये स्वतंत्र तरीके से राय बनानी चाहिए। प्रमाणों और तथ्यों के आधार पर साइबर सुरक्षा जोखिमों से निपटा जाना चाहिए। डर से किसी को प्रतिबंधित करने के बजाय जांच और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
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दूरसंचार मंत्री जता चुके हैं चिंता
इसी महीने के शुरू में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद हुआवे को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी 5जी परीक्षण में हुआवे को मौका देने को लेकर हमारे अपने सुरक्षा मुद्दे हैं। उन्होंने कहा था कि हम इस पर ठोस राय बनाएंगे। यह सिर्फ प्रौद्योगिकी का मामला नहीं है बल्कि यहां सुरक्षा का भी मुद्दा है। किसी कंपनी को 5जी परीक्षण में भागीदारी की अनुमति दी जाए या नहीं, यह सुरक्षा मुद्दों के साथ जटिल सवाल है। प्रसाद के बयान के बाद पिछले सप्ताह चीन के विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को अमेरिकी प्रतिबंध से निर्देशित होने के बजाय भारत को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए।