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प्याज, आलू सस्ता होने से दिसंबर में 1.22 फीसदी पर पहुंची थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति

Thu, 14 Jan 2021 12:34 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 14 Jan 2021 12:34 PM IST
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wholesale price based inflation slowed in December 2020 on easing food prices
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में गिरावट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

भारत सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी कर दिए हैं। दिसंबर 2020 में देश की थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति घटकर 1.22 फीसदी पर आ गई है। खाद्य वस्तु जैसे प्याज और आलू के दाम घटने से थोक मुद्रास्फीति घटी है। नवंबर 2020 में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मद्रास्फीति 1.55 फीसदी पर थी। 

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दिसंबर 2019 में यह आंकड़ा 2.76 फीसदी था। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर नवंबर 2020 में 4.27 फीसदी पर थी, जो दिसंबर में घटकर 0.92 फीसदी रह गई। उल्लेखनीय है कि दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति भी घटकर 4.59 फीसदी पर आ गई है। मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं के दाम घटने से खुदरा मुद्रास्फीति नीचे आई है।
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थोक आधार पर दिसंबर में सब्जियों के दाम 13.2 फीसदी घट गए। इससे पिछले महीने सब्जियां 12.24 फीसदी महंगी हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में प्याज कीमतों में 54.69 फीसदी की गिरावट आई। नंवबर में प्याज 7.58 फीसदी सस्ता हुआ था। वहीं दिसंबर में आलू के दाम 37.75 फीसदी बढ़े, जबकि नवंबर में आलू 115.12 फीसदी महंगा हुआ था। इसके अलावा दिसंबर में मोटे अनाज, धान, गेहूं और दालों की मुद्रास्फीति भी नवंबर की तुलना में घट गई। हालांकि, दिसंबर में फलों के थोक दाम नवंबर से अधिक थे। 

समीक्षाधीन महीने में जहां खाद्य वस्तुओं की महंगाई घटी वहीं विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति बढ़कर 4.24 फीसदी हो गई। नवंबर में यह 2.97 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों में खाद्य उत्पादन, बेवरेज, कपड़ा, रसायन, फार्मास्युटिकल्स और सीमेंट आते हैं। दिसंबर में ईंधन और बिजली खंड की थोक महंगाई में मामूली वृद्धि हुई। उल्लेखनीय है कि दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति भी घटकर 4.59 फीसदी पर आ गई है। मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं के दाम घटने से खुदरा मुद्रास्फीति नीचे आई है। 

खुदरा मुद्रास्फीति में भी गिरावट
खुदरा मुद्रास्फीति की बात करें, तो पिछले साल दिसंबर में यह 4.59 फीसदी पर रही। सरकार ने बताया कि नवंबर में यह दर 6.93 फीसदी पर थी। इससे पहले सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बताया कि औद्योगिक उत्पादन की इंडेक्स पिछले साल 126.3 पर रही जो कि नवंबर 2019 की तुलना में 1.9 फीसदी कम है। खाने का सामान सस्ता हाने से खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में तेजी से घटकर 4.59 फीसदी रह गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इससे पिछले महीने नवंबर में 6.93 फीसदी रही थी।


सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार खाद्य मुद्रस्फीति दिसंबर 2020 में घटकर 3.41 फीसदी रह गयी जो एक महीने पहले 9.5 फीसदी थी। मालूम हो कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है।

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