फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Tesla entry into Indian market not have any impact on domestic electric car manufacturing companies

Automobiles: टेस्ला के आने से भारतीय ईवी कंपनियों पर नहीं पड़ेगा असर, कंपनी भारत में नहीं बनाएगी कार

Thu, 17 Jul 2025 07:11 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 17 Jul 2025 07:11 AM IST
सार

दरअसल, टेस्ला ने भारत में जिस मिड-साइज एसयूवी वाई मॉडल को लॉन्च किया है, उसकी शुरुआती कीमत करीब 60 लाख रुपये है। यह कार भारत में नहीं बनेगी, बल्कि टेस्ला इसे अपने शंघाई विनिर्माण प्लांट से पूरी तरह से निर्मित इकाई (सीबीयू) के रूप में आयात करेगी। 

विज्ञापन
Tesla entry into Indian market not have any impact on domestic electric car manufacturing companies
टेस्ला कार - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

एलन मस्क के स्वामित्व वाली टेस्ला के भारतीय बाजार में कदम रखने से इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली घरेलू वाहन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसकी प्रमुख वजह टेस्ला कारों की अत्यधिक कीमत है। दरअसल, टेस्ला ने भारत में जिस मिड-साइज एसयूवी वाई मॉडल को लॉन्च किया है, उसकी शुरुआती कीमत करीब 60 लाख रुपये है। यह कार भारत में नहीं बनेगी, बल्कि टेस्ला इसे अपने शंघाई विनिर्माण प्लांट से पूरी तरह से निर्मित इकाई (सीबीयू) के रूप में आयात करेगी। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: SEBI: म्यूचुअल फंड में सोने-चांदी की वैल्यू घरेलू कीमतों के आधार पर तय हो, बाजार नियामक सेबी का प्रस्ताव
विज्ञापन


बड़ी वजह...अत्यधिक कीमत
भारत में 40,000 डॉलर (34.38 लाख रुपये) तक की कीमत वाली आयातित कारों पर 70 फीसदी और इससे अधिक मूल्य वाली कारों पर 100 फीसदी टैक्स लगता है। यह टैक्स लागत, बीमा और माल ढुलाई (सीआईएफ) पर लगाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
  • आयात शुल्क के कारण वाई मॉडल की शुरुआती कीमत टाटा मोटर्स की हैरियर.ईवी और महिंद्रा की एक्सईवी 9ई के टॉप वेरिएंट से काफी अधिक है।
  • हैरियर.ईवी 21.49-30.23 लाख और एक्सईवी 9ई 21.90-31.25 लाख की है।

टेस्ला का 45-60 लाख की कीमत रेंज में बीवाईडी, ह्यूंडई और किआ जैसी कंपनियों से मुकाबला होने की संभावना है। वर्तमान में ईवी सेगमेंट पर हावी भारतीय कार निर्माताओं को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। -सोम कपूर, पार्टनर, ईवाई-पार्थेनॉन

टेस्ला की मौजूदगी टाटा और महिंद्रा को फीचर इनोवेशन, उत्पाद की बेहतरी और ग्राहक जुड़ाव पर दोगुना ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगी। -गौरव वंगाल, एसोसिएट डायरेक्टर, एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी

ये भी पढ़ें: Trade: भारत और अमेरिका के बीच जल्द हो सकता है व्यापार समझौता, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दिए संकेत


भारत टेस्ला के लिए जरूरी है या मजबूरी
विशेषज्ञों का कहना है, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो मार्केट भारत में ई-वाहन बाजार तेजी रफ्तार से बढ़ रहा है। इसके विपरीत, टेस्ला की वैश्विक ई-वाहन बिक्री जून तिमाही में 13.5 फीसदी घटी है और कंपनी को चीनी कारों से कड़ी चुनौती मिल रही है। ऐसे में टेस्ला के लिए भारत आना जरूरी हो गया था।

  • भारतीय ई-वाहन बाजार के 2030 तक सालाना 22-25 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। इस अवधि में यह बाजार बढ़कर 10 लाख करोड़ का होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed