Business News: नियमों के उल्लंघन पर एआईएफ के मामलों की जांच कर रहे आरबीआई और सेबी, पढ़ें व्यापार जगत की खबरें
भारत में इस्पात की मांग के 2023 में 8.6 फीसदी की स्वस्थ वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। इस दौरान वैश्विक वृद्धि महज 1.8 फीसदी रहने का अनुमान है। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन ने सोमवार को कहा, वैश्विक स्तर पर इस्पात मांग 2022 में 3.3 फीसदी घटी थी।
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बाजार नियामक सेबी व बैंकिंग नियामक आरबीआई वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के लगभग एक दर्जन मामलों की जांच कर रहे हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने नियमों को दरकिनार कर काम किया है। जांच में निजी क्रेडिट फंड सहित कई अन्य खुलासे हो सकते हैं। इन एआईएफ ने स्थानीय और वैश्विक हाई नेटवर्थ निवेशकों से अरबों डॉलर निकाले हैं। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने पिछले सप्ताह मुंबई में आयोजित एक सम्मेलन में कहा था कि हमने पाया है कि वैकल्पिक निवेश कोष संरचनाओं का इस्तेमाल अन्य नियमों को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा है।
200 अरब रुपये के दुरुपयोग की आशंका
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 150 अरब से 200 अरब रुपये से जुड़े कम से कम एक दर्जन मामलों का पता लगाया है। आरबीआई सहित अन्य वित्तीय नियामकों के नियमों को दरकिनार करने के लिए एआईएफ का दुरुपयोग किया गया है। एआईएफ 8.4 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन करता है।
देश में इस साल 8.6 फीसदी बढ़ सकती है इस्पात की मांग
भारत में इस्पात की मांग के 2023 में 8.6 फीसदी की स्वस्थ वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। इस दौरान वैश्विक वृद्धि महज 1.8 फीसदी रहने का अनुमान है। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन ने सोमवार को कहा, वैश्विक स्तर पर इस्पात मांग 2022 में 3.3 फीसदी घटी थी। हालांकि, 2024 में मांग 1.9 फीसदी बढ़कर 184.91 करोड़ टन तक पहुंच सकती है। एसोसिएशन ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दर के दबाव के बावजूद स्थिर बनी हुई है।
इस्पात की मांग के कारण इसकी उच्च वृद्धि की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है। वर्ल्डस्टील इकोनॉमिक्स कमेटी के चेयरमैन मैक्सिमो वेदोया ने कहा कि इस्पात की मांग पर उच्च महंगाई व ब्याज दर का असर दिख रहा है। सख्त मौद्रिक नीति के विलंबित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निकाय को 2024 में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में इस्पात की मांग में सुधार धीमा रहने की उम्मीद है।
जीएसटी नोटिस के कारण डेल्टाटेक ने टाला आईपीओ
जीएसटी महानिदेशालय की ओर से लगातार मिल रहे नोटिस के बाद गेमिंग कंपनी डेल्टा कॉर्प ने डेल्टाटेक गेमिंग का आईपीओ फिलहाल टाल दिया है। पिछले साल कंपनी ने इस साल के अंत तक इसका आईपीओ लाने की घोषणा की थी। डेल्टा कॉर्प के मुख्य वित्तीय अधिकारी अनिल मलानी ने कहा, एक अक्तूबर के बाद से कंपनी के राजस्व में कमी आ रही है क्योंकि ग्राहक कसीनो में छोटे लॉट की खरीदी कर रहे हैं।
बजाज फाइनेंस को 3,551 करोड़ का लाभ
बजाज फाइनेंस को सितंबर तिमाही में 3,551 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले समान तिमाही के मुकाबले यह 28 फीसदी अधिक है। कंपनी के कर्ज की संख्या इस दौरान 26 फीसदी बढ़कर 83.5 लाख रही जो एक साल पहले 67.6 लाख रही थी।